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पक्का मोर्चा में पहुंचने के लिए किसान नेताओं ने किया गावों का दौरा
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कसिन मोर्चा में पहुंचने के लिए किसानों को सम्बोधित करते किसान नेता।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। हरियाणा किसान मंच 28 जनवरी से उपायुक्त कार्यालय में पक्का मोर्चा लगाएगा। किसानों का कहना है कि काफी धरने प्रदर्शन के बाद भी प्रशासन उनकी मांगों के प्रति उदासीन रवैया अपनाए हुए हैं। ऐसे में जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती वे धरने से नहीं उठेंगे।
पक्का मोर्चा पर किसानों की उपस्थिति के लिए हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने जिले के गांव देसू मलकाना, हस्सू, नौरंग, मिठड़ी, चट्ठा, खोखर, असीर, गांव कालांवाली सहित दर्जनों गांवों का दौरा किया और किसानों से अधिक से अधिक संख्या में डीसी कार्यालय पहुंचने का आह्वान किया। इस मौके पर प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि सरकार व प्रशासन को 25 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया था। लेकिन उन्होंने किसानों की मांगों को लेकर कोई सकारात्मक रवैया नहीं दिखाई, जिसको लेकर किसानों में भारी रोष है। भारूखेड़ा ने कहा कि उपायुक्त कार्यालय में किसान आंदोलन की तरह पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। जब तक उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, किसान यहां से टस से मस नहीं होंगे। इस दौरान अगर प्रशासन ने किसानों के साथ कोई धक्केशाही की तो उसका भी मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस दौरान सतपाल सिंह सिरसा, बलवंत सिंह प्रधान, गुरनाम सिंह प्रधान, लखा सिंह प्रधान, नैब सिंह मलड़ी उप प्रधान, गगनदीप सिंह, गुरमेल सिंह, बलजिंदर सिंह अलीकां सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
किसानों की प्रमुख मांगें
- गुलाबी सूंडी से खराब हुई नरमे की फसल का मुआवजा दिया जाए व बकाया बीमा क्लेम की राशि भी दी जाए।
- नहरी पानी में कटौति करके नहरें महीने में सात दिन चलाई जा रही हैं, जबकि पहले 15 दिन नहरें चलती थी।
- किसानों के ट्यूबवेल के कनेक्शन जारी किए जाएं।
- हाल ही में यूरिया खाद की कमी के कारण किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- यूरिया उपलब्ध करवाई जाए।
- बुढ़ापा पेंशन में कटौती की जा रही है, जिन लोगों की पेंशन बंद की गई है, उसे पुन: बहाल किया जाए।
- आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर, पीटीआई अध्यापकों की मांगों को पूरा किया जाए।
- पक्के खाल बनाने पर फव्वारा सिस्टम की शर्तों को हटाया जाए। बंद पड़े शैक्षणिक संस्थानों को खोला जाए।
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पक्का मोर्चा पर किसानों की उपस्थिति के लिए हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने जिले के गांव देसू मलकाना, हस्सू, नौरंग, मिठड़ी, चट्ठा, खोखर, असीर, गांव कालांवाली सहित दर्जनों गांवों का दौरा किया और किसानों से अधिक से अधिक संख्या में डीसी कार्यालय पहुंचने का आह्वान किया। इस मौके पर प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने कहा कि सरकार व प्रशासन को 25 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया गया था। लेकिन उन्होंने किसानों की मांगों को लेकर कोई सकारात्मक रवैया नहीं दिखाई, जिसको लेकर किसानों में भारी रोष है। भारूखेड़ा ने कहा कि उपायुक्त कार्यालय में किसान आंदोलन की तरह पक्का मोर्चा लगाया जाएगा। जब तक उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, किसान यहां से टस से मस नहीं होंगे। इस दौरान अगर प्रशासन ने किसानों के साथ कोई धक्केशाही की तो उसका भी मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इस दौरान सतपाल सिंह सिरसा, बलवंत सिंह प्रधान, गुरनाम सिंह प्रधान, लखा सिंह प्रधान, नैब सिंह मलड़ी उप प्रधान, गगनदीप सिंह, गुरमेल सिंह, बलजिंदर सिंह अलीकां सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
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किसानों की प्रमुख मांगें
- गुलाबी सूंडी से खराब हुई नरमे की फसल का मुआवजा दिया जाए व बकाया बीमा क्लेम की राशि भी दी जाए।
- नहरी पानी में कटौति करके नहरें महीने में सात दिन चलाई जा रही हैं, जबकि पहले 15 दिन नहरें चलती थी।
- किसानों के ट्यूबवेल के कनेक्शन जारी किए जाएं।
- हाल ही में यूरिया खाद की कमी के कारण किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
- यूरिया उपलब्ध करवाई जाए।
- बुढ़ापा पेंशन में कटौती की जा रही है, जिन लोगों की पेंशन बंद की गई है, उसे पुन: बहाल किया जाए।
- आंगनबाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर, पीटीआई अध्यापकों की मांगों को पूरा किया जाए।
- पक्के खाल बनाने पर फव्वारा सिस्टम की शर्तों को हटाया जाए। बंद पड़े शैक्षणिक संस्थानों को खोला जाए।