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Sirsa News: बिना रसीद काटे दिया सामान मामले की जांच करने की मांग
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सिरसा। नगर परिषद में अतिक्रमण हटाने के बाद फ्लैक्स नकद पैसा लेकर सामान वापस देने का मामला सामने आया है। कर्मचारियों का कहना कि नगर परिषद के चेयरमैन और मुख्य सफाई निरीक्षक के आदेशों पर फ्लैक्स व अन्य सामान वापस दिया गया है। यह सामान साढ़े चार बजे के बाद देने पर मामला गरमा गया है।
इस मामले में पूर्व पार्षद ने मुख्यमंत्री व जिला नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की जांच करने की मांग की है। क्योंकि बिना रसीद कटवाए, नकद पैसा दुकानदारों से लिया गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के नियमानुसार ऑनलाइन जुर्माना रसीद काटी जाती है और कोई नकद पैसा नहीं ले सकता है।
यदि कोई लेता है तो वह नियमानुसार गलत है। इस मामले में चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने कहा कि वह अतिक्रमण के सख्त खिलाफ हैं और अधिकारियों व कर्मचारियों को नियमानुसार ही कार्य करना चाहिए। यदि मेरे नाम पर किसी ने ऐसा कुछ किया तो सोमवार को अधिकारियों को जवाब तलब किया जाएगा।
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यह है मामला
शुक्रवार को नगर परिषद की अतिक्रमण हटाओ टीम ने बाजारों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया था। बड़े स्तर पर ट्राॅलियों में डालकर फ्लैक्स बोर्ड, टेबल व अन्य सामान लगाया गया था। टीम साढ़े तीन बजे के बाद सामान लेकर कार्यालय आई थी। सामान लेने के बाद चेयरमैन व दूसरे अधिकारियों के कहने पर नकद पैसा व एप्लीकेशन लेकर लोगों को वापस सामान देना शुरू कर दिया गया। सरकार की सख्त हिदायत है कि नकद पैसा किसी भी जुर्माने स्वरूप नहीं लिया जाएगा। कार्यालय में ऑनलाइन जुर्माना शुल्क रसीद कटवानी होगी। इन आदेशों का पालन नहीं किया गया है और साढ़े चार बजे से लेकर 5 बजे के बाद तक सामान लोगों को देना जारी रखा गया। इस दौरान मौके पर समाजसेवी अमित सोनी पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों सामान बिना रसीद के देने पर पूछताछ की तो कर्मचारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।
मुख्यमंत्री व जिला नगर आयुक्त को दी शिकायत
पूर्व पार्षद नीतू सोनी ने इस मामले में मुख्यमंत्री को एक्स पर टैग कर मामले की जांच करवाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पत्र भी मुख्यमंत्री को भेजा है। इसके साथ साथ जिला नगर आयुक्त को भी पत्र भेजकर मामले की जांच करवाने की मांग की है, साथ ही मांग की है कि शुक्रवार शाम की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए और इस गतिविधि में शामिल अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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चेयरमैन के आदेशों पर देने की कही बात
नगर परिषद के कर्मचारियों ने बताया कि कई लोगों को सामान वापस देने के आदेश चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने दिए थे। साथ ही उन लोगों को चेतावनी दी थी कि वे दोबारा अतिक्रमण नहीं करें। इसलिए कर्मचारियों व अधिकारियों ने ऑनलाइन कैश काउंटर बंद होने के बाद भी लोगों को सामान वापस कर दिया।
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एक या दो गरीब लोगों को सामान दिलवाया था, जो जुर्माना देने में सक्षम नहीं थे। इसके अलावा मेरा नाम लेकर किसी ने सामान दिया है तो सोमवार को अधिकारियों को जवाब तलब किया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।
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इस मामले में पूर्व पार्षद ने मुख्यमंत्री व जिला नगर आयुक्त को पत्र लिखकर मामले की जांच करने की मांग की है। क्योंकि बिना रसीद कटवाए, नकद पैसा दुकानदारों से लिया गया है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के नियमानुसार ऑनलाइन जुर्माना रसीद काटी जाती है और कोई नकद पैसा नहीं ले सकता है।
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यदि कोई लेता है तो वह नियमानुसार गलत है। इस मामले में चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने कहा कि वह अतिक्रमण के सख्त खिलाफ हैं और अधिकारियों व कर्मचारियों को नियमानुसार ही कार्य करना चाहिए। यदि मेरे नाम पर किसी ने ऐसा कुछ किया तो सोमवार को अधिकारियों को जवाब तलब किया जाएगा।
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यह है मामला
शुक्रवार को नगर परिषद की अतिक्रमण हटाओ टीम ने बाजारों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को अंजाम दिया था। बड़े स्तर पर ट्राॅलियों में डालकर फ्लैक्स बोर्ड, टेबल व अन्य सामान लगाया गया था। टीम साढ़े तीन बजे के बाद सामान लेकर कार्यालय आई थी। सामान लेने के बाद चेयरमैन व दूसरे अधिकारियों के कहने पर नकद पैसा व एप्लीकेशन लेकर लोगों को वापस सामान देना शुरू कर दिया गया। सरकार की सख्त हिदायत है कि नकद पैसा किसी भी जुर्माने स्वरूप नहीं लिया जाएगा। कार्यालय में ऑनलाइन जुर्माना शुल्क रसीद कटवानी होगी। इन आदेशों का पालन नहीं किया गया है और साढ़े चार बजे से लेकर 5 बजे के बाद तक सामान लोगों को देना जारी रखा गया। इस दौरान मौके पर समाजसेवी अमित सोनी पहुंच गए। उन्होंने कर्मचारियों सामान बिना रसीद के देने पर पूछताछ की तो कर्मचारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।
मुख्यमंत्री व जिला नगर आयुक्त को दी शिकायत
पूर्व पार्षद नीतू सोनी ने इस मामले में मुख्यमंत्री को एक्स पर टैग कर मामले की जांच करवाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने पत्र भी मुख्यमंत्री को भेजा है। इसके साथ साथ जिला नगर आयुक्त को भी पत्र भेजकर मामले की जांच करवाने की मांग की है, साथ ही मांग की है कि शुक्रवार शाम की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखा जाए और इस गतिविधि में शामिल अधिकारी व कर्मचारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
चेयरमैन के आदेशों पर देने की कही बात
नगर परिषद के कर्मचारियों ने बताया कि कई लोगों को सामान वापस देने के आदेश चेयरमैन वीर शांति स्वरूप ने दिए थे। साथ ही उन लोगों को चेतावनी दी थी कि वे दोबारा अतिक्रमण नहीं करें। इसलिए कर्मचारियों व अधिकारियों ने ऑनलाइन कैश काउंटर बंद होने के बाद भी लोगों को सामान वापस कर दिया।
एक या दो गरीब लोगों को सामान दिलवाया था, जो जुर्माना देने में सक्षम नहीं थे। इसके अलावा मेरा नाम लेकर किसी ने सामान दिया है तो सोमवार को अधिकारियों को जवाब तलब किया जाएगा। अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद।