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डबवाली के आढ़ती पंजाब की मंडी में कर सकते हैं पलायनः गुरदीप कामरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Oct 2021 11:30 PM IST
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Dabwali's agents can migrate to Punjab's market: Gurdeep Kamra
डबवाली। आढ़ती एसोसिएशन डबवाली के प्रधान गुरदीप कामरा, उपप्रधान विकास बांसल व कोषाध्यक्ष विनोद टींकू जिंदल द्वारा किलियांवाली एसोसिएशन के प्रधान गुरजंट बराड़ व अन्य पदाधिकारियों के साथ मार्किट कमेटी मलोट सचिव शमशेर सिंह व मंडी सुपरवाइजर हंसराज की उपस्थिति में बैठक की गई। जिसमें कॉटन फैक्टरी के संचालक बजिंद्र गर्ग बिट्टा, ओंकार मल गोयल, ललित गर्ग लक्की, विनीत जग्गा मोनू मौजूद रहे। सचिव सिंह ने डबवाली एवं किलियांवाली ऐसोसिएशन को मंडी किलियांवाली में नरमा की बोली शुरू करवाने का प्रस्ताव रखते हुए आढ़ती व किसान को तमाम सुविधाएं देने का आश्वासन दिया।
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बैठक में मौजूद उक्त फैक्ट्री संचालकों ने कहा कि वह हर रोज बोली पर नरमा-कपास खरीदने को तैयार है। प्रधान गुरदीप कामरा ने कहा कि हरियाणा सरकार सीमांत राज्यों के किसानों की धान नहीं खरीदने पर अड़ी हुई है। हालांकि पहले हरियाणा सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्योरा में पंजीकरण करवाया और पंजीकरण संख्या भी दी। दूसरी तरफ पंजाब सरकार उन्हें न्योता दे रही है कि आप हमारे यहां फसल बेचें। कोषाध्यक्ष विनोद टींकू जिंदल ने कहा कि ये बहुत गंभीर मुद्दा है। क्या सीमांत राज्य के किसान भारत के नागरिक नहीं, क्या वह मापदंड पूरे नहीं करते। जब ये उपभोग की वस्तुएं डबवाली हरियाणा से लेते हैं तो फसल बेचने कहां जाएं। हम सभी पहले भारतीय है और फिर हरियाणा-पंजाब के निवासी। सचिव राजेश जिंदल ने कहा कि यहां हरियाणा के निवासी मौजूद है जिनकी कृषि भूमि पंजाब में है और राजस्व हरियाणा सरकार को देते हैं, इसके अलावा जिन किसानों का ऑनलाइन रिकॉर्ड फीड नहीं है, तो वह भी कहां जाए। कामरा ने चेताया कि यदि सरकार एक-दो दिनों में उन्हें लिखित विश्वास नहीं देती कि मेरी फसल मेरा ब्योरा में पंजीकृत सीमांत किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर नहीं खरीदती तो सभी आढ़ती प्राइवेट बिकने वाली फसलें भी पंजाब प्रदेश में बेचेंगे। डबवाली में हररोज लगभग 5000 क्विंटल नरमा की आवक है, जिसे वह पंजाब की किलियांवाली मंडी में बेचेंगे। जिससे हरियाणा को करोड़ों के राजस्व का नुकसान होगा, क्योंकि किलियांवाली में कॉटन फैक्टरी और सैलरों की संख्या डबवाली से ज्यादा है। उन्होंने कहा कि आढ़तियों के पास मार्किट कमेटी मलोट पंजाब के लाइसेंस भी हैं और हरियाणा सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो वह जल्द ही पंजाब की मंडी में पलायन कर जाएंगे। बैठक में सोनू मोंगा, सुनील रहेजा, संदीप फौजी, साहिल मैहता, विजय वर्मा, संजू लूना, शुभम लूना, पंकज मेहता, किक्की मिढा, जनकराज आदि आढ़ती मौजूद रहे।
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