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धान छोड़ 23 धान छोड़ 23 एकड़ में कपास, मूंग व ग्वार की बिजाई कर की कमाई
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सिरसा। जल अनमोल है। किसान भाई भी अब जल संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं और फसल विविधीकरण अपना रहे हैं। गिरता हुआ भूजल स्तर सबके लिए चिंता का विषय है। जिले के गांव ऐलनाबाद के किसान रिछपाल ने जल संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। किसान रिछपाल ने खरीफ 2020 में धान की फसल को छोड़कर 23 एकड़ भूमि में नरमा की फसल बोई जिसमें उन्हें अच्छी पैदावार मिली और फसल की बिक्री एमएसपी पर करके मुनाफा कमाया।
इसके साथ-साथ किसान को मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत कृषि विभाग से सात हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। किसान रिछपाल का कहना है कि इस वर्ष उसने धान की फसल को छोड़कर 12 एकड़ में कपास, छह एकड़ मूंग व पांच एकड़ में ग्वार की बिजाई की है जिससे पानी की काफी मात्रा को बचाया जा सकेगा। किसान रिछपाल ने अन्य किसानों से आह्वान किया कि वे भी फसल विविधीकरण को अपनाएं और जल संरक्षण मुहिम में अपना योगदान दें।
मेरा पानी-मेरी विरासत योजना का लाभ लेने के लिए 25 जून तक करवाएं पंजीकरण
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को वैकल्पिक फसलों की बिजाई करने पर प्रोत्साहन स्वरूप सात हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। सिरसा में 29 हजार 10 एकड़ का लक्ष्य दिया गया है। इस योजना के अनुसार किसानों को धान फसल की बजाय वैकल्पिक फसल जैसे मक्का, कपास, अरहर, मूंग, ग्वार, तिल, मूंगफली, मोठ, उड़द, सोयाबीन व चारा और प्याज की फसल की कास्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। योजना में बाजरा की फसल बिजाई पर कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि जिस किसान ने पिछले वर्ष खरीफ 2020 में धान बोया था लेकिन इस वर्ष खरीफ में किला खाली छोड़ता है तो वह भी इस स्कीम के लाभ का हकदार माना जाएगा। यदि किसी किसान ने पिछले वर्ष फसल विविधीकरण के अंर्तगत खरीफ 2020 में प्रोत्साहन राशि ली है और खरीफ 2021 में भी वह फसल विविधीकरण करता है तो वह भी लाभ का पात्र माना जाएगा। योजना के तहत किसानों को प्रोत्साहन राशि दो किस्त में दी जाएगी।
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इसके साथ-साथ किसान को मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत कृषि विभाग से सात हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई। किसान रिछपाल का कहना है कि इस वर्ष उसने धान की फसल को छोड़कर 12 एकड़ में कपास, छह एकड़ मूंग व पांच एकड़ में ग्वार की बिजाई की है जिससे पानी की काफी मात्रा को बचाया जा सकेगा। किसान रिछपाल ने अन्य किसानों से आह्वान किया कि वे भी फसल विविधीकरण को अपनाएं और जल संरक्षण मुहिम में अपना योगदान दें।
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मेरा पानी-मेरी विरासत योजना का लाभ लेने के लिए 25 जून तक करवाएं पंजीकरण
उपायुक्त अनीश यादव ने बताया कि मेरा पानी-मेरी विरासत योजना के तहत सरकार द्वारा किसानों को वैकल्पिक फसलों की बिजाई करने पर प्रोत्साहन स्वरूप सात हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। सिरसा में 29 हजार 10 एकड़ का लक्ष्य दिया गया है। इस योजना के अनुसार किसानों को धान फसल की बजाय वैकल्पिक फसल जैसे मक्का, कपास, अरहर, मूंग, ग्वार, तिल, मूंगफली, मोठ, उड़द, सोयाबीन व चारा और प्याज की फसल की कास्त करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। योजना में बाजरा की फसल बिजाई पर कोई प्रोत्साहन राशि नहीं दी जाएगी।
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उन्होंने बताया कि जिस किसान ने पिछले वर्ष खरीफ 2020 में धान बोया था लेकिन इस वर्ष खरीफ में किला खाली छोड़ता है तो वह भी इस स्कीम के लाभ का हकदार माना जाएगा। यदि किसी किसान ने पिछले वर्ष फसल विविधीकरण के अंर्तगत खरीफ 2020 में प्रोत्साहन राशि ली है और खरीफ 2021 में भी वह फसल विविधीकरण करता है तो वह भी लाभ का पात्र माना जाएगा। योजना के तहत किसानों को प्रोत्साहन राशि दो किस्त में दी जाएगी।