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कॉलेज को क्लर्क ने लगाया 27 लाख का चूना, पकड़े जाने पर बोला, माफ कर दो पाई-पाई चुका दूंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
Updated Mon, 18 Jul 2016 01:27 AM IST
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महिला की हत्या के बाद घटना की जानकारी करती पुलिस
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सिरसा के सीएमके महिला कॉलेज में लाखों रुपयों का घोटाला सामने आया है। कॉलेज में कार्यरत एक क्लर्क कई सालों से फर्जी बिल बनाकर चेकों का दुरुपयोग करता रहा। ऐसा करके उसने कॉलेज को 27 लाख का चूना लगा दिया। मामला उजागर होने पर कॉलेज प्रशासन के कान खड़े हो गए और प्रिंसिपल विजय तोमर ने पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में ले मामला रखा। शहर थाना पुलिस ने प्रिंसिपल की शिकायत के आधार पर आरोपी क्लर्क पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार भादरा बाजार निवासी नितीश शर्मा शहर के ए ब्लॉक स्थित सीएमके कॉलेज में काफी सालों से क्लर्क के पद पर कार्यरत है। कॉलेज के सारे बिल तैयार करने और भुगतान की जिम्मेदारी नीतिश शर्मा पर रहती थी। इसका नजायज फायदा उठाने के लिए उसने फर्जी बिल बनाने शुरू कर दिए। चेक बुक भी उसके पास ही रहती थी और प्रिंसिपल विजय तौर के साइन खाली चेकों पर हुए रहते थे ताकि रुपये खरीद और भुगतान में क्लर्क को कभी दिक्कत न आए। नीतीश शर्मा चेकों का अपने हिसाब से रकम भरकर रुपया निकालता रहा। कॉलेज प्रशासन ने बिलों की जांच पड़ताल में कभी ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई जिसके चलते प्रशासन को आसानी से चूना लगाकर अपनी जेबें भरता रहा। ऐसा करके उसने 27 लाख रुपये हड़प लिये। अब कॉलेज प्रशासन ने बिलों की जांच पड़ताल की तो सारा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। प्रशासन ने नीतीश शर्मा को कार्रवाई का डर दिखाया तो उसने करीब आठ लाख रुपये लौटा दिए।
पश्चाताप करना चाहता हूं,माफ कर दो
गबन की पूरी राशि नहीं लौटाने पर कॉलेज प्रशासन ने उसे कानूनी कार्रवाई का भय दिखाया। नीतीश शर्मा ने कॉलेज प्रबंधन समिति से माफी मांगने लगा। उसने समिति से कहा कि वह अपनी गलती का पश्चाताप करना चाहता है और धीरे-धीरे सारी पाई-पाई चुका दूंगा। प्रिंसिपल विजय तोमर को यह गुहार नागवार लगी और उन्होंने पुलिस अधीक्षक के समक्ष सारा मामला रखा। पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने शहर थाना पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया।
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घर पहुंची पुलिस तो आरोपी हुआ फरार
मामले की जांच का जिम्मा जेजे पुलिस चौकी प्रभारी सुभाष कुमार को सौंप गया है। जेजे चौकी पुलिस ने बताया कि आरोपी क्लर्क ने सीएमके कॉलेज प्रशासन से 27 लाख की धोखाधड़ी की है। प्रिंसिपल विजया तोमर ने आरोपी नीतीश शर्मा के खिलाफ शिकायत दी तो पुलिस ने आरोपी खिलाफ धारा 420/468/471 के तहत अभियोग दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रविवार सुबह जांच अधिकारी आरोपी के घर गए थे, लेकिन वह नहीं मिला। शाम को जांच अधिकारी सुभाष कुमार आईजी की मीटिंग के चलते बिजी हो गए जिसके चलते सोमवार को आरोपी की धरपकड़ की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन ने धारण किया मौन
घोटाले की शिकायत पुलिस को दर्ज करवाने के उपरांत सीएमके कॉलेज प्रशासन ने मौन धारण कर लिया। शिकायत दर्ज करवाने वाली प्रिंसिपल घोटाले के संबंध में किसी से बात करने को तैयार नहीं और इसी के चलते उनके मोबाइल पर अनेक बार कॉल करने के उपरांत भी उन्होंने फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई। कॉलेज प्रबंधन समिति के प्रधान सतनारायण गोयल से बात की तो उन्होंने बताया कि गबन हुआ जरूर है, लेकिन कॉलेज के वित्तीय मामले में समिति दखल नहीं देती। इस मामले के संबंध में कुछ नहीं बता सकता। इसी प्रकार कालेज प्रबंधन के अन्य पदाधिकारियों व कर्मचारियों का से बात की गई तो उन्होंने भी इस प्रकार का रवैया अपनाए रखा।
कॉलेज प्रशासन से जुड़ा हर शख्स घोटाले के संबंध में कोई भी जानकारी देने से कतरा रहा है। खास बात यह है कि यह कॉलेज सिरसा एजूकेशन सोसायटी संस्था द्वारा चलाया जा रहा है और हर साल ऑडिट होती होगी, ऐसे में आरोपी क्ल र्क किस प्रकार से लाखों का चूना लगा गया यह हैरान करने वाला है। सिरसा एजूकेशन सोसायटी एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त बताया कि घोटाला 27 लाख से बड़ा हो सकता है। आरोपी क्लर्क मौजूदा प्रधान के ड्राइवर का बेटा है।
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जानकारी के अनुसार भादरा बाजार निवासी नितीश शर्मा शहर के ए ब्लॉक स्थित सीएमके कॉलेज में काफी सालों से क्लर्क के पद पर कार्यरत है। कॉलेज के सारे बिल तैयार करने और भुगतान की जिम्मेदारी नीतिश शर्मा पर रहती थी। इसका नजायज फायदा उठाने के लिए उसने फर्जी बिल बनाने शुरू कर दिए। चेक बुक भी उसके पास ही रहती थी और प्रिंसिपल विजय तौर के साइन खाली चेकों पर हुए रहते थे ताकि रुपये खरीद और भुगतान में क्लर्क को कभी दिक्कत न आए। नीतीश शर्मा चेकों का अपने हिसाब से रकम भरकर रुपया निकालता रहा। कॉलेज प्रशासन ने बिलों की जांच पड़ताल में कभी ज्यादा गंभीरता नहीं दिखाई जिसके चलते प्रशासन को आसानी से चूना लगाकर अपनी जेबें भरता रहा। ऐसा करके उसने 27 लाख रुपये हड़प लिये। अब कॉलेज प्रशासन ने बिलों की जांच पड़ताल की तो सारा फर्जीवाड़ा खुलकर सामने आ गया। प्रशासन ने नीतीश शर्मा को कार्रवाई का डर दिखाया तो उसने करीब आठ लाख रुपये लौटा दिए।
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पश्चाताप करना चाहता हूं,माफ कर दो
गबन की पूरी राशि नहीं लौटाने पर कॉलेज प्रशासन ने उसे कानूनी कार्रवाई का भय दिखाया। नीतीश शर्मा ने कॉलेज प्रबंधन समिति से माफी मांगने लगा। उसने समिति से कहा कि वह अपनी गलती का पश्चाताप करना चाहता है और धीरे-धीरे सारी पाई-पाई चुका दूंगा। प्रिंसिपल विजय तोमर को यह गुहार नागवार लगी और उन्होंने पुलिस अधीक्षक के समक्ष सारा मामला रखा। पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने शहर थाना पुलिस को कार्रवाई का निर्देश दिया।
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घर पहुंची पुलिस तो आरोपी हुआ फरार
मामले की जांच का जिम्मा जेजे पुलिस चौकी प्रभारी सुभाष कुमार को सौंप गया है। जेजे चौकी पुलिस ने बताया कि आरोपी क्लर्क ने सीएमके कॉलेज प्रशासन से 27 लाख की धोखाधड़ी की है। प्रिंसिपल विजया तोमर ने आरोपी नीतीश शर्मा के खिलाफ शिकायत दी तो पुलिस ने आरोपी खिलाफ धारा 420/468/471 के तहत अभियोग दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। रविवार सुबह जांच अधिकारी आरोपी के घर गए थे, लेकिन वह नहीं मिला। शाम को जांच अधिकारी सुभाष कुमार आईजी की मीटिंग के चलते बिजी हो गए जिसके चलते सोमवार को आरोपी की धरपकड़ की जाएगी।
कॉलेज प्रशासन ने धारण किया मौन
घोटाले की शिकायत पुलिस को दर्ज करवाने के उपरांत सीएमके कॉलेज प्रशासन ने मौन धारण कर लिया। शिकायत दर्ज करवाने वाली प्रिंसिपल घोटाले के संबंध में किसी से बात करने को तैयार नहीं और इसी के चलते उनके मोबाइल पर अनेक बार कॉल करने के उपरांत भी उन्होंने फोन उठाने की जहमत नहीं उठाई। कॉलेज प्रबंधन समिति के प्रधान सतनारायण गोयल से बात की तो उन्होंने बताया कि गबन हुआ जरूर है, लेकिन कॉलेज के वित्तीय मामले में समिति दखल नहीं देती। इस मामले के संबंध में कुछ नहीं बता सकता। इसी प्रकार कालेज प्रबंधन के अन्य पदाधिकारियों व कर्मचारियों का से बात की गई तो उन्होंने भी इस प्रकार का रवैया अपनाए रखा।
कॉलेज प्रशासन से जुड़ा हर शख्स घोटाले के संबंध में कोई भी जानकारी देने से कतरा रहा है। खास बात यह है कि यह कॉलेज सिरसा एजूकेशन सोसायटी संस्था द्वारा चलाया जा रहा है और हर साल ऑडिट होती होगी, ऐसे में आरोपी क्ल र्क किस प्रकार से लाखों का चूना लगा गया यह हैरान करने वाला है। सिरसा एजूकेशन सोसायटी एक पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त बताया कि घोटाला 27 लाख से बड़ा हो सकता है। आरोपी क्लर्क मौजूदा प्रधान के ड्राइवर का बेटा है।