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मंडी जाने वाले किसान टोल प्लाजा पर लंगर के लिए निकाल रहे गेहूं
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कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन में भाग लेने के लिए किसान किसी न किसी प्रकार से अपना योगदान दे रहे हैं। सिरसा और फतेहाबाद अनाज मंडियों में जाने वाले किसान टोल प्लाजा पर रुककर लंगर के लिए गेहूं दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि उनका किसान आंदोलन में चल रहे लंगरों में यह योगदान है।
तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान जत्थेबंदियों ने भावदीन व खुईया मलकाना टोल को आमजन के लिए फ्री कर रखा है। टोल प्लाजा पर करीब पांच महीने से चल इस संघर्ष में हर किसान किसी ना किसी प्रकार से अपना योगदान दे रहा है। गेहूं की कटाई कर सिरसा व फतेहाबाद अनाज मंडियों की ओर जाते किसान अपने ट्रैक्टर ट्रालियों में से लंगर के लिए कुछ गेहूं टोल प्लाजा पर देकर जा रहे हैं।
भावदीन टोल प्लाजा पर प्रबंधक सदस्य गुरप्रीत सिंह गिल ने बताया कि दो-तीन गांवों से गेहूं की कुछ बोरियां पहले धरना स्थल पर पहुंची थी। इसके बाद अन्य गांवों ने भी गेहूं देने की बात कही तो सहमति बनी की सड़क के दोनों ओर एक-एक व्यक्ति की नियुक्ति कर दी जाए, जो आने जाने वाले किसानों से गेहूं लेकर वहीं ढेर लगा ले। शाम को गेहूं को बोरियों में भरकर अंदर रख लिया जाता है। किसान गेहूं का दान किसान आंदोलन में चल रहे लंगरों में अपनी श्रद्धा के अनुसार दे रहे हैं।
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लंगरों में भेज रहे हैं खाद्य सामग्री
टोल प्लाजा पर धरने को संभालने के लिए 31 गांवों की ड्यूटी लगी हुई है। जो लंगर से लेकर हर प्रकार के कामों को संभालती है। वहीं गांवों द्वारा टोल पर चलने वाले लंगर के लिए खाद्य सामग्री भी पहुंच रही है। प्रबंधक कमेटी द्वारा किसान आंदोलन के लिए लगे लंगरों में जरूरत के अनुसार खाद्य सामग्री भेजी जा रही है।
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तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान जत्थेबंदियों ने भावदीन व खुईया मलकाना टोल को आमजन के लिए फ्री कर रखा है। टोल प्लाजा पर करीब पांच महीने से चल इस संघर्ष में हर किसान किसी ना किसी प्रकार से अपना योगदान दे रहा है। गेहूं की कटाई कर सिरसा व फतेहाबाद अनाज मंडियों की ओर जाते किसान अपने ट्रैक्टर ट्रालियों में से लंगर के लिए कुछ गेहूं टोल प्लाजा पर देकर जा रहे हैं।
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भावदीन टोल प्लाजा पर प्रबंधक सदस्य गुरप्रीत सिंह गिल ने बताया कि दो-तीन गांवों से गेहूं की कुछ बोरियां पहले धरना स्थल पर पहुंची थी। इसके बाद अन्य गांवों ने भी गेहूं देने की बात कही तो सहमति बनी की सड़क के दोनों ओर एक-एक व्यक्ति की नियुक्ति कर दी जाए, जो आने जाने वाले किसानों से गेहूं लेकर वहीं ढेर लगा ले। शाम को गेहूं को बोरियों में भरकर अंदर रख लिया जाता है। किसान गेहूं का दान किसान आंदोलन में चल रहे लंगरों में अपनी श्रद्धा के अनुसार दे रहे हैं।
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लंगरों में भेज रहे हैं खाद्य सामग्री
टोल प्लाजा पर धरने को संभालने के लिए 31 गांवों की ड्यूटी लगी हुई है। जो लंगर से लेकर हर प्रकार के कामों को संभालती है। वहीं गांवों द्वारा टोल पर चलने वाले लंगर के लिए खाद्य सामग्री भी पहुंच रही है। प्रबंधक कमेटी द्वारा किसान आंदोलन के लिए लगे लंगरों में जरूरत के अनुसार खाद्य सामग्री भेजी जा रही है।