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अवैध कॉलोनी स्थापित करने वालों पर डीटीपी विभाग सख्त, पर पुलिस मेहरबान
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सिरसा। अवैध कॉलोनी स्थापित करने वालों पर कार्रवाई के लिए सरकार भी सख्त है और जिला नगर योजनाकार विभाग भी जुटा हुआ है। लेकिन इसके बावजूद पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा। अवैध कॉलोनाइजरों पर विभाग सख्त है लेकिन पुलिस मेहरबान। विभाग की ओर से सर्वे के बाद पांच कॉलोनी स्थापित करने वाले अलग-अलग कॉलोनाइजरों की सूची पुलिस प्रशासन को को अक्तूबर और नवंबर माह में सौंप दी, साथ ही एफआईआर दर्ज करने की गुजारिश की। लेकिन अभी तक पुलिस इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज नहीं कर पाई है।
जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने आए गृहमंत्री अनिल विज ने पुलिस को इसलिए लताड़ा था कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने तय समय सीमा में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया। लेकिन इसके बावजूद अभी भी पुलिस पुरानी व्यवस्था पर ही कायम है। जिला नगर योजनाकार विभाग ने अवैध कॉलोनी स्थापित करने वालों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को अक्तूबर और नवंबर माह में पांच पत्र भेजे। इनमें अलग-अलग कॉलोनी स्थापित करने वाले करीब 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लेकिन पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपी के खिलाफ मामला तक दर्ज नहीं किया है। ऐसे लापरवाही पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।
डीटीपी विभाग चलाता है सर्वे, नोटिस देकर ढहाता है निर्माण
कोई भी कॉलोनी स्थापित करने से पहले जिला नगर योजनाकार विभाग से मंजूरी लेनी पड़ती है। इसके लिए कृषि भूमि पर उद्योग लगाने या अन्य व्यवसायिक गतिविधियां चलाने के लिए भी सीएलयू लेना पड़ता है। इसलिए विभाग की ओर से सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी नियमों की अनदेखी नजर आती है, उन्हें नोटिस दिए जाते हैं। नोटिस का जवाब ना आने पर विभाग की ओर से अवैध कॉलोनियों में बने निर्माण को ढहा दिया जाता है और कॉलोनी स्थापित करने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई जाती है।
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जानिये... इन कॉलोनाजइरों पर पुलिस मेहरबान, शिकायत के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं
केस-01 : शमशाबाद पट्टी
शहर के साथ लगते शमशाबाद पट्टी में अवैध कॉलोनी बिना मंजूरी के काट दी गई। डीटीवी विभाग ने सर्वे के बाद नोटिस जारी किए और कार्रवाई की। साथ ही सिटी थाना पुलिस को 22 अक्तूबर को पत्र लिखकर अवैध कॉलोनी स्थापित करने के आरोप लगाते हुए प्यारा सिंह, मुख्तयार सिंह, हजारा सिंह, तारा सिंह को आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लेकिन इस मामले में आज तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
केस-02 : रामनगररिया कॉलोनी
रामनगरिया में अवैध कॉलानी स्थापित कर दी गई। इस पर जिला नगर योजनाकार विभाग ने सिटी थाना को शिकायत पत्र भेजा। इसमें रवि कांत सैनी निवास गुड़गांव, देवेंद्र सिंह निवासी सिरसा, गुड्डी, बिमला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लेकिन अभी तक पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
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केस-03 : खाजाखेड़ा कॉलानी
बेगू रोड स्थित खाजाखेड़ा के पास अवैैैध कॉलोनी का पता चला तो डीटीपी विभाग ने कार्रवाई शुरू की। नोटिस दिए और पुलिस को भी पत्र लिखा। कीर्ति नगर पुलिस चौकी को पत्र लिखकर जिला नगर योजनाकार विभाग के अधिकारियों ने राजेंद्र कुमार, गौरव मयंक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए गुजारिश की। लेकिन अभी भी पुलिस इस ओर ध्यान नहीं दे पाई है।
केस-04 : खाजाखेड़ा कॉलानी
खाजाखेड़ा में ही एक अन्य कॉलोनी स्थापित की गई। इस पर भी डीटीपी विभाग ने रानियां चुंगी पुलिस चौकी को पत्र लिखकर वीरेंद्र कुमार, संजय गोयल, मनदीप सिंह, सतीश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। यहां भी वही हाल है।
केस-05 : जीवननगर रोड, रानियां
रानियां के जीवन नगर रोड पर भी अवैध कॉलोनी स्थापित किए जाने का मामला सामने आया। जिला नगर योजनाकार विभाग ने रानियां पुलिस को पत्र लिखकर अवैैैध कॉलोनी स्थापित करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। इसमें रजत जांगड़ा को आरोपी बनाया गया है।
अवैध कॉलोनी स्थापित करने वालों के खिलाफ लगातार हम अभियान चला रहे हैं। बिन मंजूरी कॉलोनी स्थापित करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए पुलिस को पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक कार्रवाई का इंतजार है।
-राजकीर्ति, जिला नगर योजनाकार, सिरसा
यदि डीटीपी विभाग की ओर से पत्र आया है तो जल्द से जल्द मामला दर्ज करेंगे। विभाग का सहयोग भी किया जाएगा और पुलिस नियम अनुसार कार्रवाई भी करेगी।
-डॉ. अर्पित जैन, एसपी, सिरसा।
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जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक लेने आए गृहमंत्री अनिल विज ने पुलिस को इसलिए लताड़ा था कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने तय समय सीमा में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया। लेकिन इसके बावजूद अभी भी पुलिस पुरानी व्यवस्था पर ही कायम है। जिला नगर योजनाकार विभाग ने अवैध कॉलोनी स्थापित करने वालों पर कार्रवाई के लिए पुलिस को अक्तूबर और नवंबर माह में पांच पत्र भेजे। इनमें अलग-अलग कॉलोनी स्थापित करने वाले करीब 16 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लेकिन पुलिस ने अभी तक एक भी आरोपी के खिलाफ मामला तक दर्ज नहीं किया है। ऐसे लापरवाही पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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डीटीपी विभाग चलाता है सर्वे, नोटिस देकर ढहाता है निर्माण
कोई भी कॉलोनी स्थापित करने से पहले जिला नगर योजनाकार विभाग से मंजूरी लेनी पड़ती है। इसके लिए कृषि भूमि पर उद्योग लगाने या अन्य व्यवसायिक गतिविधियां चलाने के लिए भी सीएलयू लेना पड़ता है। इसलिए विभाग की ओर से सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। जहां भी नियमों की अनदेखी नजर आती है, उन्हें नोटिस दिए जाते हैं। नोटिस का जवाब ना आने पर विभाग की ओर से अवैध कॉलोनियों में बने निर्माण को ढहा दिया जाता है और कॉलोनी स्थापित करने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज करवाई जाती है।
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जानिये... इन कॉलोनाजइरों पर पुलिस मेहरबान, शिकायत के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं
केस-01 : शमशाबाद पट्टी
शहर के साथ लगते शमशाबाद पट्टी में अवैध कॉलोनी बिना मंजूरी के काट दी गई। डीटीवी विभाग ने सर्वे के बाद नोटिस जारी किए और कार्रवाई की। साथ ही सिटी थाना पुलिस को 22 अक्तूबर को पत्र लिखकर अवैध कॉलोनी स्थापित करने के आरोप लगाते हुए प्यारा सिंह, मुख्तयार सिंह, हजारा सिंह, तारा सिंह को आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लेकिन इस मामले में आज तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
केस-02 : रामनगररिया कॉलोनी
रामनगरिया में अवैध कॉलानी स्थापित कर दी गई। इस पर जिला नगर योजनाकार विभाग ने सिटी थाना को शिकायत पत्र भेजा। इसमें रवि कांत सैनी निवास गुड़गांव, देवेंद्र सिंह निवासी सिरसा, गुड्डी, बिमला के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। लेकिन अभी तक पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
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केस-03 : खाजाखेड़ा कॉलानी
बेगू रोड स्थित खाजाखेड़ा के पास अवैैैध कॉलोनी का पता चला तो डीटीपी विभाग ने कार्रवाई शुरू की। नोटिस दिए और पुलिस को भी पत्र लिखा। कीर्ति नगर पुलिस चौकी को पत्र लिखकर जिला नगर योजनाकार विभाग के अधिकारियों ने राजेंद्र कुमार, गौरव मयंक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए गुजारिश की। लेकिन अभी भी पुलिस इस ओर ध्यान नहीं दे पाई है।
केस-04 : खाजाखेड़ा कॉलानी
खाजाखेड़ा में ही एक अन्य कॉलोनी स्थापित की गई। इस पर भी डीटीपी विभाग ने रानियां चुंगी पुलिस चौकी को पत्र लिखकर वीरेंद्र कुमार, संजय गोयल, मनदीप सिंह, सतीश कुमार के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। यहां भी वही हाल है।
केस-05 : जीवननगर रोड, रानियां
रानियां के जीवन नगर रोड पर भी अवैध कॉलोनी स्थापित किए जाने का मामला सामने आया। जिला नगर योजनाकार विभाग ने रानियां पुलिस को पत्र लिखकर अवैैैध कॉलोनी स्थापित करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। इसमें रजत जांगड़ा को आरोपी बनाया गया है।
अवैध कॉलोनी स्थापित करने वालों के खिलाफ लगातार हम अभियान चला रहे हैं। बिन मंजूरी कॉलोनी स्थापित करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करवाने के लिए पुलिस को पत्र लिखा गया है लेकिन अभी तक कार्रवाई का इंतजार है।
-राजकीर्ति, जिला नगर योजनाकार, सिरसा
यदि डीटीपी विभाग की ओर से पत्र आया है तो जल्द से जल्द मामला दर्ज करेंगे। विभाग का सहयोग भी किया जाएगा और पुलिस नियम अनुसार कार्रवाई भी करेगी।
-डॉ. अर्पित जैन, एसपी, सिरसा।