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Sirsa News: आशा वर्कर्स की हड़ताल के कारण यूविन पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा बच्चों का डाटा
Fri, 22 Sep 2023 10:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 22 Sep 2023 10:06 PM IST
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लघु सचिवालय के समक्ष धरने पर बैठी आशा वर्कर्स ।
सिरसा। केंद्र सरकार की ओर से पांच वर्ष तक के बच्चों की जानकारी ऑनलाइन किए जाने के लिए यूविन पोर्टल शुरू किया गया है ताकि कोई भी शिशु विभिन्न बीमारियों के टीके से वंचित न रह सके। लेकिन बीते डेढ़ माह से आशा वर्कर्स की हड़ताल होने के चलते यह डाटा पोर्टल पर दर्ज नहीं हो पा रहा है।
वेतन बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर आशा वर्कर्स हड़ताल पर होने के कारण उनकी तरफ से किए जाने वाले कार्य अब पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। जिनमें गर्भवती महिलाओं की जांच करवाने, बच्चों का रजिस्ट्रेशन करना, सर्व सहित अन्य कई प्रकार के कार्य अब बंद हैं। वहीं आशा वर्कर्स और एनएनएम के माध्यम से ही बच्चों का यूविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाना था। लेकिन आशा वर्कर्स की हड़ताल के कारण यह रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बंद पड़ी है। जिले में अभी ऑनलाइन डाटा अपलोड किए जाने का काम शुरू ही नहीं हो पाया है। ऐसे में बच्चों के इंजेक्शन लगे होने व उनके परिवार की जानकारी भी इस पर दर्ज नहीं हो पा रही है। जिले में हर वर्ष 12 से 13 हजार के करीब बच्चों का जन्म होता है। शिशुओं के जन्म से लेकर उनके पांच वर्ष तक कई इंजेक्शन लगते हैं। इन सभी इंजेक्शनों संबंधित जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जानी है।
बच्चों की तलाश करने में होगी आसानी
शिशुओं के जन्म के बाद उनके परिजन दूसरे जिले व प्रदेश में चले जाते हैं। ऐसे में उन शिशुओं को पांच वर्ष तक लगने वाले इंजेक्शन नहीं लग पाते। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस तरह के शिशुओं को ट्रेस करने के लिए सर्वे भी किया जाता है। ऐसे में उन शिशुओं की तलाश आसानी से हो पाए इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से यूविन पोर्टल शुरू किया गया है। बच्चों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद दूसरे राज्य व जिले में भी शिशु को लगे इंजेक्शनों संबंधित हर प्रकार की जानकारी मिल पाएगी। हालांकि इन शिशुओं के अभिभावकों की ओर से दर्ज करवाई जाने वाली जानकारी के माध्यम से उन्हें ट्रेस करने में भी आसानी होगी।
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जिले में आशा वर्कर्स की हड़ताल के कारण यूविन पोर्टल पर शिशुओं का डाटा अभी दर्ज नहीं हो पा रहा है। इसके लिए अन्य कर्मचारियों से रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है। इससे शिशुओं को लगने वाले टीके संबंधित जानकारी ऑनलाइन ही पोर्टल पर दर्ज होगी।
डॉ. नितिन सोमानी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, सिरसा ।
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वेतन बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर आशा वर्कर्स हड़ताल पर होने के कारण उनकी तरफ से किए जाने वाले कार्य अब पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। जिनमें गर्भवती महिलाओं की जांच करवाने, बच्चों का रजिस्ट्रेशन करना, सर्व सहित अन्य कई प्रकार के कार्य अब बंद हैं। वहीं आशा वर्कर्स और एनएनएम के माध्यम से ही बच्चों का यूविन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया जाना था। लेकिन आशा वर्कर्स की हड़ताल के कारण यह रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया बंद पड़ी है। जिले में अभी ऑनलाइन डाटा अपलोड किए जाने का काम शुरू ही नहीं हो पाया है। ऐसे में बच्चों के इंजेक्शन लगे होने व उनके परिवार की जानकारी भी इस पर दर्ज नहीं हो पा रही है। जिले में हर वर्ष 12 से 13 हजार के करीब बच्चों का जन्म होता है। शिशुओं के जन्म से लेकर उनके पांच वर्ष तक कई इंजेक्शन लगते हैं। इन सभी इंजेक्शनों संबंधित जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जानी है।
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बच्चों की तलाश करने में होगी आसानी
शिशुओं के जन्म के बाद उनके परिजन दूसरे जिले व प्रदेश में चले जाते हैं। ऐसे में उन शिशुओं को पांच वर्ष तक लगने वाले इंजेक्शन नहीं लग पाते। स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस तरह के शिशुओं को ट्रेस करने के लिए सर्वे भी किया जाता है। ऐसे में उन शिशुओं की तलाश आसानी से हो पाए इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से यूविन पोर्टल शुरू किया गया है। बच्चों का रजिस्ट्रेशन होने के बाद दूसरे राज्य व जिले में भी शिशु को लगे इंजेक्शनों संबंधित हर प्रकार की जानकारी मिल पाएगी। हालांकि इन शिशुओं के अभिभावकों की ओर से दर्ज करवाई जाने वाली जानकारी के माध्यम से उन्हें ट्रेस करने में भी आसानी होगी।
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जिले में आशा वर्कर्स की हड़ताल के कारण यूविन पोर्टल पर शिशुओं का डाटा अभी दर्ज नहीं हो पा रहा है। इसके लिए अन्य कर्मचारियों से रजिस्ट्रेशन करवाया जा रहा है। इससे शिशुओं को लगने वाले टीके संबंधित जानकारी ऑनलाइन ही पोर्टल पर दर्ज होगी।
डॉ. नितिन सोमानी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, सिरसा ।