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Sirsa News: शिक्षा विभाग की दरें कम, अतिरिक्त खर्च कर खरीदनी पड़ रहीं साइकिलें
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सिरसा।साइकिल मेले में साइकिल पसंद करते हुए विद्यार्थी। संवाद
सिरसा। शिक्षा विभाग की ओर से विद्यार्थियों को साइकिल वितरण के लिए शहीद भगत सिंह स्टेडियम में दो दिवसीय साइकिल मेले का आयोजन किया गया। मेले में जिले के सभी खंडों के राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थी पहुंचे। सोमवार को नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए यह मेला लगाया गया था और मंगलवार को 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए मेला लगाया जाएगा।
मेले में विभिन्न कंपनियों की साइकिलें प्रदर्शित की गईं। इनमें 20 इंची और 22 इंची साइज की साइकिलें शामिल थीं। शिक्षा विभाग की ओर से निर्धारित दर के अनुसार 20 इंची साइकिल के लिए 3100 रुपये और 22 इंची साइकिल के लिए 3300 रुपये का भुगतान विभाग की ओर से किया जाना तय है।
अभिभावकों ने बताया कि मेले में जो साइकिलें प्रदर्शित की गई हैं, उनकी शुरुआती कीमत ही 3500 रुपये से शुरू हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि इन साइकिलों की गुणवत्ता अच्छी नहीं हैं। अच्छी गुणवत्ता की साइकिल खरीदने के लिए उन्हें 500 से 1000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।
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ऐसे में विद्यार्थियों को पसंद आने वाली साइकिल खरीदने के लिए भी अभिभावकों को अपने पास से अतिरिक्त राशि देनी पड़ रही है। अभिभावक राजेश कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से निर्धारित दरों की तुलना में बाजार भाव कहीं अधिक हैं। बच्चों को जो साइकिलें पसंद आ रही हैं, उनकी कीमतें 4000 से 4500 रुपये के बीच हैं।
ऐसे में हमें अपनी जेब से कम से कम 500 से 1000 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे है। इसी तरह, अभिभावक दयाराम ने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों को साइकिल सुविधा देने का सराहनीय कदम उठाया है, यदि विभाग बाजार दरों के अनुसार रेट तय करे तो किसी को अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
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संचालकों ने दिए ऑफर
मेले में निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने साइकिलों की खूबियां बताईं और विद्यार्थियों को विभिन्न मॉडल दिखाए। कुछ कंपनियों ने गियर वाली और स्पेशल डिजाइन वाली साइकिलें भी प्रदर्शित कीं, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। विभागीय अधिकारियों ने भी साइकिलों की गुणवत्ता की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि विद्यार्थियों को टिकाऊ व सुरक्षित साइकिलें उपलब्ध हों। वहीं कुछ संचालक विद्यार्थियों को साइकिल खरीदने पर ऑफर भी बताए। अगर विद्यार्थी साइकिल खरीदेंगे तो उन्हें, गिफ्ट वाउचर भी साथ दिया जाएगा।
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साइकिल चुनने का अवसर मिलने से खुशी है। विद्यालयों की ओर से पहले ही मेले की जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद अपने अभिभावकों के साथ स्टेडियम पहुंचे। मजबूत और हल्के वजन वाली साइकिलें पसंद आ रही हैं, ताकि रोजाना विद्यालय आने-जाने में सुविधा रहे।-- - सपना रानी, छात्रा।
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मुझे अच्छा लग रहा है कि साइकिल पसंद करने का मौका मिल रहा है। सभी स्टाॅलों पर जाकर साइकिलों को पसंद कर रहे हैं। जहां से पसंद आएगी वहां साइकिल बुक करवा देंगे।-- - मनप्रीत कौर, छात्रा।
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हमें जो साइकिल पसंद आ रही हैं वे रेट में ज्यादा है। इसके कारण हमारे माता - पिता को अपने पास से पैसे लगाकर साइकिल खरीदनी पड़ेंगी। शिक्षा विभाग को राशि बढ़ानी चाहिए।-- - प्रदीप, छात्र।
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जो साइकिल पसंद आ रही है वह महंगी है। महंगी साइकिल अभिभावक दिलवा नहीं रहे। ऐसे में मन मारकर जो विभाग ने बजट दिया है उसके आसपास की साइकिल पसंद कर रहे हैं।-- - विकास, छात्र।
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मेले में विभिन्न कंपनियों की साइकिलें प्रदर्शित की गईं। इनमें 20 इंची और 22 इंची साइज की साइकिलें शामिल थीं। शिक्षा विभाग की ओर से निर्धारित दर के अनुसार 20 इंची साइकिल के लिए 3100 रुपये और 22 इंची साइकिल के लिए 3300 रुपये का भुगतान विभाग की ओर से किया जाना तय है।
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अभिभावकों ने बताया कि मेले में जो साइकिलें प्रदर्शित की गई हैं, उनकी शुरुआती कीमत ही 3500 रुपये से शुरू हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि इन साइकिलों की गुणवत्ता अच्छी नहीं हैं। अच्छी गुणवत्ता की साइकिल खरीदने के लिए उन्हें 500 से 1000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं।
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ऐसे में विद्यार्थियों को पसंद आने वाली साइकिल खरीदने के लिए भी अभिभावकों को अपने पास से अतिरिक्त राशि देनी पड़ रही है। अभिभावक राजेश कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से निर्धारित दरों की तुलना में बाजार भाव कहीं अधिक हैं। बच्चों को जो साइकिलें पसंद आ रही हैं, उनकी कीमतें 4000 से 4500 रुपये के बीच हैं।
ऐसे में हमें अपनी जेब से कम से कम 500 से 1000 रुपये अतिरिक्त देने पड़ रहे है। इसी तरह, अभिभावक दयाराम ने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों को साइकिल सुविधा देने का सराहनीय कदम उठाया है, यदि विभाग बाजार दरों के अनुसार रेट तय करे तो किसी को अतिरिक्त भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
संचालकों ने दिए ऑफर
मेले में निजी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने साइकिलों की खूबियां बताईं और विद्यार्थियों को विभिन्न मॉडल दिखाए। कुछ कंपनियों ने गियर वाली और स्पेशल डिजाइन वाली साइकिलें भी प्रदर्शित कीं, जिससे विद्यार्थियों में उत्साह देखा गया। विभागीय अधिकारियों ने भी साइकिलों की गुणवत्ता की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि विद्यार्थियों को टिकाऊ व सुरक्षित साइकिलें उपलब्ध हों। वहीं कुछ संचालक विद्यार्थियों को साइकिल खरीदने पर ऑफर भी बताए। अगर विद्यार्थी साइकिल खरीदेंगे तो उन्हें, गिफ्ट वाउचर भी साथ दिया जाएगा।
साइकिल चुनने का अवसर मिलने से खुशी है। विद्यालयों की ओर से पहले ही मेले की जानकारी दे दी गई थी। इसके बाद अपने अभिभावकों के साथ स्टेडियम पहुंचे। मजबूत और हल्के वजन वाली साइकिलें पसंद आ रही हैं, ताकि रोजाना विद्यालय आने-जाने में सुविधा रहे।
मुझे अच्छा लग रहा है कि साइकिल पसंद करने का मौका मिल रहा है। सभी स्टाॅलों पर जाकर साइकिलों को पसंद कर रहे हैं। जहां से पसंद आएगी वहां साइकिल बुक करवा देंगे।
हमें जो साइकिल पसंद आ रही हैं वे रेट में ज्यादा है। इसके कारण हमारे माता - पिता को अपने पास से पैसे लगाकर साइकिल खरीदनी पड़ेंगी। शिक्षा विभाग को राशि बढ़ानी चाहिए।
जो साइकिल पसंद आ रही है वह महंगी है। महंगी साइकिल अभिभावक दिलवा नहीं रहे। ऐसे में मन मारकर जो विभाग ने बजट दिया है उसके आसपास की साइकिल पसंद कर रहे हैं।