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Haryana Earthquake: सिरसा में कांपी धरती, पंजाब की सीमा पर जमीन के दस किलोमीटर नीचे हुई हलचल
Thu, 25 Apr 2024 06:45 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला डिजिटल, हरियाणा
अमर उजाला डिजिटल, हरियाणा
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 25 Apr 2024 06:45 PM IST
सार
हरियाणा में गुरुवार शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप के कारण कई लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र सिरसा जिले में रहा है।
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हरियाणा के सिरसा में आया भूकंप।
- फोटो : seismo.gov
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विस्तार
हरियाणा के सिरसा में गुरुवार शाम को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.2 दर्ज की गई है। शाम छह बजकर दस मिनट पर हलचल महसूस की गई है। जमीन के दस किलोमीटर नीचे हुई हलचल के कारण धरती में कंपन महसूस किया गया।
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सिरसा में पंजाब की सीमा से सटे मंडी डबवाली के पास भूकंप का केंद्र रहा। यह क्षेत्र भूकंप के जोन दो में आता है। आमतौर पर ऐसे क्षेत्र में भूकंप का सबसे कम खतरा रहता है। भूकंप की तीव्रता सिरसा के अलावा राजस्थान के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और पंजाब के अबोहर, बठिंडा और मानसा क्षेत्र में भी महसूस की गई।
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जोन दो में आया भूकंप
भारत में भूकंप को चार जोन में बांटा गया है। जिसमें जोन दो, तीन, चार और पांच शामिल है। इसको खतरों के हिसाब से आंका जाता है। जोन दो में सबसे कम खतरा और जोन पांच में सबसे अधिक खतरा होता है। मैप में जोन दो को आसमानी रंग, जोन तीन को पीला रंग, जोन चार को संतरी रंग और जोन पांच को लाल रंग दिया गया है। इसमें रोहतक जिले का दिल्ली साइड का क्षेत्र जोन चार व हिसार साइड का क्षेत्र जोन तीन में आता है।
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भूकंप रोधी तकनीक से कम ऊंचाई वाले मकान बनाएं
लोगों को भूकंप रोधी पदार्थ से मकान बनाने चाहिए। लोगों को दो या तीन मंजिल से अधिक ऊंचे मकान नहीं बनाने चाहिए। मकान बनाने से पहले मिट्टी की जांच व भूकंप संबंधी अन्य बातों को जानना जरूरी है। मकान हल्के व मजबूत होने चाहिए।
यह है भूकंप का कारण
जमीन के नीचे फॉल्ट लाइन होती हैं। इसमें अनगिनत दरारें हैं। इन दरारों में गतिविधियां होती हैं। इसके तहत प्लेट मूवमेंट करती हैं। इसके आपस में हल्की सी टकराने पर ही कंपन पैदा होता है। यह कभी भी कहीं भी हो सकता है। इसी वजह से भूकंप के झटके महसूस होते हैं।