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कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आए पांच लोग आइसोलेट
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कंटेनमेंट जोन में सुरक्षा किट पहनकर सब्जी बेचने जाते रेहड़ी चालक।
- फोटो : Sirsa
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शहर के सी ब्लॉक में शनिवार को कोरोना वायरस का एक पॉजिटिव मामला सामने आया था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और आशा वर्कर्स की टीम ने सर्वे शुरू कर दिया है। पहले दिन विभाग की पांच टीमों ने 60 घरों के 326 सदस्यों की स्क्रीनिंग की है। जिसमें कोई भी व्यक्ति संदिग्ध नहीं मिला है। वहीं सी ब्लॉक को कंटेनमेंट जोन और साथ लगती कॉलोनी बी ब्लॉक को बफर जोन घोषित किया गया है। कंटेनमेंट जोन में रेहड़ी चालक सुरक्षा उपकरण पहन कर सब्जी और अन्य सामान लोगों के घरों तक पहुंचा रहे हैं। सी ब्लॉक के संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में कुल पांच लोग आए थे, जिन्हें सिविल अस्पताल में आइसोलेट कर दिया है। बता दें कि सिरसा में अबतक आठ लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं, जिनमें से शिवनगर कॉलोनी का युवक और सी ब्लॉक का व्यक्ति सिविल अस्पताल में आइसोलेट हैं, वहीं 6 लोगों स्वस्थ हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात शहर के सी ब्लॉक में एक 56 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला, वह 14 मई को अपनी कोराना पॉजिटिव बेटी से मिलने के लिए दिल्ली गया था। दिल्ली के अपोलो अस्पताल ने उसका सैंपल लिया था और सिरसा प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी। सिरसा आते ही स्वास्थ्य विभाग ने पति पत्नी दोनों को सिविल अस्पताल में आइसोलेट कर दिया। जिसकी शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई, हालांकि पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने सी-ब्लॉक के मकान नंबर 179 से 184, 196 से 205, 207 से 208, 215 से 227, 231 से 234, 256 से 259 और 260 से 271 तक के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया। वहीं सी ब्लॉक के शेष क्षेत्र और साथ लगती कॉलोनी बी ब्लॉक को बफर जोन घोषित किया गया है। रविवार को कॉलोनी के पूरे क्षेत्र के साथ-साथ प्रत्येक मकान को सैनिटाइज किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने आशा वर्कर्स और एएनएम की 10 टीमें तैयार की है, जो कंटेनमेंट जोन में आने वाले हर घर को सैनिटाइज करने के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग और थर्मल स्कैनिंग शुरू कर दी है। जिले के लिए अच्छी बात यह रही कि पहले दिन चले सर्वे में कोई भी संदिग्ध नहीं मिला। सर्वे के दौरान निगरानी के लिए दो सुपरवाइजर और एक महिला एवं बाल विकास अधिकारी को तैनात किया गया है। वहीं कोरोना पॉजिटिव मिले सी ब्लॉक के व्यक्ति के दिल्ली आने के बाद पांच लोग संपर्क में आए थे, जिनकी सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर सैंपल लेकर जांच को भेज दिया है।
कंटेनमेंट और बफर जोन में आवागमन रहेगा बंद : डीसी
उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कंटेनमेंट जोन और बफर जोन के पूरे क्षेत्रों को पूरी तरह से सैनिटाइज करवाना सुनिश्चित करें। कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण जैसे चेहरे के मुखौटे, दस्ताने, टोपी, सैनिटाइजर, जूते उपलब्ध करवाने के साथ सामाजिक दूरी की अनुपालन करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन के निवासियों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करते हुए पर्याप्त संख्या में नाकों की स्थापना करेगा। इसके साथ-साथ बफर जोन की आवश्यक बैरिकेडिंग की लाएगी, इसकी जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी की रहेगी।
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सुरक्षा किट पहनकर लोगों तक पहुंचाया सामान
कंटेनमेंट जोन सी ब्लॉक और बफर जोन बी ब्लॉक में लोगों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी है। जिसमें लोगों के घरों तक सामान पहुंचाने के लिए प्रशासन ने गाड़ियों और रेहड़ी चालकों को पास जारी किए हैं जो अंदर जाकर घरों में सब्जी देकर आएंगे। पहले दिन सुबह दूध और लस्सी देने के लिए एक गाड़ी पहुंची जिसमें तीन लोग थे, जो पूरी तरह सुरक्षा किट पहनकर अंदर गए थे। वहीं पहले दिन सी ब्लॉक में दोपहर के समय दो रेहड़ी चालक सब्जी लेकर जब अंदर गए तो किसी भी घर के सदस्य ने सब्जी नहीं ली। जिस पर रेहड़ी चालक वापस लौट आए।
जीआरजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बनाया कंट्रोल मुख्यालय
उपायुक्त ने बताया कि कंटेनमेंट जोन और बफर जोन में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मत्स्य विभाग के सीईओ अनिल गाबा 9416100266 और जिला समाज कल्याण अधिकारी नरेश बत्रा 9466613035 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया गया है। जीआरजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष नंबर 01666240385 है। कंट्रोल रूम के इंचार्ज उपनिदेशक जिला उद्योग केंद्र गुरप्रताप सिंह 9416335914 होंगे। इसके अलावा डीपीओ डॉ. दर्शना सिंह और नागरिक अस्पताल के एपिडेमोलॉजिस्ट संजय की भी ड्यूटी रहेगी। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम में कोरोना वायरस के बचाव के सभी आवश्यक व्यक्तिगत उपकरण और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार जीआरजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन की यह जिम्मेदारी रहेगी कि वे कंट्रोल रूम में सफाई व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और सुचारु बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
जांच को भेजे गए 1125 लोगों के सैंपल, 1071 की रिपोर्ट आई निगेटिव
सीएमओ सुरेंद्र नैन ने बताया कि जिला में बाहर से आए सभी 1566 लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। इनमें से 610 लोगों ने अपना 28 दिन का क्वारंटीन पीरियड पूरा कर लिया है। जांच के लिए कुल 1125 लोगों के सैंपल भेजे गए, जिनमें से 1071 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि 36 की रिपोर्ट लंबित है, जबकि 6 सैंपल रिजेक्ट हुए हैं। जिला में अब दो कोरोना पॉजिटिव केस है। सीएमओ सुरेंद्र नैन ने कहा कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने की मुहिम में जिलावासी सहयोग करें। नागरिक लॉकडाउन के दौरान सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखें और जरूरी काम से ही घर से बाहर निकलें और मास्क जरूर पहनें। इसके अलावा दूसरे जिला से किसी के घर उसका कोई रिश्तेदार या कोई परिचित आता है, तो उसकी जानकारी या सूचना के लिए स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 108 और फोन नंबर 01666241155 पर संपर्क कर सकते हैं।
55 दिनों में जिले में आठ कोरोना संक्रमित मिले, छह हुए ठीक, दो भर्ती
सिरसा। पूरे देश में लॉकडाउन लगे हुए 55 दिन हो चुके हैं। इस दौरान जिले में कुल आठ कोरोना संक्रमित मिले हैं। जिसमें करीब छह लोग ठीक होकर वापस अपने घर जा चुके हैं बाकी दो लोग अभी भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है। लॉकडाउन की जब शुरूआत हुई तो लॉकडाउन केे लॉकडाउन- 1 का नाम दिया गया। पहला लॉकडाउन 24 मार्च से लेकर 15 अप्रैल तक चला। जिस दौरान पहले लॉकडाउन के दौरान दो बच्चे और दो व्यस्क कोरोना संक्रमित मिले। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने दो बच्चों को बीती 14 अप्रैल को स्वस्थ कर घर भेज दिया और उसके बाद जमातियों के संपर्क में आई महिला को घर भेज दिया। वहीं 17 अप्रैल को जिले की महिला कोरोना को मात देकर घर पर पहुंची। 15 अप्रैल के बाद लॉकडाउन- 2 की शुरूआत हुई, जो तीन मई तक चला। इस दौरान कोई भी कोरोना संक्रमित केस जिले में नहीं आया। वहीं जब लॉकडाउन तीन की शुरूआत हुई, जो तीन मई से लेकर 17 मई तक चला। इस दौरान चार लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। इसमें दो नांदेड से आए श्रद्धालु भी कोरोना पॉजिटिव मिले जो 15 मई को ठीक होकर वापस घर लौट गए। वहीं शहर में एक युवक बिना किसी संक्रमित के संपर्क में आए कोरोना पॉजिटिव पाया गया तथा दूसरा मरीज दिल्ली से कोरोना संक्रमित अपनी बेटी से मिलकर सिरसा पहुंचा, जो कोरोना पॉजिटिव पाया गया। अभी तक जिले में केवल दो ही कोरोना संक्रमित मरीज हैं और कोरोना को मात देकर अपने घर लौट गए हैं।
कोरोना संक्रमित दोनों मरीज अब ठीक है। दोनों का इलाज चल रहा है।
- डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।
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जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात शहर के सी ब्लॉक में एक 56 वर्षीय व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव मिला, वह 14 मई को अपनी कोराना पॉजिटिव बेटी से मिलने के लिए दिल्ली गया था। दिल्ली के अपोलो अस्पताल ने उसका सैंपल लिया था और सिरसा प्रशासन को इसकी जानकारी दी थी। सिरसा आते ही स्वास्थ्य विभाग ने पति पत्नी दोनों को सिविल अस्पताल में आइसोलेट कर दिया। जिसकी शनिवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आई, हालांकि पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने सी-ब्लॉक के मकान नंबर 179 से 184, 196 से 205, 207 से 208, 215 से 227, 231 से 234, 256 से 259 और 260 से 271 तक के क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया। वहीं सी ब्लॉक के शेष क्षेत्र और साथ लगती कॉलोनी बी ब्लॉक को बफर जोन घोषित किया गया है। रविवार को कॉलोनी के पूरे क्षेत्र के साथ-साथ प्रत्येक मकान को सैनिटाइज किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने आशा वर्कर्स और एएनएम की 10 टीमें तैयार की है, जो कंटेनमेंट जोन में आने वाले हर घर को सैनिटाइज करने के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति की घर-घर जाकर स्क्रीनिंग और थर्मल स्कैनिंग शुरू कर दी है। जिले के लिए अच्छी बात यह रही कि पहले दिन चले सर्वे में कोई भी संदिग्ध नहीं मिला। सर्वे के दौरान निगरानी के लिए दो सुपरवाइजर और एक महिला एवं बाल विकास अधिकारी को तैनात किया गया है। वहीं कोरोना पॉजिटिव मिले सी ब्लॉक के व्यक्ति के दिल्ली आने के बाद पांच लोग संपर्क में आए थे, जिनकी सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर सैंपल लेकर जांच को भेज दिया है।
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उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ान ने नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे कंटेनमेंट जोन और बफर जोन के पूरे क्षेत्रों को पूरी तरह से सैनिटाइज करवाना सुनिश्चित करें। कर्मचारियों को व्यक्तिगत रूप से व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण जैसे चेहरे के मुखौटे, दस्ताने, टोपी, सैनिटाइजर, जूते उपलब्ध करवाने के साथ सामाजिक दूरी की अनुपालन करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन के निवासियों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई ऐसा करता पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके लिए पुलिस विभाग द्वारा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती करते हुए पर्याप्त संख्या में नाकों की स्थापना करेगा। इसके साथ-साथ बफर जोन की आवश्यक बैरिकेडिंग की लाएगी, इसकी जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी की रहेगी।
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कंटेनमेंट जोन सी ब्लॉक और बफर जोन बी ब्लॉक में लोगों की आवाजाही पूर्ण रूप से बंद कर दी है। जिसमें लोगों के घरों तक सामान पहुंचाने के लिए प्रशासन ने गाड़ियों और रेहड़ी चालकों को पास जारी किए हैं जो अंदर जाकर घरों में सब्जी देकर आएंगे। पहले दिन सुबह दूध और लस्सी देने के लिए एक गाड़ी पहुंची जिसमें तीन लोग थे, जो पूरी तरह सुरक्षा किट पहनकर अंदर गए थे। वहीं पहले दिन सी ब्लॉक में दोपहर के समय दो रेहड़ी चालक सब्जी लेकर जब अंदर गए तो किसी भी घर के सदस्य ने सब्जी नहीं ली। जिस पर रेहड़ी चालक वापस लौट आए।
जीआरजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बनाया कंट्रोल मुख्यालय
उपायुक्त ने बताया कि कंटेनमेंट जोन और बफर जोन में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मत्स्य विभाग के सीईओ अनिल गाबा 9416100266 और जिला समाज कल्याण अधिकारी नरेश बत्रा 9466613035 को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया गया है। जीआरजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसका दूरभाष नंबर 01666240385 है। कंट्रोल रूम के इंचार्ज उपनिदेशक जिला उद्योग केंद्र गुरप्रताप सिंह 9416335914 होंगे। इसके अलावा डीपीओ डॉ. दर्शना सिंह और नागरिक अस्पताल के एपिडेमोलॉजिस्ट संजय की भी ड्यूटी रहेगी। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि कंट्रोल रूम में कोरोना वायरस के बचाव के सभी आवश्यक व्यक्तिगत उपकरण और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसी प्रकार जीआरजी सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन की यह जिम्मेदारी रहेगी कि वे कंट्रोल रूम में सफाई व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल और सुचारु बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे।
जांच को भेजे गए 1125 लोगों के सैंपल, 1071 की रिपोर्ट आई निगेटिव
सीएमओ सुरेंद्र नैन ने बताया कि जिला में बाहर से आए सभी 1566 लोगों को ट्रेस कर लिया गया है। इनमें से 610 लोगों ने अपना 28 दिन का क्वारंटीन पीरियड पूरा कर लिया है। जांच के लिए कुल 1125 लोगों के सैंपल भेजे गए, जिनमें से 1071 की रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि 36 की रिपोर्ट लंबित है, जबकि 6 सैंपल रिजेक्ट हुए हैं। जिला में अब दो कोरोना पॉजिटिव केस है। सीएमओ सुरेंद्र नैन ने कहा कि कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने की मुहिम में जिलावासी सहयोग करें। नागरिक लॉकडाउन के दौरान सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान रखें और जरूरी काम से ही घर से बाहर निकलें और मास्क जरूर पहनें। इसके अलावा दूसरे जिला से किसी के घर उसका कोई रिश्तेदार या कोई परिचित आता है, तो उसकी जानकारी या सूचना के लिए स्वास्थ्य विभाग के टोल फ्री नंबर 108 और फोन नंबर 01666241155 पर संपर्क कर सकते हैं।
55 दिनों में जिले में आठ कोरोना संक्रमित मिले, छह हुए ठीक, दो भर्ती
सिरसा। पूरे देश में लॉकडाउन लगे हुए 55 दिन हो चुके हैं। इस दौरान जिले में कुल आठ कोरोना संक्रमित मिले हैं। जिसमें करीब छह लोग ठीक होकर वापस अपने घर जा चुके हैं बाकी दो लोग अभी भी आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है। लॉकडाउन की जब शुरूआत हुई तो लॉकडाउन केे लॉकडाउन- 1 का नाम दिया गया। पहला लॉकडाउन 24 मार्च से लेकर 15 अप्रैल तक चला। जिस दौरान पहले लॉकडाउन के दौरान दो बच्चे और दो व्यस्क कोरोना संक्रमित मिले। जिस पर स्वास्थ्य विभाग ने दो बच्चों को बीती 14 अप्रैल को स्वस्थ कर घर भेज दिया और उसके बाद जमातियों के संपर्क में आई महिला को घर भेज दिया। वहीं 17 अप्रैल को जिले की महिला कोरोना को मात देकर घर पर पहुंची। 15 अप्रैल के बाद लॉकडाउन- 2 की शुरूआत हुई, जो तीन मई तक चला। इस दौरान कोई भी कोरोना संक्रमित केस जिले में नहीं आया। वहीं जब लॉकडाउन तीन की शुरूआत हुई, जो तीन मई से लेकर 17 मई तक चला। इस दौरान चार लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। इसमें दो नांदेड से आए श्रद्धालु भी कोरोना पॉजिटिव मिले जो 15 मई को ठीक होकर वापस घर लौट गए। वहीं शहर में एक युवक बिना किसी संक्रमित के संपर्क में आए कोरोना पॉजिटिव पाया गया तथा दूसरा मरीज दिल्ली से कोरोना संक्रमित अपनी बेटी से मिलकर सिरसा पहुंचा, जो कोरोना पॉजिटिव पाया गया। अभी तक जिले में केवल दो ही कोरोना संक्रमित मरीज हैं और कोरोना को मात देकर अपने घर लौट गए हैं।
कोरोना संक्रमित दोनों मरीज अब ठीक है। दोनों का इलाज चल रहा है।
- डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ, सिविल अस्पताल सिरसा।

कंटेनमेंट जोन में तैनात पुलिसकर्मी।- फोटो : Sirsa