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Sirsa News: न्यायाधीश लगवाने की एवज में 60 लाख देने के आरोप में फंसे पिता-पुत्र

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 10:25 PM IST
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Father and son accused of paying Rs 60 lakh to get a judge appointed
सिरसा। राजस्थान न्यायिक सेवा में न्यायाधीश लगाने के नाम पर 40 लाख रुपये ठगने के मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने शिकायतकर्ता और आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। अहम बात यह कि शिकायत आरोपी के खिलाफ थी, लेकिन जांच अधिकारी विपिन कुमार ने जांच के दौरान दोनों पक्षों को ही दोषी पाया और सिविल लाइन थाने में शिकायत दी।
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मंगलवार रात को पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर दी। खन्ना कॉलोनी सिरसा निवासी ललित कुमार ने जुलाई 2024 में पुलिस अधीक्षक को एक शिकायत दी थी। इसमें बताया गया कि उसका बेटा थरेस चुघ राजस्थान न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहा है। अप्रैल 2024 में उसकी हुडा सेक्टर 20 निवासी सुमित भंडारी से मुलाकात हुई।
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सुमित भंडारी ने उसे कहा कि मेरी राजस्थान हाईकोर्ट में अच्छी जान पहचान है। थरेस को राजस्थान में न्यायाधीश लगा सकता हूं। इसके एवज में सुमित भंडारी ने एक करोड़ 60 लाख रुपये मांगे। उक्त राशि में से 60 लाख रुपये एडवांस देने को कहा। ललित कुमार रुपये देने के लिए राजी हो गया। उसने पांच लाख रुपये सुमित भंडारी के अकाउंट में ऑनलाइन डाल दिए और 55 लाख रुपये नकद दिए।
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इसके बाद आरोपी सुमित ने वादे के मुताबिक थरेस को नौकरी नहीं लगाया। ललित ने उससे रुपये वापस मांगे तो उसने केवल 20 लाख रुपये वापस किए और शेष 40 लाख देने से इन्कार कर दिया। ललित ने शिकायत में सुमित भंडारी की पत्नी का नाम भी लिया। शिकायत के आधार पर आर्थिक अपराध शाखा ने इस मामले की जांच की तो शिकायतकर्ता ललित, उसका बेटा थरेस व आरोपी सुमित भंडारी दोषी पाए गए।



शिकायतकर्ता पर अपराध करने के लिए उकसाने का आरोप
पुलिस प्रवक्ता राजपाल का कहना है कि आर्थिक अपराध शाखा की जांच में शिकायतकर्ता ललित व उसका बेटा थरेस अपराध करने के लिए उकसाने के आरोपी हैं। दोनों अपराध होने के समय घटनास्थल पर मौजूद थे। कानून के मुताबिक अपराध में केवल उकसाने वाला ही नहीं, बल्कि जो अपराध के समय मौके पर मौजूद था, वह भी मुख्य अपराधी माना जाता है। आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी श्याम कौशिक का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
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