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Sirsa News: बिजली निगम का सजायाफ्ता तत्कालीन एसडीओ और जेई भ्रष्टाचार के दूसरे मामले में बरी
Wed, 22 Feb 2023 10:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Wed, 22 Feb 2023 10:56 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर भ्रष्टाचार के मामले में पांच साल की सजा काट रहे बिजली निगम के तत्कालीन एसडीओ पंकज गंडा को भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बरी कर दिया है। न्यायालय ने 16 अगस्त 2022 को एसडीओ पंकज गंडा को पांच व जेई जंटा सिंह को चार साल कैद की सजा सुनाई थी। बुधवार को न्यायालय ने वर्ष 2015 में कालांवाली थाने में दर्ज केस में दोनों को बरी कर दिया।
बता दें कि तत्कालीन एसडीओ पंकज गंडा के खिलाफ ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार करने के आरोप में कई एफआईआर दर्ज हैं। मामले के अनुसार किसान राजपाल शर्मा निवासी पीपली ने अपने खेत में ट्यूबवेल का कनेक्शन लेना था। एसडीओ पंकज गंडा और जेई जंटा सिंह ने उससे सेल्फ स्कीम के तहत लाइन, खंभे और ट्रांसफार्मर के लिए एक लाख 32 हजार 500 रुपये लिए। इसके बाद एसडीओ पंकज गंडा व जेई जंटा सिंह ने उसे विभाग के पत्रों की प्रतियां दीं और कहा कि जल्द कनेक्शन जारी हो जाएगा। कुछ दिनों बाद एसडीएम गंडा व जंटा सिंह ने कुछ खंभों की और जरूरत के लिए उससे 20 हजार रुपये मांगे। ट्यूबवेल कनेक्शन होने के बाद राजपाल शर्मा ने रसीद मांगी तो अधिकारी टालमटोल करते रहे। पड़ताल करने पर पता चला कि बिजली निगम के पास ट्यूबवेल कनेक्शन का कोई रिकॉर्ड नहीं है। फिर विभागीय अधिकारियों ने कहा कि उसके नाम पर लगा कनेक्शन अवैध है, इसलिए इसे काटा जाएगा। इसके बाद राजपाल शर्मा ने डबवाली कोर्ट में इस्तगासा दायर कर दिया। पुलिस ने एक दिसंबर 2015 को एफआईआर दर्ज कर दी।
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सिरसा ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर भ्रष्टाचार के मामले में पांच साल की सजा काट रहे बिजली निगम के तत्कालीन एसडीओ पंकज गंडा को भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बरी कर दिया है। न्यायालय ने 16 अगस्त 2022 को एसडीओ पंकज गंडा को पांच व जेई जंटा सिंह को चार साल कैद की सजा सुनाई थी। बुधवार को न्यायालय ने वर्ष 2015 में कालांवाली थाने में दर्ज केस में दोनों को बरी कर दिया।
बता दें कि तत्कालीन एसडीओ पंकज गंडा के खिलाफ ट्यूबवेल कनेक्शन के नाम पर करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार करने के आरोप में कई एफआईआर दर्ज हैं। मामले के अनुसार किसान राजपाल शर्मा निवासी पीपली ने अपने खेत में ट्यूबवेल का कनेक्शन लेना था। एसडीओ पंकज गंडा और जेई जंटा सिंह ने उससे सेल्फ स्कीम के तहत लाइन, खंभे और ट्रांसफार्मर के लिए एक लाख 32 हजार 500 रुपये लिए। इसके बाद एसडीओ पंकज गंडा व जेई जंटा सिंह ने उसे विभाग के पत्रों की प्रतियां दीं और कहा कि जल्द कनेक्शन जारी हो जाएगा। कुछ दिनों बाद एसडीएम गंडा व जंटा सिंह ने कुछ खंभों की और जरूरत के लिए उससे 20 हजार रुपये मांगे। ट्यूबवेल कनेक्शन होने के बाद राजपाल शर्मा ने रसीद मांगी तो अधिकारी टालमटोल करते रहे। पड़ताल करने पर पता चला कि बिजली निगम के पास ट्यूबवेल कनेक्शन का कोई रिकॉर्ड नहीं है। फिर विभागीय अधिकारियों ने कहा कि उसके नाम पर लगा कनेक्शन अवैध है, इसलिए इसे काटा जाएगा। इसके बाद राजपाल शर्मा ने डबवाली कोर्ट में इस्तगासा दायर कर दिया। पुलिस ने एक दिसंबर 2015 को एफआईआर दर्ज कर दी।
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