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पोर्टल पर जानकारी दर्ज न करने व ई-लर्निंग कार्यक्रमों में विद्यार्थियों के आंकड़े कम होने पर डीईओ ने जताई नाराजगी
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बैठक के दौरान स्कूल हेड को निर्देश देते जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। राजकीय स्कूलों में ऑनलाइन कार्य व विभागीय एजेंटों को लेकर जिला शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने जिले के 845 स्कूल हेड के साथ बैठक की। इस दौरान ऑनलाइन पोर्टल व ई-लर्निंग पर विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को लेकर डीईओ संत कुमार ने स्कूल मुखियाओं को लताड़ लगाई। दूसरी ओर शुक्रवार को होने वाली पीटीएम को लेकर स्कूल हेड को अभिभावकों से बातचीत के दौरान विद्यार्थियों के सेहत व ऑनलाइन कार्य को लेकर जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार वीरवार को राजकीय स्कूलों के हेड के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक के दौरान उनसे छह एजेंडों पर चर्चा कर व स्कूल हेड की समस्या को जाना था। अधिकारी ने पहले वैक्सीनेशन पर बोलते हुए कहा कि अध्यापकों द्वारा कोरोना से बचाव के लिए की वैक्सीन नहीं लगाई जा रही। अगर उन्होंने वैक्सीन लगवा ली है तो उसे पोर्टल पर अपलोड क्यों नहीं किया जा रहा। स्कूल मुखिया अध्यापकों द्वारा कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने का कार्य सुनिश्चित करेंगे। अगर कोई अध्यापक वैक्सीन नहीं लगवा रहा है तो उन्हें इसका जवाब लिखित में देना होगा।
वहीं स्कूलों द्वारा एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी को अपलोड करने को लेकर जीएसएसएस कागदान व जीएसएसएस शेरपूरा के स्कूल हेड को लताड़ लगाई। डीईओ ने कहा कि ऑनलाइन कार्य को लेकर इतनी ढिलाई क्यों बरती जा रही है। ऑनलाइन कार्य को लेकर स्कूल हेड ही अपडेट नहीं है। स्कूल हेड अपना काम समय पर पूरा करें। अगर पोर्टल से संबंधित कोई समस्या आती है तो विभाग को सूचित करे। उसे दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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साथ ही पीटीएम को तीन चरणों में पूरा करने के लिए कहा। शुक्रवार को पहली से आठवीं, शनिवार को 9वीं से 12वीं कक्षा तक के अभिभावकों संग चर्चा करें, अगर संख्या अधिक होने से कोई कक्षा रह जाती है तो रविवार को मोबाइल के माध्यम से अभिभावकों से बातचीत कर उनसे जानकारी लें। (संवाद)
पीटीएम पर रखे फोकस , अभिभावकों से खुलकर करें बात
सीएमजीजीए कुनाल चौहान ने पीटीएम को लेकर निर्देश देते हुए कहा कि पीटीएम को तीन दिनों में बांटे और प्रत्येक विद्यार्थी के अभिभावक से बात करने की कोशिश करे। सीएमजीजीए ने कहा कि पीटीएम के दौरान स्कूलों में निरीक्षण भी किया जाएगा। मंदिरों व गुरुद्वारों में मुनादी करवा अभिभावकों तक सूचना पहुंचाएं। अभिभावकों से बातचीत करते हुए पहले सेट रिजल्ट, बच्चों की सेहत, ऑनलाइन पढ़ाई का समय व समस्याएं, माता-पिता ने टीकाकरण करवाया है या नहीं इसकी जानकारी लें। साथ ही पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों के साथ बातचीत करे जिससे अध्यापक व बच्चों के अच्छे संबंध बनेंगे।
बच्चों को पढ़ने दे लाइब्रेरी में रखी किताबें
जिला परियोजना अधिकारी बूटा राम ने बैठक के दौरान कहा कि समग्र शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव में विद्यार्थियों की प्रतियोगिता करवाएं। साथ ही स्कूलों की लाइब्रेरी में रखी पुस्तकों को बच्चों को पढ़ने के लिए दें। स्कूल निरीक्षण के दौरान अकसर देखने में आया है कि लाइब्रेरी में मकड़ी के जाले लगे होते है और किताबों की अलमारियों पर ताले। बंद अलमारी मे पड़ी किताबों भी रद्दी के सामान है। ऐसे में उसे बच्चों को पढ़ने के लिए दें।
ई-लार्निंग पर जिले के 10 प्रतिशत विद्यार्थी ले रहे हैं शिक्षा
ई-लार्निंग कार्यक्रम पर विद्यार्थियों की कम उपस्थिति व अध्यापकों द्वारा फीडबैक ना देने को लेकर स्कूल हेड को लताड़ लगाई और ई-लर्निंग को लेकर विद्यार्थियों की अधिक उपस्थित व समय रहते फीडबैक दर्ज करे के आदेश दिए। बैठक के दौरान बीआरपी संजय ने बताया कि मुख्यमंत्री दूरवर्ती शिक्षा कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को घर बैठे ई-लर्निंग के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करता है। स्कूल खुलने के बाद पोर्टल पर केवल 10 प्रतिशत ही बच्चे अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं। साथ ही प्रत्येक सप्ताह स्कूल अध्यापकों द्वारा कक्षा लगाने को लेकर फीडबैक देना होता है जिले के करीब 6 हजार अध्यापकों में से केवल एक हजार अध्यापक की फीडबैक दे रहे हैं।
टीओईएफआई के अंतर्गत स्कूलों में होगी गतिविधियां
स्कूलों को तंबाकू फ्री करवाने के लिए तंबाकू फ्री एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस के तहत स्कूल में गतिविधियां करवाई जाएं ताकि समाज में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोग जागरूक हो सकते। साथ ही स्कूल परिसर के अंदर व बाहर धूम्रपान ना करने दिया जाएं।
स्कूल के 100 मीटर दायरे में आने वाले दुकानों की दे सूची
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा स्कूल में धूम्रपान वर्जित को लेकर बोर्ड लगाए। साथ ही अगर स्कूल के 100 मीटर के दायरे में अगर कोई शराब व तंबाकू की दुकान है तो स्कूल हेड उसकी सूची बनाकर शिक्षा विभाग को देंगे। सभी स्कूलों से जानकारी एकत्रित करने के बाद यह सूची उपायुक्त को भेजी जाएगी।
स्कूल हेड को ई-लर्निंग कार्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने व फीडबैक दर्ज करने के आदेश दिए है। साथ ही पीटीएम के माध्यम से अध्यापक अभिभावकों से बच्चे की मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य संबंधित जानकारी जुटाएंगे।
-संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।
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जिला शिक्षा अधिकारी संत कुमार वीरवार को राजकीय स्कूलों के हेड के साथ बैठक कर रहे थे। बैठक के दौरान उनसे छह एजेंडों पर चर्चा कर व स्कूल हेड की समस्या को जाना था। अधिकारी ने पहले वैक्सीनेशन पर बोलते हुए कहा कि अध्यापकों द्वारा कोरोना से बचाव के लिए की वैक्सीन नहीं लगाई जा रही। अगर उन्होंने वैक्सीन लगवा ली है तो उसे पोर्टल पर अपलोड क्यों नहीं किया जा रहा। स्कूल मुखिया अध्यापकों द्वारा कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने का कार्य सुनिश्चित करेंगे। अगर कोई अध्यापक वैक्सीन नहीं लगवा रहा है तो उन्हें इसका जवाब लिखित में देना होगा।
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वहीं स्कूलों द्वारा एमआईएस पोर्टल पर विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी को अपलोड करने को लेकर जीएसएसएस कागदान व जीएसएसएस शेरपूरा के स्कूल हेड को लताड़ लगाई। डीईओ ने कहा कि ऑनलाइन कार्य को लेकर इतनी ढिलाई क्यों बरती जा रही है। ऑनलाइन कार्य को लेकर स्कूल हेड ही अपडेट नहीं है। स्कूल हेड अपना काम समय पर पूरा करें। अगर पोर्टल से संबंधित कोई समस्या आती है तो विभाग को सूचित करे। उसे दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
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साथ ही पीटीएम को तीन चरणों में पूरा करने के लिए कहा। शुक्रवार को पहली से आठवीं, शनिवार को 9वीं से 12वीं कक्षा तक के अभिभावकों संग चर्चा करें, अगर संख्या अधिक होने से कोई कक्षा रह जाती है तो रविवार को मोबाइल के माध्यम से अभिभावकों से बातचीत कर उनसे जानकारी लें। (संवाद)
पीटीएम पर रखे फोकस , अभिभावकों से खुलकर करें बात
सीएमजीजीए कुनाल चौहान ने पीटीएम को लेकर निर्देश देते हुए कहा कि पीटीएम को तीन दिनों में बांटे और प्रत्येक विद्यार्थी के अभिभावक से बात करने की कोशिश करे। सीएमजीजीए ने कहा कि पीटीएम के दौरान स्कूलों में निरीक्षण भी किया जाएगा। मंदिरों व गुरुद्वारों में मुनादी करवा अभिभावकों तक सूचना पहुंचाएं। अभिभावकों से बातचीत करते हुए पहले सेट रिजल्ट, बच्चों की सेहत, ऑनलाइन पढ़ाई का समय व समस्याएं, माता-पिता ने टीकाकरण करवाया है या नहीं इसकी जानकारी लें। साथ ही पहली व दूसरी कक्षा के बच्चों के साथ बातचीत करे जिससे अध्यापक व बच्चों के अच्छे संबंध बनेंगे।
बच्चों को पढ़ने दे लाइब्रेरी में रखी किताबें
जिला परियोजना अधिकारी बूटा राम ने बैठक के दौरान कहा कि समग्र शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे आजादी का अमृत महोत्सव में विद्यार्थियों की प्रतियोगिता करवाएं। साथ ही स्कूलों की लाइब्रेरी में रखी पुस्तकों को बच्चों को पढ़ने के लिए दें। स्कूल निरीक्षण के दौरान अकसर देखने में आया है कि लाइब्रेरी में मकड़ी के जाले लगे होते है और किताबों की अलमारियों पर ताले। बंद अलमारी मे पड़ी किताबों भी रद्दी के सामान है। ऐसे में उसे बच्चों को पढ़ने के लिए दें।
ई-लार्निंग पर जिले के 10 प्रतिशत विद्यार्थी ले रहे हैं शिक्षा
ई-लार्निंग कार्यक्रम पर विद्यार्थियों की कम उपस्थिति व अध्यापकों द्वारा फीडबैक ना देने को लेकर स्कूल हेड को लताड़ लगाई और ई-लर्निंग को लेकर विद्यार्थियों की अधिक उपस्थित व समय रहते फीडबैक दर्ज करे के आदेश दिए। बैठक के दौरान बीआरपी संजय ने बताया कि मुख्यमंत्री दूरवर्ती शिक्षा कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को घर बैठे ई-लर्निंग के माध्यम से शिक्षा ग्रहण करता है। स्कूल खुलने के बाद पोर्टल पर केवल 10 प्रतिशत ही बच्चे अपनी उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं। साथ ही प्रत्येक सप्ताह स्कूल अध्यापकों द्वारा कक्षा लगाने को लेकर फीडबैक देना होता है जिले के करीब 6 हजार अध्यापकों में से केवल एक हजार अध्यापक की फीडबैक दे रहे हैं।
टीओईएफआई के अंतर्गत स्कूलों में होगी गतिविधियां
स्कूलों को तंबाकू फ्री करवाने के लिए तंबाकू फ्री एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस के तहत स्कूल में गतिविधियां करवाई जाएं ताकि समाज में तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोग जागरूक हो सकते। साथ ही स्कूल परिसर के अंदर व बाहर धूम्रपान ना करने दिया जाएं।
स्कूल के 100 मीटर दायरे में आने वाले दुकानों की दे सूची
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा स्कूल में धूम्रपान वर्जित को लेकर बोर्ड लगाए। साथ ही अगर स्कूल के 100 मीटर के दायरे में अगर कोई शराब व तंबाकू की दुकान है तो स्कूल हेड उसकी सूची बनाकर शिक्षा विभाग को देंगे। सभी स्कूलों से जानकारी एकत्रित करने के बाद यह सूची उपायुक्त को भेजी जाएगी।
स्कूल हेड को ई-लर्निंग कार्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने व फीडबैक दर्ज करने के आदेश दिए है। साथ ही पीटीएम के माध्यम से अध्यापक अभिभावकों से बच्चे की मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य संबंधित जानकारी जुटाएंगे।
-संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा।