{"_id":"6aa04c2f79ecfdaf2d034bc9","slug":"mandatory-registration-with-the-municipal-council-for-private-educational-institutions-new-guidelines-issued-sirsa-news-c-128-1-svns1027-164640-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: निजी शिक्षण संस्थानों को नगर परिषद में पंजीकरण कराना अनिवार्य, नए दिशा-निर्देश जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: निजी शिक्षण संस्थानों को नगर परिषद में पंजीकरण कराना अनिवार्य, नए दिशा-निर्देश जारी
Tue, 08 Sep 2026 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:25 PM IST
विज्ञापन
सिरसा। उच्च शिक्षा निदेशालय के मुख्य सचिव ने मंगलवार को निगमों, नगर परिषद और पालिकाओं के लिए विशेष आदेश जारी किए। ये आदेश संस्थानों के पंजीकरण से संबंधित हैं। बार-बार होने वाले हादसों के मद्देनजर इन्हें विशेष रूप से जारी किया गया है। अब सभी संस्थान संचालकों को अपनी विस्तृत रिपोर्ट के साथ नगर परिषद कार्यालय में पंजीकरण करवाना होगा।
नियमानुसार पाए जाने पर विभाग की ओर से एक साल का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इस प्रमाण पत्र के लिए कोचिंग सेंटर और संस्थानों के संचालकों को विशेष शुल्क देना होगा। उच्च शिक्षा निदेशालय के इन आदेशों के बाद नगर परिषद जल्द ही निजी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी करेगी। इन नोटिसों के माध्यम से उन्हें नई प्रक्रिया के बारे में विस्तार से अवगत कराया जाएगा।
उन्हें यह भी जानकारी दी जाएगी कि ऑनलाइन आवेदन किस प्रकार करना है। यदि कोई कोचिंग सेंटर या निजी शिक्षण संस्थान निर्धारित नियमानुसार नहीं पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आगामी प्रक्रिया की जाएगी। यह कदम हादसों को रोकने और संस्थानों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
विज्ञापन
पहले, करीब पांच साल पहले तक नगर परिषद ट्रेड लाइसेंस जारी करता था। यह लाइसेंस निजी शिक्षण संस्थाओं, अस्पतालों और औद्योगिक शिक्षण संस्थाओं को दिया जाता था। इस व्यवस्था से नगर परिषद को राजस्व आय होती थी। साथ ही, इन इकाइयों की नियमित निगरानी भी संभव हो पाती थी। ट्रेड लाइसेंस के लिए अलग-अलग फीस ली जाती थी।
नई दिशा-निर्देशों में मांगी गई विस्तृत जानकारी
निजी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों के लिए जारी नई दिशा-निर्देशों में बारीक जानकारी मांगी गई है। इसमें बच्चों की संख्या और उनके बैठने की व्यवस्था किस प्रकार लगती है, यह बताना होगा। शिक्षकों की संख्या और पीने के पानी की सुविधा का विवरण भी आवश्यक है। आगजनी की सूरत में आपात रास्ता या अग्निशमन प्रणाली है या नहीं, इसकी जानकारी देनी होगी। बच्चों के बीमार होने या कोई हादसा होने पर उपचार सुविधा का विवरण भी मांगा गया है। ली जाने वाली फीस की जानकारी भी आवेदन फॉर्म में भरनी होगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद अधिकारी मौका निरीक्षण कर सत्यापन करेंगे।
निजी कोचिंग संस्थानों के लिए आवश्यक रिकॉर्ड
निजी कोचिंग संस्थानों को भवन का पंजीकृत मालिकाना प्रमाण-पत्र या रजिस्टर्ड किरायानामा देना होगा। संस्थान का कुल क्षेत्रफल वर्गमीटर में बताना होगा। नामांकित कुल बैचवार छात्रों का विवरण, जिसमें पंजीकरण फॉर्म शामिल हैं, भी देना होगा। छात्रों की आयु, योग्यता, कोचिंग बैच संख्या, पता, संपर्क संख्या, ईमेल पहचान पत्र और शैक्षणिक संस्थान का नाम भी आवश्यक है। कोर्स पाठ्यक्रम का विवरण, जिसमें अवधि और शुल्क शामिल है, भी प्रस्तुत करना होगा। किसी भी कोर्स के दौरान छोड़ने की स्थिति में, शुल्क वापसी नीति का विवरण देना होगा।
शिक्षक और अन्य महत्वपूर्ण विवरण
शिक्षक का विवरण, जिसमें आयु, योग्यता, अनुभव, पता, संपर्क संख्या, ईमेल पहचान पत्र और चरित्र सत्यापन शामिल है, देना होगा। कोचिंग बैच की समय सारणी और संस्थान से कोचिंग लेकर सफल हुए छात्रों का विवरण भी मांगा गया है। वेबसाइट का विवरण और उसे अपडेट करने का समय अंतराल भी बताना होगा। आपात स्थिति में छात्रों के लिए चिकित्सा सहायता या उपचार सुविधा का विवरण आवश्यक है। छात्रावास सुविधा होने पर उसका विवरण, जिसमें शुल्क शामिल है, भी देना होगा। छात्रों और कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण प्रणाली का विवरण भी देना होगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा संपरीक्षित संस्थान के वार्षिक खाते और जिला प्राधिकरण द्वारा संप्रेषित अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
विज्ञापन
नियमानुसार पाए जाने पर विभाग की ओर से एक साल का प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। इस प्रमाण पत्र के लिए कोचिंग सेंटर और संस्थानों के संचालकों को विशेष शुल्क देना होगा। उच्च शिक्षा निदेशालय के इन आदेशों के बाद नगर परिषद जल्द ही निजी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी करेगी। इन नोटिसों के माध्यम से उन्हें नई प्रक्रिया के बारे में विस्तार से अवगत कराया जाएगा।
विज्ञापन
उन्हें यह भी जानकारी दी जाएगी कि ऑनलाइन आवेदन किस प्रकार करना है। यदि कोई कोचिंग सेंटर या निजी शिक्षण संस्थान निर्धारित नियमानुसार नहीं पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आगामी प्रक्रिया की जाएगी। यह कदम हादसों को रोकने और संस्थानों में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
विज्ञापन
पहले, करीब पांच साल पहले तक नगर परिषद ट्रेड लाइसेंस जारी करता था। यह लाइसेंस निजी शिक्षण संस्थाओं, अस्पतालों और औद्योगिक शिक्षण संस्थाओं को दिया जाता था। इस व्यवस्था से नगर परिषद को राजस्व आय होती थी। साथ ही, इन इकाइयों की नियमित निगरानी भी संभव हो पाती थी। ट्रेड लाइसेंस के लिए अलग-अलग फीस ली जाती थी।
नई दिशा-निर्देशों में मांगी गई विस्तृत जानकारी
निजी शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटरों के लिए जारी नई दिशा-निर्देशों में बारीक जानकारी मांगी गई है। इसमें बच्चों की संख्या और उनके बैठने की व्यवस्था किस प्रकार लगती है, यह बताना होगा। शिक्षकों की संख्या और पीने के पानी की सुविधा का विवरण भी आवश्यक है। आगजनी की सूरत में आपात रास्ता या अग्निशमन प्रणाली है या नहीं, इसकी जानकारी देनी होगी। बच्चों के बीमार होने या कोई हादसा होने पर उपचार सुविधा का विवरण भी मांगा गया है। ली जाने वाली फीस की जानकारी भी आवेदन फॉर्म में भरनी होगी। ऑनलाइन आवेदन के बाद अधिकारी मौका निरीक्षण कर सत्यापन करेंगे।
निजी कोचिंग संस्थानों के लिए आवश्यक रिकॉर्ड
निजी कोचिंग संस्थानों को भवन का पंजीकृत मालिकाना प्रमाण-पत्र या रजिस्टर्ड किरायानामा देना होगा। संस्थान का कुल क्षेत्रफल वर्गमीटर में बताना होगा। नामांकित कुल बैचवार छात्रों का विवरण, जिसमें पंजीकरण फॉर्म शामिल हैं, भी देना होगा। छात्रों की आयु, योग्यता, कोचिंग बैच संख्या, पता, संपर्क संख्या, ईमेल पहचान पत्र और शैक्षणिक संस्थान का नाम भी आवश्यक है। कोर्स पाठ्यक्रम का विवरण, जिसमें अवधि और शुल्क शामिल है, भी प्रस्तुत करना होगा। किसी भी कोर्स के दौरान छोड़ने की स्थिति में, शुल्क वापसी नीति का विवरण देना होगा।
शिक्षक और अन्य महत्वपूर्ण विवरण
शिक्षक का विवरण, जिसमें आयु, योग्यता, अनुभव, पता, संपर्क संख्या, ईमेल पहचान पत्र और चरित्र सत्यापन शामिल है, देना होगा। कोचिंग बैच की समय सारणी और संस्थान से कोचिंग लेकर सफल हुए छात्रों का विवरण भी मांगा गया है। वेबसाइट का विवरण और उसे अपडेट करने का समय अंतराल भी बताना होगा। आपात स्थिति में छात्रों के लिए चिकित्सा सहायता या उपचार सुविधा का विवरण आवश्यक है। छात्रावास सुविधा होने पर उसका विवरण, जिसमें शुल्क शामिल है, भी देना होगा। छात्रों और कर्मचारियों की शिकायतों के निवारण प्रणाली का विवरण भी देना होगा। चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा संपरीक्षित संस्थान के वार्षिक खाते और जिला प्राधिकरण द्वारा संप्रेषित अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।