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मानवीय मूल्यों का विकास करें : ग्रोवर
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सिरसा।चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के दौरान म
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय के यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज सेल की ओर से आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का समापन समारोह सोमवार को रखा गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिक्षाविद राजकुमार ग्रोवर ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सार्थकता तभी है जब हम अपने अंदर मानवीय मूल्यों का विकास करें।
ग्रोवर ने कहा कि आज के समय में तकनीक और भौतिक संसाधनों की भरमार होने के बावजूद व्यक्ति के भीतर का संतुलन बिगड़ रहा है, जिसे केवल आत्मचिंतन, नैतिक आचरण और सकारात्मक सोच के माध्यम से ही पुनर्स्थापित किया जा सकता है। विश्वविद्यालयों का दायित्व केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास की दिशा में कार्य करना भी है।
समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि मानवीय मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों में न केवल सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जागृत करते हैं, बल्कि उन्हें एक सशक्त, नैतिक और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. अशोक शर्मा, यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज सेल के कोऑर्डिनेटर डॉ. रविंदर, डॉ. मीत, सलाहकार प्रो. श्याम लाल फुटेला, संयोजक प्रो. काशिफ किदवई, प्रो. राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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ग्रोवर ने कहा कि आज के समय में तकनीक और भौतिक संसाधनों की भरमार होने के बावजूद व्यक्ति के भीतर का संतुलन बिगड़ रहा है, जिसे केवल आत्मचिंतन, नैतिक आचरण और सकारात्मक सोच के माध्यम से ही पुनर्स्थापित किया जा सकता है। विश्वविद्यालयों का दायित्व केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि छात्रों के चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास की दिशा में कार्य करना भी है।
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समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि मानवीय मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कार्यक्रम शिक्षकों में न केवल सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना जागृत करते हैं, बल्कि उन्हें एक सशक्त, नैतिक और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं। इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. अशोक शर्मा, यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज सेल के कोऑर्डिनेटर डॉ. रविंदर, डॉ. मीत, सलाहकार प्रो. श्याम लाल फुटेला, संयोजक प्रो. काशिफ किदवई, प्रो. राजकुमार आदि मौजूद रहे।
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