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Sirsa News: भाजपा प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर को छोड़ बाकी प्रत्याशी का नहीं सिरसा में वोट

Thu, 02 May 2024 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Thu, 02 May 2024 12:03 AM IST
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Except BJP candidate Dr. Ashok Tanwar, no other candidates voted in Sirsa.
सिरसा। लोकसभा प्रत्याशियों भले ही सिरसा को अपना परिवार और अपना घर बताते हुए नजर आते हैं। हर जगह पर यही बातें जनता को सुनने को मिल रही है। चुनाव मैदान में उतरी चार बड़ी पार्टियों के नेताओं में से तीनों का वोट सिरसा में नहीं है। कभी सिरसा में पैराशूट प्रत्याशी रहे डाॅ. अशोक तंवर अब सिरसा के होकर रह गए। उन्होंने अपनी पत्नी सहित सिरसा के हुडा सेक्टर 20 के बूथ को अपना मतदान केंद्र बना दिया। हालांकि संदीप लोट का वोट नरवाना में पड़ता है, जो लोकसभा सिरसा के अंतर्गत आता है।
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बता दें कि कांग्रेस से कुमारी सैलजा एक बार फिर से सिरसा के रण में उतरी हैं। जजपा ने रमेश खटक को, इनेलो ने युवा संदीप लोट को और बसपा ने लीलूराम आसाखेड़ा को मैदान में उतारा है। इससे पहले कुमारी सैलजा साल 1988 में पहली बार सिरसा से चुनावी जीती, 1991 में लोकदल के हेतराम को हराकर तो 1996 में सोशल एक्शन पार्टी के डाॅ. सुशील इंदौरा को हराकर दूसरी बार सांसद बनीं। 1998 में इंदौरा से चुनाव हारने के बाद सैलजा ने सिरसा से दूरी बना ली। कई बार उनके नाम के चर्च सिरसा में प्रत्याशी को लेकर रहे, लेकिन उन्होंने अंबाला को चुना और वहां से सांसद रहीं। सिरसा में कभी अपना वोट नहीं बनवाया और घर भी बनाया तो हिसार को चुना। वहीं डाॅ. अशोक तंवर 2009 में सिरसा से पहली बार सांसद बने। इसके बाद उन्होंने सिरसा के हुडा सेक्टर में अपना घर बना लिया। 15 सालों से चाहे हारे हो या जीते हो, सिरसा में आकर जम गए।
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क्षेत्रीय मुद्दों से दूरी बनाए हुए हैं प्रत्याशी
बता दें कि कांग्रेस हो या भाजपा, इनेलो या जेजेपी सभी मौजूदा समय के क्षेत्रीय मुद्दों से दूरी बना चुके है। जहां किसान नेता प्रत्याशियों का विरोध करते देखे जा सकते है। लेकिन वह कितने किसान हितैषी हैं, इसका नजारा मंडियों में 20 दिनों से उठान को लेकर पड़ी गेहूं और सरसों की बोरियों को देखकर लगाया जा सकता है। किसान की बात करने वाले नेताओं को याद भी नहीं है कि 16 दिनों से किसानों की फसल का भुगतान हुआ है या नहीं। ऐसे में किसान व आमजन के मुद्दों को दरकिनार कर, केंद्रीय मुद्दों को भुनाने में सभी लगे हुए हैं।
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