{"_id":"687001bd8c6c9558030e77ed","slug":"emotional-intelligence-is-an-essential-aspect-of-leadership-sirsa-news-c-128-1-slko1008-140624-2025-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: भावनात्मक बुद्धिमत्ता नेतृत्व क्षमता का जरूरी पहलू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: भावनात्मक बुद्धिमत्ता नेतृत्व क्षमता का जरूरी पहलू
विज्ञापन
कार्यशाला में जानकारी देते हुए प्रोफेसर कालड़ा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा। जिले के विभिन्न विभागों में नव पदोन्नत प्रधानाचार्यों के लिए परिचयात्मक प्रशिक्षक कार्यक्रम का आयोजन जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) डिंग में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के चौथे दिन चौधरी कुरड़ा राम मेमोरियल कन्या महाविद्यालय जमाल के प्राचार्य डा. दलजीत सिंह कालड़ा ने बतौर मुख्य वक्ता प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिरकत की।
कालड़ा ने कहा कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता नेतृत्व क्षमता का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह हमें अपने और दूसरों के भावनाओं को समझने और प्रबंधित करने में मदद करती है, जिससे हम जीवन में बेहतर निर्णय लेकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सभी नव पदोन्नत प्रशिक्षु प्रधानाचार्यों ने उनके व्याख्यान की सराहना की।
डाइट प्रवक्ता डाॅ. विनोद भट्टू ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता डाइट वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह नूनिया ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर की भूमिका संयुक्त तौर पर वरिष्ठ प्रवक्ता चंद्र प्रकाश शर्मा एवं डा. सोम प्रकाश ठकराल ने निभाई। वहीं, दूसरे सत्र में चौधरी देवीलाल, विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग से आरटीआई विशेषज्ञ एवं प्रोफेसर डाॅ. राजकुमार सिवाच ने सूचना का अधिकार अधिनियम विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार नागरिकों में सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली के प्रति समझ एवं पारदर्शिता को बढ़ाता है। सांध्यकालीन सत्र में जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ, सिरसा के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर डाॅ. राजेंद्र सिंह वधवा ने समावेशी शिक्षा विषय पर विस्तृत ढंग से व्याख्यान प्रस्तुत किया।
इस मौके पर डाइट प्रवक्ता डाॅ. सतपाल सिंह, डाॅ. अनिल बिश्नोई, दलीप गोदारा, राकेश मोहन, सूरज दुग्गल, सुखपाल, सुनील कुसुंभी, सुमित कुमार, सज्जन सिंह फौजी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
कालड़ा ने कहा कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता नेतृत्व क्षमता का एक महत्वपूर्ण पहलू है। यह हमें अपने और दूसरों के भावनाओं को समझने और प्रबंधित करने में मदद करती है, जिससे हम जीवन में बेहतर निर्णय लेकर अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने परिचयात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित सभी नव पदोन्नत प्रशिक्षु प्रधानाचार्यों ने उनके व्याख्यान की सराहना की।
विज्ञापन
डाइट प्रवक्ता डाॅ. विनोद भट्टू ने बताया कि कार्यक्रम की अध्यक्षता डाइट वरिष्ठ प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह नूनिया ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम कोऑर्डिनेटर की भूमिका संयुक्त तौर पर वरिष्ठ प्रवक्ता चंद्र प्रकाश शर्मा एवं डा. सोम प्रकाश ठकराल ने निभाई। वहीं, दूसरे सत्र में चौधरी देवीलाल, विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग से आरटीआई विशेषज्ञ एवं प्रोफेसर डाॅ. राजकुमार सिवाच ने सूचना का अधिकार अधिनियम विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार नागरिकों में सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली के प्रति समझ एवं पारदर्शिता को बढ़ाता है। सांध्यकालीन सत्र में जननायक चौधरी देवीलाल विद्यापीठ, सिरसा के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर डाॅ. राजेंद्र सिंह वधवा ने समावेशी शिक्षा विषय पर विस्तृत ढंग से व्याख्यान प्रस्तुत किया।
इस मौके पर डाइट प्रवक्ता डाॅ. सतपाल सिंह, डाॅ. अनिल बिश्नोई, दलीप गोदारा, राकेश मोहन, सूरज दुग्गल, सुखपाल, सुनील कुसुंभी, सुमित कुमार, सज्जन सिंह फौजी आदि मौजूद रहे।