फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sirsa News ›   Firing, firing in court, attack in court, Chhotu bhat, 3 injured

तीन बदमाश, चार पिस्टल और कोर्ट में दनादन फायरिंग...

Sat, 03 Sep 2016 12:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा Updated Sat, 03 Sep 2016 12:36 AM IST
Firing, firing in court, attack in court, Chhotu bhat, 3 injured
काेर्ट में ‌बिख्‍ारा ख्‍ाून और घ्‍ाायल भ्‍ााट - फोटो : Bureau

ताबड़तोड़ फायरिंग से शुक्रवार को डबवाली कोर्ट परिसर दहल गया। हमलावरों ने अंतर्राज्यीय अपराधी छोटू भाट को निशाना बनाया। उसे जिला जेल सिरसा से एक मामले में पेशी भुगताने के लिए डबवाली लाया गया था। इसके बाद हमलावर हवाई फायरिंग करते हुए कार से फरार हो गए। एसपी सिरसा सतेंद्र गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर जांच की।



पुलिस के अनुसार गांव चौटाला निवासी छोटू भाट जानलेवा हमले के आरोप में जिला सिरसा जेल में सजा काट रहा था। करीब दो साल पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में पेशी के लिए पुलिसकर्मी उसे सिरसा से डबवाली अदालत में लेकर आए थे। इसके अतिरिक्त विभिन्न मामलों में जिला जेल में बंद 18 अन्य आरोपियों को भी कोर्ट में पेश किया जाना था।


19 आरोपियों के लिए गारद के तौर पर आठ पुलिस कर्मचारी नियुक्त थे। दोपहर करीब 12 बजे छोटू भाट को उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे आर्म्स एक्ट के मामले में बरी कर दिया। पेशी के बाद जैसे ही पांच पुलिसकर्मी छोटू भाट को लेकर अदालत से बाहर आए तो पहले से वहां खड़े तीन युवकों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
विज्ञापन


छोटू भाट के पेट के नीचे गोली लगी। एक गोली एएसआई दलबीर सिंह की जांघ में लगी। अन्य पुलिसकर्मी घायलों को वहीं छोड़कर जान बचाने के लिए भाग गए। गारद इंचार्ज एसआई कर्मवीर ने हवाई फायरिंग की। आरोपियों ने उन पर भी गोली दाग दी। गनीमत रही कि गोली पेंट को छूकर निकल गई। इसके बाद हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान एडवोकेट कुलदीप सिंह सिधू का मुंशी आशू तथा गांव घुकांवाली निवासी गुरजंट सिंह (65) गोली लगने से घायल हो गए।

तीनों युवक गोलियां चलाते हुए कोर्ट परिसर के पीछे बने रिवॉल्विंग गेट से निकल गए। पहले से खड़ी स्विफ्ट गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। संदेह जताया जा रहा है कि गाड़ी में पहले से एक युवक सवार था, जो गाड़ी को स्टार्ट किए हुए खड़ा था। वारदात के बाद एंबुलेंस से घायलों को उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में छोटू भाट, एएसआई दलबीर सिंह तथा गुरजंट सिंह को सिरसा रेफर कर दिया गया।

अदालत में शरण लेकर बचाई जान
गोली लगने के बाद खून से लथपथ छोटू भाट ने उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला की अदालत में शरण लेकर अपनी जान बचाई। दूसरी ओर पेशी भुगतने के लिए अदालत के समक्ष बैठे लोगों में दहशत फैल गई। लोगों ने अदालत, वकीलों के चेंबर, डीएसपी तथा एसडीएम के कमरों में घुसकर जान बचाई।

एक आरोपी की मैगजीन गिरी
पुलिस को मौके से नाइन एमएम पिस्टल की मैगजीन तथा उसमें दो कारतूस मिले हैं। बताया जा रहा है कि भागते समय हड़बड़ाहट में एक आरोपी की पिस्टल से मैगजीन गिरी थी। सूचना पाकर डीएसपी सत्यपाल यादव, शहर थाना प्रभारी सुखदेव सिंह, सदर थाना प्रभारी विनोद काजला मौके पर पहुंचे। लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। घटना के बाद जिला भर में हाई अलर्ट कर दिया गया। अन्य राज्यों से लगती सीमाएं सील कर दी गई। जिला पुलिस कप्तान सतिंद्र गुप्ता ने भी मौका का मुआयना किया। अदालत में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से सबूत जुटाने के आदेश दिए।

25 से 35 गोलियां दागीं, बाहर खड़ी कार की तीनों खिड़कियां खुली थीं
हमलावर तब तक गोलियां चलाते रहे, जब तक वे गाड़ी में नहीं बैठ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आरोपियों ने एक भी गोली सीधी नहीं चलाई। यह भी कहना है कि गोलियां चलाने वाले तीनों युवक सुबह से ही अदालत परिसर में घूम रहे थे।

डबवाली निवासी कृष्ण कुमार ने बताया कि वह एक मामले में पेशी भुगतने के लिए आया था। जिन युवकों ने फायरिंग की, वे सुबह से ही अदालत परिसर में घूम रहे थे। जब गोलियां चली वह पास में खड़ा था। उसने भागकर अपनी जान बचाई। उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला की अदालत के समक्ष बैठे खुईयांमलकाना निवासी रामकुमार तथा पिपली निवासी तरसेम कुमार ने बताया कि वे पेशी भुगतने के लिए आए थे।

एकाएक पटाखों जैसी आवाज सुनाई दी। इसी दौरान खून से लथपथ एक व्यक्ति भागकर अदालत में घुस गया। तब पीछे मुड़कर देखा कि अंधाधुंध गोलियां चल रही हैं। हम लोग भी जान बचाने के लिए भागे। उन्होंने एसडीएम कार्यालय में घुसकर अपनी जान बचाई।

अदालत परिसर में करीब 25 से 35 गोलियां चली। तीन युवकों में से एक के पास दो पिस्टल थी, जबकि दो अन्य के पास एक-एक पिस्टल थी। बदमाश तक तक गोलियां दागते रहे, जब तक वे गाड़ी में नहीं बैठ गए। गाड़ी कोर्ट परिसर के पीछे सड़क पर खड़ी हुई थी। बताया जा रहा है कि गाड़ी की तीनों खिड़कियां खुली थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवकों ने मुंह नहीं ढांपे हुए थे। छोटे कद के तीनों युवक करीब 22-24 साल के होंगे।

पुलिस पर गुस्सा हुई जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर, बोलीं - आंखें बंद करके ड्यूटी करते हैं पुलिस वाले, तभी होती हैं ऐसी घटनाएं
डबवाली अदालत में हुई घटना के लिए जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेघश तंवर ने पुलिस को दोषी ठहराया है। अदालत परिसर का निरीक्षण करने पहुंची जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुलिस को फटकराते हुए कहा कि आप आंख बंद करके बैठे रहते हो (ड्यूटी करते हो), तभी ऐसी घटनाएं होती हैं। जितनी जल्दी हो सके, बदमाशों को गिरफ्तार करो।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला की अदालत में बिखरे खून को देखा। घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को घटना का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने यहां तक कह दिया कि पुलिस वाले आंख बंद करके ड्यूटी करते हैं। जब उन्हें बताया गया घटना में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। दू

सरे पुलिसकर्मी ने जवाबी फायरिंग की थी तो उन्होंने कहा कि पुलिस वाले भी इंसान होते हैं, हम में से ही निकलते हैं। उन्होंने वकीलों की मांग पर बक्शीखाना में बंदियों से मिलने पर पाबंदी लगाते हुए कहा कि वहां किसी को उनसे मिलने नहीं दिया जाए, बेशक परिजन ही क्यों न हों। उन्होंने कहा कि अदालत परिसर के नजदीक किसी को प्रवेश की इजाजत न दी जाए।

बेरिकेड्स लगाकर सिक्योरिटी तैनात कर दी जाए। सिर्फ गारद की गाड़ी को प्रवेश दिया जाए। उन्होंने शातिर अपराधियों की पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए करवाने के आदेश दिए। उन्होंने न्यायिक कारागाह के निकट खुले दरवाजे पर हमेशा के लिए ताला जड़ने के आदेश दिए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने बताया कि आउटडोर तथा ज्यूडीशरी की दीवार ऊंची करने के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है। लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है। वे पुन: रिमाइंडर लिखेंगी।

सीसीटीवी कैमरे देखे हैं क्या
जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने पुलिस से सीसीटीवी कैमरे देखने के लिए कहा। वकीलों ने जवाब दिया कि बदमाश कोर्ट परिसर के पीछे से आए थे और वहीं से निकल गए। वहां कैमरे नहीं लगे हैं।

ऐसा रास्ता चुना, मार्ग में कहीं नहीं सीसीटीवी कैमरा
डबवाली अदालत परिसर में हुई घटना प्री प्लान मानी जा रही है। चूंकि बदमाशों ने ऐसा रास्ता चुना, वहां मार्ग में कहीं भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा। गोली भी वहां से चलाई, यहां सीसीटीवी कैमरा नहीं है। बदमाश बेखौफ थे, जो वकीलों के पंद्रह चैंबर क्रॉस करके आराम से निकल भागे।

माना जा रहा है कि बदमाशों ने रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया। चूंकि लघुसचिवालय के मुख्य गेट पर पार्किंग ठेकेदार ने सीसीटीवी कैमरा लगाया हुआ है। यहीं नहीं इस गेट से आगे आने के बाद कोर्ट परिसर एरिया में भी कैमरे लगे हुए हैं। बदमाशों ने यह रास्ता नहीं अपनाया। चूंकि उन्हें मालूम था कि इस एरिया में कैमरे लगे हुए हैं।

बदमाश कोर्ट परिसर के पिछवाड़े में लगे रिवालविंग गेट से वकीलों के चैंबरों को क्रॉस करते हुए अदालतों के नजदीक आए। माना जा रहा है कि बदमाशों ने उस जगह पर खड़े होकर गोली चलाई, यहां से कैमरा उन्हें पकड़ ना सके। उस समय तीन अदालतों के समक्ष करीब डेढ़ सौ लोग होंगे। यहीं नहीं छोटू भाट से मिलने वाले लोग भी बड़ी तादाद में थे। इसके बावजूद छोटू भाट को निशाना बनाया गया।

बदमाश पुन: उसी रास्ते से वापिस चले गए। पुलिस इसे आपसी रंजिश के कारण हमला बता रही है। यहां सवाल उठता है कि अगर मामला रंजिश का होता तो रंजिश रखने वाले को भाट के समर्थक पहचान लेते।  पुलिस प्रवक्ता सुरजीत सहारण के अनुसार घायल एएसआई दलबीर सिंह के ब्यान पर केस दर्ज किया गया है।


मामला आपसी रंजिश का है। सीआईए, शहर डबवाली तथा सदर थाना डबवाली की टीमें मामले की जांच कर रही हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि आरोपियों ने रेकी न की हो। इसलिए पुलिस रोड़ या अन्य जगहों पर लगे सीसीटीवी फुटेज देख रही है, ताकि कोई क्लू मिल सकें। अदालत में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी जाएगी।

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed