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दस लाख में एफआईआर, थाना प्रभारी का तबादला
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
Updated Sat, 06 Feb 2016 01:52 AM IST
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विदेश भेजने के नाम पर 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज करने की एवज में दस लाख रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है।
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रिश्वत डीएसपी के नाम पर मांगी गई, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच का आदेश दिया। पीड़ित किसान ने एसपी से मिलकर उन्हें रिश्वत की मांग से जुड़े सारे सबूत सौंपे।
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इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने सदर थाना प्रभारी का तुरंत सदर थाने से तबादला कर दिया। साथ ही उन्होंने इस प्रकरण जांच साइबर सैल प्रभारी राजाराम को सौंपी है।
सिकंदरपुर निवासी किसान शमशेर सिंह ने बताया कि वह अपने पुत्र नवनीत सिंह को पढ़ाई के लिए विदेश भेजना चाहता था।
चंडीगढ़ में विनय गोयल और उसके पिता राजेश्वर गोयल ने बच्चों को विदेश भेजने के लिए नेविगेटर नाम से कंपनी बनाई हुई है।
उक्त दोनों ने शमशेर सिंह से उनके बेटे को विदेश भेजने के नाम 45 लाख रुपये की ठगी की। शमशेर सिंह ने सिरसा की तत्कालीन एसपी संगीता कालिया को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गुहार लगाई।
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एसपी संगीता कालिया ने डीएसपी मुख्यालय को कार्रवाई करके पांच दिन में रिपोर्ट देने को कहा था। शमशेर सिंह को एसपी दफ्तर में सिरसा निवासी एक व्यक्ति मिला।
जिसने उससे कहा कि डीएसपी से उसकी अच्छी जान पहचान है और वह उसका काम करवा देगा पर इसके लिए उसे दस लाख रुपये देने होंगे जिनमें से ढाई लाख रुपये एडवांस देने होंगे।
शमशेर का कहना है कि उक्त व्यक्ति ने विश्वास दिलाने के लिए मोबाइल का स्पीकर ऑन करके कथित डीएसपी से बात की।
कथित डीएसपी ने उस व्यक्ति को यह आश्वासन दिया कि पैसे मिल जाने पर वह उसका काम करवा देंगे और उसे अपनी कोठी में आकर मिलने के लिए कहा।
इसके बाद शमशेर ने उस व्यक्ति को 50 हजार रुपये नकद दे दिए। इसके बाद उस व्यक्ति ने दो लाख रुपये और मांगे। उसने कहा कि वह डीएसपी को कहकर जल्दी पर्चा दर्ज करवा देगा।
ढाई लाख रुपये लेकर भी एक महीने तक केस दर्ज नहीं हुआ तो शमशेर सिंह ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी। कोर्ट के आदेश पर सदर पुलिस ने 26 दिसंबर 2015 को केस दर्ज किया।
इसके बाद शमशेर ने उक्त व्यक्ति से अपने रुपये वापस मांगे तो वह धमकी देने लगा। उसने कहा कि पैसे तो वह और अधिकारी हजम कर चुके हैं और अब अगर उसने उनसे पैसे मांगे तो जान से मरवा देगा।
पीड़ित शमशेर सिंह ने वीरवार को एसपी सतेेंद्र कुमार गुप्ता से मिलकर सारी मोबाइल रिकॉर्डिंग सुनाई। पुलिस अधीक्षक ने साइबर सैल प्रभारी इस मामले की जांच सौंप दी है। साथ ही थाना सदर प्रभारी का तबादला कर दिया है।