{"_id":"69cc067de988df33380da5f6","slug":"despite-repeated-notices-the-commission-agents-did-not-bring-digital-weighing-scales-sirsa-news-c-21-1-hsr1033-840767-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: बार-बार नोटिस के बाद भी आढ़ती नहीं लेकर आए डिजिटल कांटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: बार-बार नोटिस के बाद भी आढ़ती नहीं लेकर आए डिजिटल कांटा
Tue, 31 Mar 2026 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:08 PM IST
विज्ञापन
सिरसा की मंडी में पुराने कांटे से सरसों की तुलाई होती।
सिरसा। प्रदेश सरकार ने धान के सीजन से पहले डिजिटल कांटे के माध्यम से तुलाई के आदेश दिए थे। पुराने कांटे में ज्यादा तुलाई के मामले लगातार उठ रहे थें। प्रशासन ने धान के सीजन में रियायत देते हुए आढ़तियों को गेहूं व सरसों के सीजन से पहले डिजिटल कांटे खरीदने के आदेश दिए थें। मार्केट कमेटी प्रशासन की ओर से आढ़तियों को बार-बार नोटिस दिए गए। बावजूद इसके आज तक आढ़ती डिजिटल कांटे खरीदकर नहीं लाए है। यही कारण है कि मंडी में मंगलवार को धड़ल्ले से पुराने कांटों से सरसों की तुलाई जोरों पर रही।
मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों के बार-बार नोटिस देने और बैठकें करने के बाद आढ़ती इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जिले भर में इसी प्रकार पुराने कांटों से तुलाई बड़े स्तर पर सरसों की जारी हैं। मंडियों में जगह-जगह पुराने कांटे ही नजर आ रहे हैं, इससे साबित होता है कि आढ़ती डिजिटल कांटे के आदेशों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। वहीं, मार्केट कमेटी सचिव की माने तो आढ़ती अगर पुराने कांटों से तुलाई करेंगे तो तुलाई को बंद करवा दिया जाएगा।
सरकार ने पारदर्शिता के चलते लागू किया डिजिटल कांटा
पुराने कांटों से तुलाई में अतिरिक्त तोलने के आरोप हर बार धान, सरसों और गेहूं के सीजन में आढ़तियों पर लगते रहे हैं। किसान नेताओं की ओर से बार-बार इस चीज को उठाया जा रहा था। इसी को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने पिछले साल नोटिफिकेशन जारी कर सभी मंडियों में तुलाई के लिए डिजिटल कांटे के आदेश दिए थे, ताकि एक-एक दाना की तुलाई हो सके। किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो।
विज्ञापन
ये दिए जाते हैं तर्क
आढ़तियों की ओर से डिजिलटल कांटे के प्रयोग को लेकर लंबे समय से यह तर्क दिए जा रहे हैं कि डिजिटल कांटे में बार बार शून्य का इंतजार करना पड़ता है। तेजी से काम करने के दौरान उसमें दिक्कत आ जाती है तो तुलाई सही तरह से नहीं हो पाती है। डिजिटल कांटे को चार्जिंग करना पड़ता है। चार्जिंग में दिक्कत होने पर तुलाई पर असर पड़ता है।
दो माह पहले हुई थी आखिरी बैठक
आढ़ती एसोसिएशन और मार्केट कमेटी सचिव के अधिकारियों के विस्तार से दो माह पहले बातचीत हुई थी। उस दौरान आढ़तियों ने पंजाब से डिजिटल कांटे मंगवाने की बात कहीं थी। इसके बाद भी बार-बार नोटिफिकेशन अधिकारियों ने ग्रुपों में डालकर कांटे खरीदने के लिए अपील की। कभी पंजाब तो कभी शहर से कांटे खरीदने की बात आढ़तियों ने कहीं। सरसों की खरीद का समय आने के बाद भी अभी तक मंडियों से डिजिटल कांटे गायब हैं।
हमारी ओर से आढ़तियों को नोटिस जारी किए गए हैं कि वे डिजिटल कांटों का तुलाई में प्रयोग करें। इसके बाद भी आढ़ती नहीं मानेंगे तो नियमानुसार जो कार्रवाई होगी, उसे किया जाएगा। तुलाई में पारदर्शिता को लेकर सरकार ने यह आदेश जारी किए हुए हैं।
-विरेंद्र मेहता, मार्केट कमेटी सचिव
विज्ञापन
मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों के बार-बार नोटिस देने और बैठकें करने के बाद आढ़ती इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जिले भर में इसी प्रकार पुराने कांटों से तुलाई बड़े स्तर पर सरसों की जारी हैं। मंडियों में जगह-जगह पुराने कांटे ही नजर आ रहे हैं, इससे साबित होता है कि आढ़ती डिजिटल कांटे के आदेशों को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। वहीं, मार्केट कमेटी सचिव की माने तो आढ़ती अगर पुराने कांटों से तुलाई करेंगे तो तुलाई को बंद करवा दिया जाएगा।
विज्ञापन
सरकार ने पारदर्शिता के चलते लागू किया डिजिटल कांटा
पुराने कांटों से तुलाई में अतिरिक्त तोलने के आरोप हर बार धान, सरसों और गेहूं के सीजन में आढ़तियों पर लगते रहे हैं। किसान नेताओं की ओर से बार-बार इस चीज को उठाया जा रहा था। इसी को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश सरकार ने पिछले साल नोटिफिकेशन जारी कर सभी मंडियों में तुलाई के लिए डिजिटल कांटे के आदेश दिए थे, ताकि एक-एक दाना की तुलाई हो सके। किसी प्रकार की कोई गड़बड़ी न हो।
विज्ञापन
ये दिए जाते हैं तर्क
आढ़तियों की ओर से डिजिलटल कांटे के प्रयोग को लेकर लंबे समय से यह तर्क दिए जा रहे हैं कि डिजिटल कांटे में बार बार शून्य का इंतजार करना पड़ता है। तेजी से काम करने के दौरान उसमें दिक्कत आ जाती है तो तुलाई सही तरह से नहीं हो पाती है। डिजिटल कांटे को चार्जिंग करना पड़ता है। चार्जिंग में दिक्कत होने पर तुलाई पर असर पड़ता है।
दो माह पहले हुई थी आखिरी बैठक
आढ़ती एसोसिएशन और मार्केट कमेटी सचिव के अधिकारियों के विस्तार से दो माह पहले बातचीत हुई थी। उस दौरान आढ़तियों ने पंजाब से डिजिटल कांटे मंगवाने की बात कहीं थी। इसके बाद भी बार-बार नोटिफिकेशन अधिकारियों ने ग्रुपों में डालकर कांटे खरीदने के लिए अपील की। कभी पंजाब तो कभी शहर से कांटे खरीदने की बात आढ़तियों ने कहीं। सरसों की खरीद का समय आने के बाद भी अभी तक मंडियों से डिजिटल कांटे गायब हैं।
हमारी ओर से आढ़तियों को नोटिस जारी किए गए हैं कि वे डिजिटल कांटों का तुलाई में प्रयोग करें। इसके बाद भी आढ़ती नहीं मानेंगे तो नियमानुसार जो कार्रवाई होगी, उसे किया जाएगा। तुलाई में पारदर्शिता को लेकर सरकार ने यह आदेश जारी किए हुए हैं।
-विरेंद्र मेहता, मार्केट कमेटी सचिव