सिरसा: अध्यापक ने सरकारी खजाने में लगाई 16.64 लाख की सेंध, पकड़ा गया तो ब्याज सहित लौटाया
मामला पकड़ में आने के बाद अध्यापक ने राशि वापस जमा करा दी है। इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर गर्म है।
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शिक्षा विभाग में कार्यरत एक शिक्षक द्वारा डीडीओ के पद का दुरुपयोग कर बड़ा घोटाला करने का मामला सामने आया है। मामला पकड़ में आने के बाद उक्त अध्यापक ने राशि ब्याज सहित जमा करवा दी है। इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर गर्म है। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए उसने जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एसओ के फर्जी हस्ताक्षरों का उपयोग किया। वहीं मामला उजागर होने के बाद उक्त शिक्षक से डीडीओ का चार्ज वापस लेकर सुखचैन के स्कूल के प्राचार्य को दे दिया है।
जानकारी मुताबिक बडागुढ़ा खंड के गांव दौलतपुर खेड़ा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत एक अध्यापक के पास डीडीओ का अतिरिक्त कार्यभार था। उसने अपनी इस पावर का दुरुपयोग करते हुए अपने एरियर का दावा किया। उसका करीब 2 लाख रुपये का एरियर बनता था। एक बार एरियर की निकासी करने के बाद उसने फिर से अपनी पावर का इस्तेमाल करते हुए फिर दावा किया और फिर से सरकारी खजाने से नकदी की निकासी की।
यह सिलसिला 18 अगस्त 2019 से 9 सितंबर 2021 तक चलता रहा और इसे 8 बार दोहराया गया। अचरज की बात यह है कि एरियर के दावे के लिए बार-बार निकासी करने के लिए आवश्यक दस्तावेज भी उसके द्वारा ही तैयार किए गए। इस प्रकार उक्त अध्यापक ने धोखाधड़ी से सरकारी खजाने में 16 लाख 64 हजार 505 रुपये की सेंध लगा दी।
जानकार बताते हैं कि दौलतपुर खेड़ा के इस अध्यापक की कारगुजारी की विभाग को भनक लग गई। जिस पर उसके खिलाफ जांच बैठाई गई। जांच में ये सिद्ध हो गया कि उक्त अध्यापक द्वारा 16 लाख रुपये की अधिक की निकासी की गई है। जांच कमेटी ने उक्त अध्यापक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा भी की, लेकिन अभी तक इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। उक्त अध्यापक ने कालांवाली ट्रेजरी से करीब 7 लाख रुपये निकलवाए। बाकी राशि उसने इससे पहले यहां से निकलवाई जहां वह पहले कार्यरत था।
मेरे पास स्कूल का अतिरिक्त कार्यभार है। इस मामले के बारे मुझे ज्यादा पता नहीं है। इस बारे खंड व जिला स्तर के अधिकारी ही अधिक बता सकते हैं। मामला पकड़ में आने के बाद अध्यापक ने राशि वापस जमा करा दी है। इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर गर्म है। - जगशरण सिंह, प्राचार्य (रा.व.मा.वि. सुखचैन)।
अध्यापक ने पद का दुरुपयोग कर फर्जी हस्ताक्षर कर पैसे निकलवाए थे। मामला सामने आने के बाद इसकी 2 बार जांच हुई थी। उक्त अध्यापक से डीडीओ की पावर लेकर प्राचार्य को सौंपी गई है। उक्त अध्यापक ने कालांवाली ट्रेजरी से 7 लाख रुपये निकलवाए। राशि कितनी जमा करवाई गई है ये तो मैं कार्यालय जाकर ही बता पाऊंगी। मामले की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी हुई है। - मनीषा नीदिपा, खंड शिक्षा अधिकारी, बडागुढ़ा।