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नशा मुक्ति केंद्रों पर ड्रग विभाग की छापामारी, एक मेडिकल सील
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मेडिकल स्टोर को सील करते हुए।
- फोटो : Sirsa
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नशे पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पिछले काफी समय से सतर्क है। इसी कड़ी में नशा बेचने की गुप्त सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार को बठिंडा रोड पर नशा मुक्ति केंद्र चला रहे दो निजी अस्पतालों में ड्रग विभाग की टीम ने उनका रिकॉर्ड जांचा। एक अस्पताल के रिकॉर्ड में अनियमितताएं पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य विभाग नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा और उसी अस्पताल के मेडिकल स्टोर में रिकॉर्ड गड़बड़ी के चलते टीम द्वारा उसे सील कर दिया गया, वहीं दूसरे केंद्र में कुछ कमियां पाई गई। जिसे भी नोटिस देकर जवाब तलब किया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डिस्ट्रिक्ट ड्रग कंट्रोलर रजनीश धानीवाल ने बताया कि उच्चाधिकारियों को सूचना मिली थी कि नशा मुक्ति केंद्रों में इन दिनों कोरियर सर्विस की मार्फत नशे की सप्लाई की जा रही है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक टीम का गठन किया गया। जिसमें उनके अलावा सिरसा के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रोहताश, मेडिकल ऑफिसर सुरेश पंवार और डॉ. विक्रम सोनी शामिल हैं। उन्होंने सबसे पहले ऑन डॉट कोरियर सर्विस को चेक किया और रिकॉर्ड लिया, जिसमें कुछ नहीं पाया गया। उसके बाद टीम कॉलोनी रोड पर स्थित मोंगा कोरियर सर्विस पर पहुंची, जहां उन्हें बुपरेक्स टेबलेट के दो डिब्बे बरामद हुए जो बठिंडा रोड स्थित प्रेरणा मानसिक रोग अस्पताल एवं नशा मुक्ति केंद्र के थे। जिसके बाद टीम उक्त नशा केंद्र में पहुंची और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा किसी तरह का रिकॉर्ड मेनटेन नहीं किया गया। इसके अलावा अस्पताल के भीतर ही चल रहे मेडिकल स्टोर बालाजी फार्मा का जब रिकॉर्ड चेक किया गया तो वह सेल-पर्चेज से संबंधित कोई रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके अलावा अन्य रिकॉर्ड में भी कई अनियमितताएं पाई गई। जिसके चलते मेडिकल को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को सिविल सर्जन द्वारा नोटिस जारी कर और मेडिकल संचालक को ड्रग विभाग द्वारा नोटिस जारी कर आगामी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद टीम ने इसी रोड पर स्थित बंसल मानसिक रोग व नशा मुक्ति केंद्र और मेडिकल स्टोर की भी जांच की गई। जहां कुछ मामूली खामियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि नोटिस का जवाब आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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इस संबंध में जानकारी देते हुए डिस्ट्रिक्ट ड्रग कंट्रोलर रजनीश धानीवाल ने बताया कि उच्चाधिकारियों को सूचना मिली थी कि नशा मुक्ति केंद्रों में इन दिनों कोरियर सर्विस की मार्फत नशे की सप्लाई की जा रही है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक टीम का गठन किया गया। जिसमें उनके अलावा सिरसा के डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रोहताश, मेडिकल ऑफिसर सुरेश पंवार और डॉ. विक्रम सोनी शामिल हैं। उन्होंने सबसे पहले ऑन डॉट कोरियर सर्विस को चेक किया और रिकॉर्ड लिया, जिसमें कुछ नहीं पाया गया। उसके बाद टीम कॉलोनी रोड पर स्थित मोंगा कोरियर सर्विस पर पहुंची, जहां उन्हें बुपरेक्स टेबलेट के दो डिब्बे बरामद हुए जो बठिंडा रोड स्थित प्रेरणा मानसिक रोग अस्पताल एवं नशा मुक्ति केंद्र के थे। जिसके बाद टीम उक्त नशा केंद्र में पहुंची और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा किसी तरह का रिकॉर्ड मेनटेन नहीं किया गया। इसके अलावा अस्पताल के भीतर ही चल रहे मेडिकल स्टोर बालाजी फार्मा का जब रिकॉर्ड चेक किया गया तो वह सेल-पर्चेज से संबंधित कोई रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके अलावा अन्य रिकॉर्ड में भी कई अनियमितताएं पाई गई। जिसके चलते मेडिकल को सील कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रबंधन को सिविल सर्जन द्वारा नोटिस जारी कर और मेडिकल संचालक को ड्रग विभाग द्वारा नोटिस जारी कर आगामी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद टीम ने इसी रोड पर स्थित बंसल मानसिक रोग व नशा मुक्ति केंद्र और मेडिकल स्टोर की भी जांच की गई। जहां कुछ मामूली खामियां पाई गई हैं, उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा जाएगा। उन्होंने कहा कि नोटिस का जवाब आने के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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