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गुस्साएं ग्रामीणों ने रोकी निगम की गाड़ी, आश्वासन पर दी ढील
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सोमवार रात्रि से गुल हुई बिजली शुक्रवार तक बहाल नहीं करने की निगम की ढिलाई पर ग्रामीणों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने शुक्रवार को चौबुर्जा-मोडिय़ाखेड़ा मार्ग पर विद्युत निगम की गाड़ी को रोक लिया। ग्रामीणों के रोष की सूचना मिलने पर विद्युत निगम के एसडीओ विपिन वर्मा मौके पर पहुंचें और उन्होंने ग्रामीणों की समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया, इसके बाद निगम की सामान ढोने वाली गाड़ी को जाने दिया गया। निगम अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर गाड़ी को रंगड़ी में ही खड़ा कर दिया। जबकि एसडीओ विपिन वर्मा मोटरसाइकिल पर ही गांवों में गए और मौके का मुआयना किया।
उल्लेखनीय है कि सोमवार रात्रि को आई आंधी से माधोसिंघाना सब डिविजन में कई बिजली के खंभे टूटकर गिर गए और दर्जनभर से अधिक ट्रांसफार्मर भी नीचे आ गिरे। इससे क्षेत्र के दर्जनभर गांवों और ढाणियों की बिजली आपूर्ति सोमवार से ही ठप पड़ी है। विद्युत निगम की गाड़ी का चालक भूप सिंह शुक्रवार सुबह माधोसिंघाना से सामान लेकर जा रहा था। इस दौरान किसानों ने उसे मोड़ियारोड पर रोक लिया। प्रदीप कुमार, प्रमोद कुमार, बलविंद्र सिंह, बलबीर सिंह एडवोकेट, कृष्ण लाल, भजन लाल, बूटाराम, हरि चंद, रमेश एक्स सरपंच, विनोद, सोमनाथ, प्रकाश, अनूप सिंह, श्रवण कुमार, बलजीत सिंह, भरत सिंह, लक्ष्मण बट्टी, खेताराम, बलराम, विक्की, चोरुराम, रमेश कुमार, जसवंत सिंह, धन्नाराम, लवप्रीत, इशु, विक्रम, प्रकाश, भूपेंद्र सिंह, राजू, हरिचंद, प्रीतम, वरूण सिंह व अन्य ने रोष जताते हुए कहा कि निगम अधिकारियों को ग्रामीणों की जरा भी परवाह नहीं है। उन्होंने बताया कि 132केवी बेगू बिजलीघर से ढाणी राजेंद्र चौबुर्जा की चार किलोमीटर लाइन में एक ही दिशा के 70 पोल टूटे है। निगम अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहें। ग्रामीणों के रोष की सूचना मिलने पर एसडीओ विपिन वर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों की मांग अनुसार व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया। इस पर लगभग दो घंटे बाद गाड़ी वहां से रवाना हुई।
आंधी-तूफान की वजह से भारी नुकसान हुआ है। निगम की ओर से विद्युत आपूर्ति बहाल करने की भरसक कोशिश की जा रही है। शुक्रवार को चार टीमें लगाई गई है। शनिवार को अतिरिक्त टीमें फील्ड में लगाई जाएंगी और जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। चार दिन तक निगम के एसडीओ, जेई और दो दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पर आधारित चार लोगों की टीम ही फील्ड में लगी थी, जिसके कारण काम में देरी हो रही थी। अब अतिरिक्त स्टॉफ के काम संभालने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
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रणधीर सिंह, एसई। बिजली निगम
फोटो 10
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उल्लेखनीय है कि सोमवार रात्रि को आई आंधी से माधोसिंघाना सब डिविजन में कई बिजली के खंभे टूटकर गिर गए और दर्जनभर से अधिक ट्रांसफार्मर भी नीचे आ गिरे। इससे क्षेत्र के दर्जनभर गांवों और ढाणियों की बिजली आपूर्ति सोमवार से ही ठप पड़ी है। विद्युत निगम की गाड़ी का चालक भूप सिंह शुक्रवार सुबह माधोसिंघाना से सामान लेकर जा रहा था। इस दौरान किसानों ने उसे मोड़ियारोड पर रोक लिया। प्रदीप कुमार, प्रमोद कुमार, बलविंद्र सिंह, बलबीर सिंह एडवोकेट, कृष्ण लाल, भजन लाल, बूटाराम, हरि चंद, रमेश एक्स सरपंच, विनोद, सोमनाथ, प्रकाश, अनूप सिंह, श्रवण कुमार, बलजीत सिंह, भरत सिंह, लक्ष्मण बट्टी, खेताराम, बलराम, विक्की, चोरुराम, रमेश कुमार, जसवंत सिंह, धन्नाराम, लवप्रीत, इशु, विक्रम, प्रकाश, भूपेंद्र सिंह, राजू, हरिचंद, प्रीतम, वरूण सिंह व अन्य ने रोष जताते हुए कहा कि निगम अधिकारियों को ग्रामीणों की जरा भी परवाह नहीं है। उन्होंने बताया कि 132केवी बेगू बिजलीघर से ढाणी राजेंद्र चौबुर्जा की चार किलोमीटर लाइन में एक ही दिशा के 70 पोल टूटे है। निगम अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहें। ग्रामीणों के रोष की सूचना मिलने पर एसडीओ विपिन वर्मा मौके पर पहुंचे और उन्होंने किसानों की मांग अनुसार व्यवस्था करने का भरोसा दिलाया। इस पर लगभग दो घंटे बाद गाड़ी वहां से रवाना हुई।
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आंधी-तूफान की वजह से भारी नुकसान हुआ है। निगम की ओर से विद्युत आपूर्ति बहाल करने की भरसक कोशिश की जा रही है। शुक्रवार को चार टीमें लगाई गई है। शनिवार को अतिरिक्त टीमें फील्ड में लगाई जाएंगी और जल्द ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। चार दिन तक निगम के एसडीओ, जेई और दो दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों पर आधारित चार लोगों की टीम ही फील्ड में लगी थी, जिसके कारण काम में देरी हो रही थी। अब अतिरिक्त स्टॉफ के काम संभालने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
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रणधीर सिंह, एसई। बिजली निगम
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