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Sirsa News: सफाई कर्मचारियों और पुलिस में टकराव, लाठीचार्ज में एक कर्मचारी के सिर में चोट

Sat, 29 Aug 2026 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Sat, 29 Aug 2026 11:09 PM IST
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safai karmchari police clash
महिला सफाई कर्मचारी पर लाठी चलाता पुलिसकर्मी। संवाद।
ट्रैक्टर ट्राॅली की निकाली हवा, कचरा सड़कों पर गिराया, पुलिस कर्मचारियों पर भी गिराया कचरा
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नगर परिषद चेयरमैन के कार्यालय में फेंका कचरा, कर्मचारी बोले-बैठना है तो धरने पर आकर बैठें




फोटो 24, 25, 26 व 27, 28


संवाद न्यूज एजेंसी


सिरसा। शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 25वें दिन भी जारी रही। इस दौरान प्रशासन की ओर से पुलिस सुरक्षा में डंपिंग पॉइंटों से कचरा उठवाने की कार्रवाई की जा रही है जबकि हड़ताली सफाई कर्मचारी इसका विरोध कर रहे हैं।
शनिवार सुबह कर्मचारियों ने नगर परिषद चेयरमैन शांति स्वरूप के कार्यालय में कचरा फेंककर रोष जताया। इसके बाद डाक घर के पास सफाई कर्मचारियों व पुलिस के बीच टकराव हो गया। इसमें एक सफाई कर्मचारी के सिर पर चोट आई।
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सुबह करीब 11 बजे हड़ताली कर्मचारियों को सूचना मिली कि डाकघर के पास प्रशासन की ओर से जेसीबी से कचरा उठवाया जा रहा है। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में हड़ताली कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और कचरा उठा रहे ठेकेदार के कर्मचारियों का घेराव कर दिया।
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सफाई कर्मचारियों ने जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक दिया। आरोप है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली के टायरों की हवा निकाल दी गई और कचरे से भरी ट्रॉली सड़क पर पलट दी गई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने हस्तक्षेप किया तो माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को मौके से हटाना शुरू किया और कई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने का भी आरोप है। इसमें एक सफाई कर्मचारी के सिर पर चोट आई।
हिरासत में लिए गए कर्मचारियों को बस में बैठाकर ले जाने के दौरान कई महिला सफाई कर्मचारी बस के आगे खड़ीं हो गईं। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। महिला कर्मचारियों ने पुलिस पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया।
कार्रवाई के दौरान कुछ सफाई कर्मचारियों द्वारा पुलिसकर्मियों पर कचरा डालने की भी बात सामने आई। पुलिस ने 20 से 25 सफाई कर्मचारियों को हिरासत में लिया। महिला कर्मचारियों को महिला थाना और पुरुष कर्मचारियों को चौपटा थाना ले जाया गया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।


चेयरमैन के कार्यालय के आगे डाला कचरा
इससे पहले हड़ताली कर्मचारियों ने चेयरमैन वीर शांति स्वरूप की कार्यप्रणाली पर अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने चेयरमैन कार्यालय के मुख्य गेट के आगे रेहड़ियों से कचरा डाल दिया। आधी ट्राॅली कचरा डालकर उनके कार्यालय के गेट को बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि चेयरमैन को सफाई कर्मचारियों का समर्थन करते हुए उनके साथ धरने पर बैठना चाहिए। वरना वह कार्यालय में आकर बैठ नहीं सकते। नगर परिषद कार्यालय में अब इसी प्रकार कचरा डाला जाएगा। चेयरमैन पर आरोप लगाया कि वह भले ही सामने से उनकी मांगों का समर्थन करते हैं लेकिन प्रशासन के साथ मिलकर शहर की सफाई करवाने में लगे हुए हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



लाठीचार्ज का आरोप, कर्मचारी का सिर फटने का दावा



हड़ताली कर्मचारियों ने पुलिस पर बल प्रयोग और लाठीचार्ज का आरोप लगाया। जिला प्रधान मनोज अटवाल का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई में एक कर्मचारी के सिर में चोट लगी और उसका सिर फूट गया। उन्होंने आरोप लगाया कि घायल कर्मचारी के सिर से खून बहता रहा। उसे पुलिस चोपटा थाने ले गई लेकिन समय पर उपचार नहीं करवाया गया। इसको लेकर वीडियो भी कर्मचारियों ने जारी किया है ताकि आमजन को सच्चाई का पता चले कि किस प्रकार सफाई कर्मचारियों पर कचरा उठाने के नाम पर लाठियां बरसाई जा रही हैं।



पुरुष पुलिस कर्मचारियों पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप



मनोज अटवाल ने पुलिस पर कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार तथा कुछ कर्मचारियों के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। महिला कर्मचारियों के साथ पुरुष पुलिस कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद आंदोलन खत्म नहीं होगा और मांगों का समाधान होने तक कचरा उठान का विरोध जारी रहेगा।



शहर में कचरे का संकट, जनता बेहाल



25 दिनों से प्रदेश में कर्मचारियों की हड़ताल चल रही है। शहर की सफाई व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित किया है। गलियों, बाजारों और मुख्य मार्गों के आसपास कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। डंपिंग पॉइंट क्षमता से अधिक भर चुके हैं और गंदगी व दुर्गंध से शहरवासियों की परेशानी बढ़ रही है। एक तरफ कर्मचारी हड़ताल पर अड़े हैं, दूसरी तरफ प्रशासन कचरा उठाने की कोशिश कर रहा है। नतीजा यह है कि कचरा उठाने की हर कोशिश टकराव में बदल रही है।




गलियों और कॉलोनियों में खाली प्लाॅटों में लगे कचरे के ढेर



प्रशासनिक अधिकारियों के सफाई करवाने के दावों की अब पोल खुलने लगी है। कॉलोनियों में खाली प्लॉटों में कचरा डालने पर अब लड़ाई-झगड़े होने लगे हैं। वे शिकायतें लेकर जिला नगर आयुक्त कार्यालय पहुंच रहे हैं। उनका कहना है कि जब डोर-टू-डोर उठान नहीं हो रही है तो वे कितने दिनों तक अपने घरों में कचरा रखें। खाली प्लाटों में डालते हैं। पड़ोसी लड़ाई करते हैं। ऐसे में वे लोग कहा जाएं। प्रशासन की उनकी समस्या का समाधान करें।



10 दिनों की सफाई की यह कहानी



शहर के 12 डंपिंग पॉइंट हो रहे साफ।



सेक्टर व कुछ बाहर वार्डों में हो रटी डोर-टू-डोर उठान।



अधिकारियों के आवासों के आसपास हो रही सफाई।



मिनी बाईपास पर फैला कचरा।



बाजारों में सड़कों पर बुरे हालात, व्यापार हो रहा प्रभावित।
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