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रेलवे ट्रैक पर किसानों ने चार घंटे दिया धरना
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रेलवे स्टेशन पर खड़े रेल के डिब्बे को फूलों की माला पहना आंदोलन शुरू करते किसान नेता प्रहलाद सिंह
- फोटो : Sirsa
किसान आंदोलन के चलते जिले में किसानों ने पांच जगहों पर चार घंटे तक रेलवे लाइन पर धरना दिया। किसानों ने सिरसा, डिंग, ऐलनाबाद, कालांवाली और डबवाली में रेलवे लाइन पर दरी बिछाकर धरना दिया। वहीं सिरसा रेलवे लाइन पर 300 मीटर के दायरे में किसानों के दो गुटों ने अलग-अलग धरने शुरू कर दिए।
हालांकि डेढ़ घंटे बाद दोनों गुटों के बीच सहमति बनी तो तीसरे प्वाइंट का चयन कर एकसाथ धरना दिया। रेलवे की ओर से रेवाड़ी से श्रीगंगानगर रेल को रद्द कर दिया है। रेल शाम को 6:15 बजे सिरसा स्टेशन पर पहुंचती है। वहीं किसान एक्सप्रेस भी सिरसा में करीब साढ़े चार घंटा देरी से पहुंची।
बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सुबह 12 बजे से 4 बजे तक रेलवे लाइन पर धरना दिया। सिरसा में सुबह एक गुट ने 11:30 बजे ही किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख के नेतृत्व में सिरसा बाल भवन रेलवे फाटक के पास ट्रैक पर दरी बिछानी शुरू कर दी और धरना दे दिया। ऐसे में किसानों का दूसरा गुट किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन पर 12 बजे एकत्रित हुए। किसानों ने यहां पर रेल के डिब्बे पर फूलों की माला चढ़ाकर यात्रियों और रेलवे को होने वाली परेशानी को लेकर माफी मांगी और धरना शुरू कर दिया। इसके पश्चात गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य और कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क मौके पर पहुंचे तो उन्होंने दोनों गुटों को अलग-अलग देखकर दुख प्रकट किया। इसके पश्चात कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क ने किसान नेता भारूखेड़ा से बातचीत कर उन्हें दूसरे धरनास्थल पर पहुंचकर एक ही जगह पर धरना दिए जाने की अपील की। ऐसे में काफी समय तक किसानों ने अपील को स्वीकार नहीं किया। किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि वे दूसरे धरनास्थल पर नहीं जाएंगे, बल्कि तीसरे स्थान का चयन कर वहां पर एकत्र होने को तैयार हैं। ऐसे में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य और कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क, लखविंद्र सिंह औलख के नेतृत्व में चल रहे धरनास्थल पर पहुंचे। यहां भी कई किसान एकजुट होने को लेकर तैयार नहीं दिखे। काफी समय तक धरने का नेतृत्व करने वाले किसान नेताओं से बातचीत होने पर सहमति बनी, जिसके पश्चात किसान तीसरे स्थान पर एकत्र हो गए और आंदोलन शुरू कर दिया।
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रेलवे स्टेशन पर पुलिस प्रशासन दिखा अलर्ट
कृषि कानूनों के विरोध में रेल रोको आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से भी पूरी तैयारी की गई थी। जिला प्रशासन की ओर से 22 मजिस्ट्रेट अलग-अलग प्वाइंट पर तैनात किए गए थे। धरना स्थलों के साथ-साथ अन्य प्वाइंट पर भी रेलवे पुलिस और पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने किसानों द्वारा की गई हर प्रकार की प्रक्रिया पर निगाह रखी।
रेलवे लाइन पर ही वितरित किया लंगर
किसान आंदोलन के चलते किसानों द्वारा रेलवे लाइन पर किसानों को लंगर वितरित किया गया। इस मौके पर कीरत रानियां, सतपाल सिरसा, दलजीत सिंह रंगा, गुरदीप सिंह झीड़ी, सुच्चा सिंह पटवारी, राजपाल एसडीओ, निर्मल सिंह थिराज, हैप्पी रानियां, गुरमीत सिंह चोरमार, वेद चामल, जिंदा नानूआना मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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हालांकि डेढ़ घंटे बाद दोनों गुटों के बीच सहमति बनी तो तीसरे प्वाइंट का चयन कर एकसाथ धरना दिया। रेलवे की ओर से रेवाड़ी से श्रीगंगानगर रेल को रद्द कर दिया है। रेल शाम को 6:15 बजे सिरसा स्टेशन पर पहुंचती है। वहीं किसान एक्सप्रेस भी सिरसा में करीब साढ़े चार घंटा देरी से पहुंची।
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बता दें कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने सुबह 12 बजे से 4 बजे तक रेलवे लाइन पर धरना दिया। सिरसा में सुबह एक गुट ने 11:30 बजे ही किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख के नेतृत्व में सिरसा बाल भवन रेलवे फाटक के पास ट्रैक पर दरी बिछानी शुरू कर दी और धरना दे दिया। ऐसे में किसानों का दूसरा गुट किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन पर 12 बजे एकत्रित हुए। किसानों ने यहां पर रेल के डिब्बे पर फूलों की माला चढ़ाकर यात्रियों और रेलवे को होने वाली परेशानी को लेकर माफी मांगी और धरना शुरू कर दिया। इसके पश्चात गुरुद्वारा कमेटी के सदस्य और कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क मौके पर पहुंचे तो उन्होंने दोनों गुटों को अलग-अलग देखकर दुख प्रकट किया। इसके पश्चात कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क ने किसान नेता भारूखेड़ा से बातचीत कर उन्हें दूसरे धरनास्थल पर पहुंचकर एक ही जगह पर धरना दिए जाने की अपील की। ऐसे में काफी समय तक किसानों ने अपील को स्वीकार नहीं किया। किसान नेता प्रह्लाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि वे दूसरे धरनास्थल पर नहीं जाएंगे, बल्कि तीसरे स्थान का चयन कर वहां पर एकत्र होने को तैयार हैं। ऐसे में गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य और कामरेड स्वर्ण सिंह विर्क, लखविंद्र सिंह औलख के नेतृत्व में चल रहे धरनास्थल पर पहुंचे। यहां भी कई किसान एकजुट होने को लेकर तैयार नहीं दिखे। काफी समय तक धरने का नेतृत्व करने वाले किसान नेताओं से बातचीत होने पर सहमति बनी, जिसके पश्चात किसान तीसरे स्थान पर एकत्र हो गए और आंदोलन शुरू कर दिया।
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रेलवे स्टेशन पर पुलिस प्रशासन दिखा अलर्ट
कृषि कानूनों के विरोध में रेल रोको आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से भी पूरी तैयारी की गई थी। जिला प्रशासन की ओर से 22 मजिस्ट्रेट अलग-अलग प्वाइंट पर तैनात किए गए थे। धरना स्थलों के साथ-साथ अन्य प्वाइंट पर भी रेलवे पुलिस और पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने किसानों द्वारा की गई हर प्रकार की प्रक्रिया पर निगाह रखी।
रेलवे लाइन पर ही वितरित किया लंगर
किसान आंदोलन के चलते किसानों द्वारा रेलवे लाइन पर किसानों को लंगर वितरित किया गया। इस मौके पर कीरत रानियां, सतपाल सिरसा, दलजीत सिंह रंगा, गुरदीप सिंह झीड़ी, सुच्चा सिंह पटवारी, राजपाल एसडीओ, निर्मल सिंह थिराज, हैप्पी रानियां, गुरमीत सिंह चोरमार, वेद चामल, जिंदा नानूआना मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

रेलवे स्टेशन पर धरना देकर बैठे किसान।- फोटो : Sirsa