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जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:36 AM IST
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मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा ने कहा कि गीता मानव जाति का उद्धार करने वाला ग्रंथ है। गीता का जन्म मनुष्य को धर्म का सही अर्थ समझाने के दृष्टि से किया गया था।
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वे रविवार को चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह के दूसरे दिन सेमिनार में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।
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चोपड़ा ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इससे पहले उन्होंने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी व विभिन्न विभागों की स्टॉलों का निरीक्षण किया।
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उन्होंने कहा कि गीता का जन्म मनुष्य को धर्म का सही अर्थ समझाने के दृष्टि से किया गया था। जब गीता का वाचन स्वयं प्रभु ने किया तो उस समय कलियुग का आरंभ हो चुका था। कलियुग ऐसा दौर है जिसमें गुरु एवं ईश्वर स्वयं धरती पर मौजूद नहीं है जो भटकते अर्जुन को सही राह दिखा पाएं।
ऐसे में गीता के उपदेश मनुष्य जाति को राह प्रशस्त करते हैं। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने अतीत से अच्छे बुरे की प्रेरणा नहीं लेते उनका कोई भविष्य नहीं होता। हमें अच्छे बुरे का ध्यान करते हुए भविष्य के बारे में सोचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने प्रत्येक व्यक्ति तक गीता का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रत्येक जिले में जिलास्तरीय गीता जयंती समारोह मनाने की अनूठी पहल की है। उन्होंने कहा कि गीता में लिखा है कि जो समय का सम्मान करेगा, वही जीवन में सफल होगा।
इस मौके पर लालजी शास्त्री ने कहा कि ज्ञान के लिए बुद्धि का होना जरूरी है। गीता में ज्ञान का भंडार है। गीता जीवन का सार है। उन्होंने कहा कि जीवन के दो पहलु होते हैं एक सकारात्मक तथा दूसरा नकारात्मक। सकारात्मक सोच से ही व्यक्ति जीवन में उन्नति कर सकता है।
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नून महल जालंधर की साध्वी ओमप्रभा भारती व साध्वी विजय लक्ष्मी भारती ने गीता के बारे में सभागार में उपस्थित आमजन से प्रश्नोत्तरी की तथा उन्होंने गीता में लिखे श्लोकों को प्रायोगिक रुप से समझाया।
ओमप्रभा भारती ने कहा कि श्रीमद् भगवद् गीता को पढ़ने से ही इसका ज्ञान प्राप्त नहीं होता बल्कि इनके लिखे एक-एक शब्द को प्रायोगिक रुप से समझ कर अपने जीवन में उतारें तभी सच्चा ज्ञान मिल सकता है।
इस अवसर पर चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक कार्य विभाग की निदेशिका डॉ. दीप्ति धर्मानी ने कर्मयोग के बारे में विचार प्रगट किए। गीता जयंती समारोह मे गीता मनीषी द्रोण प्रसाद कोईराला, शिव कुमार मित्तल आदि ने भी गीता उद्बोधन किया।
इस मौके पर श्रीराम पब्लिक स्कूल के छात्रों ने वंदे मात्रम व दिव्य ज्योति जागृति संस्थान द्वारा गीता जी की आरती प्रस्तुत की गई तथा डेरू, जंगम, बीण, नगाड़ा तथा काची घोड़ी एंड पार्टी आदि द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये गए। उपायुक्त निखिल गजराज ने मुख्य अतिथि जगदीश चोपड़ा को स्मृति चिह्न भेट किया। चोपड़ा ने लालजी शास्त्री व ओमप्रभा साध्वी की मंडली को स्मृति चिह्न भेंट किया। इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष अमीर चंद मेहता, अतिरिक्त उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़, प्रशासनिक अधिकारी
अनीश यादव, एसडीएम ऐलनाबाद प्रदीप दहिया, एसडीएम डबवाली अजय कुमार, एसडीएम सिरसा परमजीत सिंह चहल, नगराधीश बिजेंद्र सिंह, महाप्रबंधक रोड़वेज सुरेश कसवां, चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. असीम मिगलानी, रेणू शर्मा, शीशपाल कंबोज, राजेंद्र सिंह देसुजोधा, अमन चोपड़ा, रत्नलाल बामणिया, गुरुदेव सिंह राही, सुरेश पंवार, सुरेंद्र नेहरा, प्रदीप रातुसरिया, यतिंद्र सिंह एडवोकेट, भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के प्रधान चंद्रपाल योगी आदि उपस्थित थे।