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Sirsa News: बरसाती नालों की सफाई के नाम पर 40 लाख खर्च पर व्यवस्था बदहाल

Mon, 24 Aug 2026 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा Updated Mon, 24 Aug 2026 11:14 PM IST
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drains not covered
सिरसा। बरसाती नालों पर लगाए गए स्लैब। संवाद 
डीसी से लेकर जिला नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद भी कई बरसाती नाले नहीं किए गए कवर
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एजेंसी के साथ मिलीभगत के आरोप, जगह-जगह कचरे से अटे पड़े हैं नाले
फोटो -- 38
संवाद न्यूज एजेंसी
बरसाती नालों की सफाई और ढकने के नाम पर 40 लाख से अधिक खर्च, फिर भी व्यवस्था बदहाल डीसी से लेकर जिला नगर आयुक्त के निरीक्षण के बाद भी कई बरसाती नाले नहीं किए गए कवर

एजेंसी के साथ मिलीभगत के आरोप, जगह-जगह कचरे से अटे पड़े हैं नाले कार्यकारी अधिकारी के आवास के पास तक नालों को ढकने का काम अधूरा

मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल, हर साल लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद समस्या बरकरार
फोटो -- 38
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। बरसात के मौसम में शहर को जलभराव और गंदगी से बचाने के लिए बरसाती नालों की सफाई और उन्हें ढकने के नाम पर 40 लाख से ज्यादा खर्च किए गए। लाखों खर्च के बावजूद हालात में कोई ज्यादा सुधार नहीं आया है।
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स्लैब तक आधे ही लगाए गए हैं और विभाग के अधिकारियों ने काम को पूरा घोषित कर दिया गया है। आलम यह है कि जेई व एसडीओ स्तर के अधिकारियों ने मौका निरीक्षण कर हालात को जानना या काम पूरा है या नहीं। यह तक देखना गंवारा नहीं समझा।
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ऐसे में बरसाती नालों की सफाई से लेकर उनको कवर करने में धांधली सामने हुई है। टेंडर के अनुसार, डबवाली रोड पर बरसाती नालों की सफाई के साथ-साथ उन्हें पूरी तरह से कवर किया जाएगा ताकि उनमें कचरा न जाए और बारिश के पानी की ही निकासी हो।
कार्यकारी अधिकारी के आवास के सामने और दूसरी ओर नालों पर नई स्लैब ही नहीं लगाई गई। इतना ही नहीं, चतरगढ़पट्टी फाटक से लेकर महाराजा पैलेस तक पहले तो स्थायी अतिक्रमण को नहीं हटाया गया। इसके अलावा, आधे ही स्लैब लगाए गए हैं और काम को छोड़ दिया गया।
पिछले माह मुख्यालय से बरसाती नालों की स्थिति को लेकर रिपोर्ट मांगी गई थी। रिपोर्ट मांगने पर स्वयं जिला नगर आयुक्त ने बरसाती नालों का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान वहां पर लगाई जा रही स्लैब की गुणवत्ता को सही नहीं बताया था और जेई को नोटिस जारी किया था।
इस निरीक्षण के बाद एक दिन स्लैब निर्माण का कार्य किया गया। उसके बाद दोबारा स्लैब नहीं बनाई गई। आलम यह है कि आज भी डबवाली रोड पर बरसाती नाला आधा खुला पड़ा है। उच्चाधिकारियों के निरीक्षण के बाद भी बरसाती परियोजना में एजेंसी के साथ मिलकर गड़बड़ी करने से कर्मचारी बाज नहीं आए।
उससे बड़ी बात है कि पेमेंट जारी करने से पहले अध्यक्ष वीर शांति स्वरूप की ओर से मॉनिटरिंग की जाती है। उस मॉनिटरिंग में भी इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। ऐसे में नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।
अधिकारियों को अपने आवास के सामने ही नजर नहीं आते नाले
खास बात यह है कि जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों की ओर से समय-समय पर बरसाती नालों का निरीक्षण किया गया था। इसके बावजूद कई नालों को कवर नहीं किया गया। यहां तक कि नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के आवास के आसपास भी नालों को ढकने का काम पूरा नहीं हो सका। इससे कार्य की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हर साल ऐसे ही होती है खानापूर्ति
डबवाली रोड के दुकानदारों और अन्य लोगों ने बताया कि नालों की सफाई और उन्हें कवर करने के कार्य में संबंधित एजेंसी के साथ मिलकर अनियमितताएं की गई हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते नालों की सफाई और ढकने का काम सही तरीके से किया जाता तो बरसात के दौरान लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। आज भी यह नाले पूरी तरह से खुले पड़े हैं। हड़ताल के चलते लोग इसके साथ-साथ कचरा डालकर जाते हैं जो बाद में नाले में जमा हो जाता है।

कोट्स
बरसाती नालों की सफाई की निरीक्षण कर स्थिति जांची जाएगी। यदि स्लैब का कार्य अधूरा छोड़ा है और सफाई नहीं हुई है तो सफाई करवाई जाएगी। अधिकारियों से इस संबंध में जवाब लिया जाएगा।
-वीर शांति स्वरूप, अध्यक्ष नगर परिषद।
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