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Sirsa News: मंडियों में पहुंचा पांच लाख क्विंटल गेहूं, किसानों का 11 को जाम का एलान
Thu, 09 Apr 2026 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 09 Apr 2026 12:09 AM IST
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सचिव को ज्ञापन सौंपते हुए किसान। संवाद
- मंडियों पर अधिकारी बनाए हुए नजर, अभी तक धीमी गति से आ रही है गेहूं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मौसम साफ होने के साथ ही जिले की अनाज मंडियों में बुधवार को गेहूं की फसल मंडी पहुंची। अब तक मंडियों में लगभग 5 लाख क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। वीरवार से बड़े स्तर पर गेहूं मंडियों में पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन व्यवस्था बनाने में जुटा हुआ है।
अधिकतर मंडियों में गेहूं सूखते नजर आए। नमी 15 से 20 प्रतिशत के बीच मिली है। वहीं, मंडी में गेहूं का पूरी तरह से सीजन शुरू होने से पहले ही किसान संगठनों, आढ़तियों और मजदूर एसोसिएशन ने एकजुट होकर विरोध जताना शुरू कर दिया है। सभी का विरोध नई लागू की गई प्रणाली को लेकर है। वहीं, किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने रात के समय फसल लाने की छूट किसानों को दे दी है। ऐसे में रात के समय विशेष व्यवस्था मार्केट कमेटी प्रबंधन कर रहा है।
बायोमेट्रिक हाजिरी व ट्रैक्टर नंबर प्लेट से नाराजगी
किसान नेताओं से लेकर अन्य यूनियन ने नई बायोमेट्रिक हाजिरी और ट्रैक्टर की नंबर प्लेट जैसी शर्तों पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इन शर्तों के लागू होने से मंडियों में लंबी कतारें लग सकती हैं। किसान नेताओं ने कहा कि इस समय फसल कटाई जोरों पर है। जल्द से जल्द गेहूं मंडियों में पहुंचाने की आवश्यकता है ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके। सभी किसान संगठनों ने मिलकर प्रशासन से अपील की है कि बायोमेट्रिक हाजिरी और ट्रैक्टर नंबर प्लेट जैसी शर्तें तत्काल हटा दी जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई तो 11 अप्रैल को हाईवे पर चार घंटे का प्रदर्शन और जाम किया जाएगा। इस प्रदर्शन के माध्यम से वे सरकार और प्रशासन को अपने विरोध और फसल बिक्री में आ रहीं बाधाओं के प्रति जागरूक करेंगे।
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डिजिटल कांटे भी बनेंगे परेशानी
मंडियों में आढ़ती सरकार के आदेशों पर डिजिटल कांटे लेकर आ चुके हैं। इन कांटों को लेकर भी असमंजस की स्थिति में व्यापारी हैं। आढ़तियों की मानें तो ये कांटे बैटरी आधारित हैं। इन्हें पूरी तरह से चार्ज रखना जरूरी है। चार्जिंग की कमी से कांटे में तौल का फर्क आ जाता है।
नष्ट फसल का 30 हजार रुपये मुआवजा दे सरकार: झोरड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। झोरड़ खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झोरड़ ने बयानजारी कर कहा कि बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की फसलों का 30 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि संकट की इस स्थिति में विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों की मदद करे। झोरड़ ने कहा कि भाजपा शासन को अपना किसान हितैषी दायित्व निभाना चाहिए।
सरकार से मंडी कानून रद्द करने की रखी मांग
किसान मोर्चा व आढ़ती एसोसिएशन ने 11 अप्रैल को नेशनल हाईवे जाम करने की दी चेतावनी
फोटो-- -- 24,25
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। किसान सेवा केंद्र में हुई बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा सिरसा व आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने किसानों पर लागू किए गए मंडी कानून रद्द करने की मांग रखी। इस मौके पर उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो वे 11 अप्रैल को 4 घंटों के लिए नेशनल हाईवे जाम रखेंगे।
ऑल इंडिया किसान सभा हरियाणा के राज्य महासचिव डॉक्टर सुखदेव सिंह जम्मू व राष्ट्रीय किसान मंच के राज्य उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह नानूआना ने बताया कि सरकार ने किसानों को अपनी फसल मंडी में बेचने के लिए ट्रैक्टर का गेट पास, बायोमेट्रिक व अन्य कई कानून बनाए हैं। किसानों और आढ़तियों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा ने हरियाणा सरकार को मंडी कानून रद्द करने मांग रखी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी शर्त को नहीं माना तो वे 11 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नेशनल हाईवे जाम करने को मजबूर होंगे।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह नाकोड़ा, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के भरत सिंह झाझड़ व आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
फोटो रानियां02 प्रेस वार्ता को संबोधित करते किसान नेता व आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य।
पोर्टल में गड़बड़ियों के खिलाफ किसानों ने ऐलनाबाद थाने में शिकायत दी
फोटो-- 23
संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद । गांव पोहड़का के किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल में फसलों का गलत पंजीकरण करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ ऐलनाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
भारतीय किसान एकता यानी बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि कुछ लोगों ने गांव के असली किसानों की जमीन पर उगाई गई फसलों का पंजीकरण अपने नाम करवा लिया है। शिकायत में कुलदीप सिंह, अमित ढिल्लों और उनके सहयोगियों पर ये आरोप लगाए हैं। गांव पोहड़का के बंसीलाल, राजेंद्र कुमार और गुरमीत सिंह की जमीन के किला नंबर व खसरा नंबर का पंजीकरण इन लोगों के नाम पर चढ़ा हुआ है।
किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि तकनीकी खामियों को पोर्टल पर दुरुस्त नहीं किया गया तो भविष्य में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा। इस मौके पर बीकेई से कुलतार सिंह कंवर, सर्वजीत कंबोज, दीपू गिल, अमरीक सिंह गिल और पीड़ित किसान बंसीलाल, राजेंद्र कुमार एवं गुरमीत सिंह उपस्थित रहे।
किसानों के साथ हो रहा अन्याय रोका जाए : कुमारी सैलजा
फोटो-- -
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश में गेहूं खरीद को लेकर पैदा हुई गंभीर स्थिति पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा एक-एक दाना खरीदने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। मंडियों में किसान कई दिनों से अपनी फसल लेकर बैठे हैं लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने कहा है कि चरखी दादरी, फतेहाबाद, रोहतक और नरवाना सहित कई जिलों में हजारों क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। सरकार नमी और तकनीकी कारणों का बहाना बनाकर किसानों को गुमराह कर रही है, जिससे किसान मजबूर होकर अपनी उपज प्राइवेट खरीदारों को कम कीमत पर बेचने को विवश हो रहे हैं।
अतिरिक्त अनाज मंडी में एसडीएम ने सुनीं किसानों की समस्याएं
फोटो - 30
संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। कालांवाली के एसडीएम मोहित महाराना ने बुधवार को अतिरिक्त अनाज मंडी में पहुंच कर गेहूं की खरीद का जायजा लिया। उन्होंने मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसी के अधिकारियों से जानकारी लेकर उन्हें दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान भी पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
किसान नेता बलवंत सिंह केवल, लक्खा सिंह अलीकां, कुलदीप सिंह सुखचैन ने एसडीएम के समक्ष बायोमेट्रिक प्रणाली को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे बंद करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया के कारण खरीद कार्य में देरी हो रही है। कई बार तकनीकी दिक्कतों के चलते उन्हें काफी इंतजार करना पड़ता है। यही नहीं सर्वर डाउन होने के कारण भी ज्यादा समस्या पेश
आती है। ऐसे में अनाज मंडी के गेटों पर जाम की स्थिति पैदा होगी।
इस पर एसडीएम मोहित महाराना ने मौके पर ही अधिकारियों को व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश दिए देते हुए कहा कि बायोमेट्रिक प्रणाली सरकार की पारदर्शी और बेहतर योजना है जिसका उद्देश्य किसानों, मजदूरों और आढ़तियों को सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान, मजदूर या आढ़ती को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो मंडी में मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी और अतिरिक्त स्टाफ भी लगाया जाएगा ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।
इस मौके पर एसडीएम ने मंडी में गेहूं खरीद, कांटे की व्यवस्था, उठान और भुगतान प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की फसल खरीद में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर कमेटी के सचिव परमजीत सिंह, हैफेड के मैनेजर मुकेश सैनी, हरियाणा वेयरहाउस के खरीद अधिकारी दीपक कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग के संदीप कुमार, किसान नेता बलवंत सिंह केवल, लक्खा सिंह अलीकां, कुलदीप सिंह सुखचैन आदि मौजूद रहे।
बायोमेट्रिक प्रणाली के खिलाफ किसानों, आढ़तियों और मजदूरों ने किया जोरदार विरोध
फोटो-- 31
संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। सरकार की ओर से अनाज मंडियों में खरीद को लेकर नई बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने के विरोध में बुधवार को किसानों, आढ़तियों और मजदूरों ने संयुक्त रूप से मार्केट कमेटी के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी नाराजगी जताते हुए इस प्रणाली को तत्काल बंद करने और मंडियों में बिना अंगूठे के गेहूं की खरीद पर लगी शर्तें हटाने की मांग की। इस अवसर पर मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत सिंह को भी मांगपत्र सौंपा गया। किसान नेताओं लक्खा सिंह और बलवंत सिंह ने कहा कि बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत मशीन पर अंगूठा लगाना पड़ेगा, जिससे गेट पर जाम की स्थिति बनेगी और किसानों को समय की अधिक समस्या होगी।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर नई शर्तें वापस नहीं ली गईं, तो संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 11 अप्रैल को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान राज कुमार जिंदल, संरक्षक गुरजीत शर्मा, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान गिरधारी लाल, सुखराम फत्तेवाला, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
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मार्केट कमेटी चेयरमैन ने दिया समस्याओं के समाधान करने का आश्वासन
फोटो - 38
संवाद न्यूज एजेंसी
रानियां। मार्केट कमेटी कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों व आढ़तियों के बीच बैठक संपन्न हुई। इसमें मंडी सीजन के दौरान आढ़तियों को होने वाली समस्याओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में एसडीएम ऐलनाबाद पारस भगोरिया, मार्केट कमेटी चेयरमैन ललित मोहन पोपली व वाइस चेयरमैन स्वर्ण सिंह सहित अन्य मौजूद थे।
बैठक के दौरान आढ़ती एसोसिएशन रानियां के प्रधान महेश फुटेला व अन्य ने एसडीएम पारस भागोरिया व मार्केट कमेटी चेयरमैन ललित मोहन पोपली के समक्ष अपनी मांग रखते हुए बताया कि सीजन के दौरान मंडी में गेहूं की आवक बढ़ जाती है। इससे मंडी में गेहूं उतारने के लिए जगह कम पड़ती है। जिस कारण किसानों को अपना गेहूं मंडी से बाहर उतारना पड़ता है। इसलिए रानियां में एडीशनल मंडी की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही मंडी के आसपास क्षेत्र के स्थानों को चिह्नित कर अतिरिक्त पॉइंट बनाया जाए और वहां पर गेहूं उतारने की व्यवस्था की जाए।
मार्केट कमेटी चेयरमैन ललित मोहन पोपली ने आढ़तियों की इस समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मार्केट कमेटी सचिव सुरेंद्र कुमार सैन, आढ़ती एसोसिएशन रानियां के प्रधान महेश फुटेला, पूर्व प्रधान राजेंद्र डावर, रामचंद्र जुनेजा, दलीप थाकण, सुखदेव बाजवा, राजकुमार मेहता सहित अन्य उपस्थित रहे।
फोटो - रानियां07 आढ़तियों के साथ बैठक करते एसडीएम व मार्केट कमेटी चेयरमैन।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मौसम साफ होने के साथ ही जिले की अनाज मंडियों में बुधवार को गेहूं की फसल मंडी पहुंची। अब तक मंडियों में लगभग 5 लाख क्विंटल गेहूं पहुंच चुका है। वीरवार से बड़े स्तर पर गेहूं मंडियों में पहुंचने की उम्मीद है। प्रशासन व्यवस्था बनाने में जुटा हुआ है।
अधिकतर मंडियों में गेहूं सूखते नजर आए। नमी 15 से 20 प्रतिशत के बीच मिली है। वहीं, मंडी में गेहूं का पूरी तरह से सीजन शुरू होने से पहले ही किसान संगठनों, आढ़तियों और मजदूर एसोसिएशन ने एकजुट होकर विरोध जताना शुरू कर दिया है। सभी का विरोध नई लागू की गई प्रणाली को लेकर है। वहीं, किसानों की समस्याओं को देखते हुए सरकार ने रात के समय फसल लाने की छूट किसानों को दे दी है। ऐसे में रात के समय विशेष व्यवस्था मार्केट कमेटी प्रबंधन कर रहा है।
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बायोमेट्रिक हाजिरी व ट्रैक्टर नंबर प्लेट से नाराजगी
किसान नेताओं से लेकर अन्य यूनियन ने नई बायोमेट्रिक हाजिरी और ट्रैक्टर की नंबर प्लेट जैसी शर्तों पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इन शर्तों के लागू होने से मंडियों में लंबी कतारें लग सकती हैं। किसान नेताओं ने कहा कि इस समय फसल कटाई जोरों पर है। जल्द से जल्द गेहूं मंडियों में पहुंचाने की आवश्यकता है ताकि किसानों को उचित मूल्य मिल सके। सभी किसान संगठनों ने मिलकर प्रशासन से अपील की है कि बायोमेट्रिक हाजिरी और ट्रैक्टर नंबर प्लेट जैसी शर्तें तत्काल हटा दी जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई तो 11 अप्रैल को हाईवे पर चार घंटे का प्रदर्शन और जाम किया जाएगा। इस प्रदर्शन के माध्यम से वे सरकार और प्रशासन को अपने विरोध और फसल बिक्री में आ रहीं बाधाओं के प्रति जागरूक करेंगे।
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डिजिटल कांटे भी बनेंगे परेशानी
मंडियों में आढ़ती सरकार के आदेशों पर डिजिटल कांटे लेकर आ चुके हैं। इन कांटों को लेकर भी असमंजस की स्थिति में व्यापारी हैं। आढ़तियों की मानें तो ये कांटे बैटरी आधारित हैं। इन्हें पूरी तरह से चार्ज रखना जरूरी है। चार्जिंग की कमी से कांटे में तौल का फर्क आ जाता है।
नष्ट फसल का 30 हजार रुपये मुआवजा दे सरकार: झोरड़
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। झोरड़ खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद झोरड़ ने बयानजारी कर कहा कि बेमौसमी बरसात और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की फसलों का 30 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा दिया जाए। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया है कि संकट की इस स्थिति में विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों की मदद करे। झोरड़ ने कहा कि भाजपा शासन को अपना किसान हितैषी दायित्व निभाना चाहिए।
सरकार से मंडी कानून रद्द करने की रखी मांग
किसान मोर्चा व आढ़ती एसोसिएशन ने 11 अप्रैल को नेशनल हाईवे जाम करने की दी चेतावनी
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रानियां। किसान सेवा केंद्र में हुई बैठक में संयुक्त किसान मोर्चा सिरसा व आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने किसानों पर लागू किए गए मंडी कानून रद्द करने की मांग रखी। इस मौके पर उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी तो वे 11 अप्रैल को 4 घंटों के लिए नेशनल हाईवे जाम रखेंगे।
ऑल इंडिया किसान सभा हरियाणा के राज्य महासचिव डॉक्टर सुखदेव सिंह जम्मू व राष्ट्रीय किसान मंच के राज्य उपाध्यक्ष हरजिंदर सिंह नानूआना ने बताया कि सरकार ने किसानों को अपनी फसल मंडी में बेचने के लिए ट्रैक्टर का गेट पास, बायोमेट्रिक व अन्य कई कानून बनाए हैं। किसानों और आढ़तियों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं।
उन्होंने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा ने हरियाणा सरकार को मंडी कानून रद्द करने मांग रखी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी शर्त को नहीं माना तो वे 11 अप्रैल को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक नेशनल हाईवे जाम करने को मजबूर होंगे।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह नाकोड़ा, भारतीय किसान यूनियन टिकैत के भरत सिंह झाझड़ व आढ़ती एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
फोटो रानियां02 प्रेस वार्ता को संबोधित करते किसान नेता व आढ़ती एसोसिएशन के सदस्य।
पोर्टल में गड़बड़ियों के खिलाफ किसानों ने ऐलनाबाद थाने में शिकायत दी
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ऐलनाबाद । गांव पोहड़का के किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल में फसलों का गलत पंजीकरण करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ ऐलनाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
भारतीय किसान एकता यानी बीकेई के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने बताया कि कुछ लोगों ने गांव के असली किसानों की जमीन पर उगाई गई फसलों का पंजीकरण अपने नाम करवा लिया है। शिकायत में कुलदीप सिंह, अमित ढिल्लों और उनके सहयोगियों पर ये आरोप लगाए हैं। गांव पोहड़का के बंसीलाल, राजेंद्र कुमार और गुरमीत सिंह की जमीन के किला नंबर व खसरा नंबर का पंजीकरण इन लोगों के नाम पर चढ़ा हुआ है।
किसान नेता ने चेतावनी दी कि यदि तकनीकी खामियों को पोर्टल पर दुरुस्त नहीं किया गया तो भविष्य में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में संगठन आंदोलन करने को मजबूर होगा। इस मौके पर बीकेई से कुलतार सिंह कंवर, सर्वजीत कंबोज, दीपू गिल, अमरीक सिंह गिल और पीड़ित किसान बंसीलाल, राजेंद्र कुमार एवं गुरमीत सिंह उपस्थित रहे।
किसानों के साथ हो रहा अन्याय रोका जाए : कुमारी सैलजा
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रदेश में गेहूं खरीद को लेकर पैदा हुई गंभीर स्थिति पर कड़ी चिंता व्यक्त करते हुए सांसद कुमारी सैलजा ने बयान जारी करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा एक-एक दाना खरीदने के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। मंडियों में किसान कई दिनों से अपनी फसल लेकर बैठे हैं लेकिन सरकारी खरीद शुरू न होने से उन्हें भारी आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सांसद ने कहा है कि चरखी दादरी, फतेहाबाद, रोहतक और नरवाना सहित कई जिलों में हजारों क्विंटल गेहूं मंडियों में पहुंच चुका है लेकिन खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। सरकार नमी और तकनीकी कारणों का बहाना बनाकर किसानों को गुमराह कर रही है, जिससे किसान मजबूर होकर अपनी उपज प्राइवेट खरीदारों को कम कीमत पर बेचने को विवश हो रहे हैं।
अतिरिक्त अनाज मंडी में एसडीएम ने सुनीं किसानों की समस्याएं
फोटो - 30
संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। कालांवाली के एसडीएम मोहित महाराना ने बुधवार को अतिरिक्त अनाज मंडी में पहुंच कर गेहूं की खरीद का जायजा लिया। उन्होंने मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसी के अधिकारियों से जानकारी लेकर उन्हें दिशा निर्देश दिए। इस मौके पर बड़ी संख्या में किसान भी पहुंचे और अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं।
किसान नेता बलवंत सिंह केवल, लक्खा सिंह अलीकां, कुलदीप सिंह सुखचैन ने एसडीएम के समक्ष बायोमेट्रिक प्रणाली को लेकर नाराजगी जताते हुए इसे बंद करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक प्रक्रिया के कारण खरीद कार्य में देरी हो रही है। कई बार तकनीकी दिक्कतों के चलते उन्हें काफी इंतजार करना पड़ता है। यही नहीं सर्वर डाउन होने के कारण भी ज्यादा समस्या पेश
आती है। ऐसे में अनाज मंडी के गेटों पर जाम की स्थिति पैदा होगी।
इस पर एसडीएम मोहित महाराना ने मौके पर ही अधिकारियों को व्यवस्थाएं बेहतर बनाने के निर्देश दिए देते हुए कहा कि बायोमेट्रिक प्रणाली सरकार की पारदर्शी और बेहतर योजना है जिसका उद्देश्य किसानों, मजदूरों और आढ़तियों को सुविधा देना है। उन्होंने कहा कि किसी भी किसान, मजदूर या आढ़ती को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। यदि जरूरत पड़ी तो मंडी में मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी और अतिरिक्त स्टाफ भी लगाया जाएगा ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चल सके।
इस मौके पर एसडीएम ने मंडी में गेहूं खरीद, कांटे की व्यवस्था, उठान और भुगतान प्रक्रिया का भी निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की फसल खरीद में किसी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर कमेटी के सचिव परमजीत सिंह, हैफेड के मैनेजर मुकेश सैनी, हरियाणा वेयरहाउस के खरीद अधिकारी दीपक कुमार, खाद्य आपूर्ति विभाग के संदीप कुमार, किसान नेता बलवंत सिंह केवल, लक्खा सिंह अलीकां, कुलदीप सिंह सुखचैन आदि मौजूद रहे।
बायोमेट्रिक प्रणाली के खिलाफ किसानों, आढ़तियों और मजदूरों ने किया जोरदार विरोध
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कालांवाली। सरकार की ओर से अनाज मंडियों में खरीद को लेकर नई बायोमेट्रिक प्रणाली लागू करने के विरोध में बुधवार को किसानों, आढ़तियों और मजदूरों ने संयुक्त रूप से मार्केट कमेटी के समक्ष धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी नाराजगी जताते हुए इस प्रणाली को तत्काल बंद करने और मंडियों में बिना अंगूठे के गेहूं की खरीद पर लगी शर्तें हटाने की मांग की। इस अवसर पर मार्केट कमेटी के सचिव परमजीत सिंह को भी मांगपत्र सौंपा गया। किसान नेताओं लक्खा सिंह और बलवंत सिंह ने कहा कि बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत मशीन पर अंगूठा लगाना पड़ेगा, जिससे गेट पर जाम की स्थिति बनेगी और किसानों को समय की अधिक समस्या होगी।
किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि दो दिनों के भीतर नई शर्तें वापस नहीं ली गईं, तो संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 11 अप्रैल को बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन में कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान राज कुमार जिंदल, संरक्षक गुरजीत शर्मा, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान गिरधारी लाल, सुखराम फत्तेवाला, प्रदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
मार्केट कमेटी चेयरमैन ने दिया समस्याओं के समाधान करने का आश्वासन
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रानियां। मार्केट कमेटी कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारियों व आढ़तियों के बीच बैठक संपन्न हुई। इसमें मंडी सीजन के दौरान आढ़तियों को होने वाली समस्याओं को लेकर विचार-विमर्श किया गया। इस बैठक में एसडीएम ऐलनाबाद पारस भगोरिया, मार्केट कमेटी चेयरमैन ललित मोहन पोपली व वाइस चेयरमैन स्वर्ण सिंह सहित अन्य मौजूद थे।
बैठक के दौरान आढ़ती एसोसिएशन रानियां के प्रधान महेश फुटेला व अन्य ने एसडीएम पारस भागोरिया व मार्केट कमेटी चेयरमैन ललित मोहन पोपली के समक्ष अपनी मांग रखते हुए बताया कि सीजन के दौरान मंडी में गेहूं की आवक बढ़ जाती है। इससे मंडी में गेहूं उतारने के लिए जगह कम पड़ती है। जिस कारण किसानों को अपना गेहूं मंडी से बाहर उतारना पड़ता है। इसलिए रानियां में एडीशनल मंडी की व्यवस्था होनी चाहिए। इसके साथ ही मंडी के आसपास क्षेत्र के स्थानों को चिह्नित कर अतिरिक्त पॉइंट बनाया जाए और वहां पर गेहूं उतारने की व्यवस्था की जाए।
मार्केट कमेटी चेयरमैन ललित मोहन पोपली ने आढ़तियों की इस समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मार्केट कमेटी सचिव सुरेंद्र कुमार सैन, आढ़ती एसोसिएशन रानियां के प्रधान महेश फुटेला, पूर्व प्रधान राजेंद्र डावर, रामचंद्र जुनेजा, दलीप थाकण, सुखदेव बाजवा, राजकुमार मेहता सहित अन्य उपस्थित रहे।
फोटो - रानियां07 आढ़तियों के साथ बैठक करते एसडीएम व मार्केट कमेटी चेयरमैन।