चौकी इंचार्ज सहित पांच पुलिसकर्मियों पर हत्या का केस दर्ज, हुए सस्पेंड
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पुलिस हिरासत में वीरवार को हुई युवक की मौत के मामले में करीवाला चौकी इंचार्ज सहित पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने हत्यारोपी पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। मृतक पवन कुमार के परिजन ग्रामीणों के साथ करीवाला पुलिस चौकी में धरने पर बैठे हैं और हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव का दाह संस्कार न करने पर अड़े हुए हैं। तनाव को देखते हुए सिरसा के उप पुलिस अधीक्षक विजय कक्कड़, ऐलनाबाद के उप पुलिस अधीक्षक रविन्द्र कुमार सिंवर, रानियां के तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद व नायब तहसीलदार सोमनाथ भारी पुलिस बल के साथ शुक्रवार से ही मौके पर तैनात हैं।
गौरतलब है कि 13 अक्तूबर शाम को करीवाला चौकी की पुलिस गांव बाहिया के 20 वर्षीय युवक पवन कुमार पुत्र गोपीराम को पहले से दर्ज चोरी के एक मामले में गिरफ्तार कर लाई थी। रात को पुलिस चौकी में पवन कुमार की मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों को बिना कोई सूचना दिए शव को सिरसा सिविल अस्पताल में पहुंचा दिया। शुक्रवार सुबह जैसे ही मृतक के परिजनों को घटना की भनक लगी ग्रामीणों के साथ करीवाला पुलिस चौकी पर प्रदर्शन करते हुए धरने पर बैठ गए। शुरुआत में पुलिस ने कहा कि पवन ने चौकी में फांसी लगाकर आत्महत्या की है। जबकि चौकी में बिखरे खून को देखते ही परिजनों ने पुलिस पर पवन को पीट-पीटकर मारने का आरोप लगाया। ग्रामीणों के रोष व कड़े रुख को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने तत्काल न्यायिक जांच के आदेश दिए।
न्याययिक दंडाधिकारी सचिन त्यागी की उपस्थिति में सिरसा के नागरिक अस्पताल में मृतक के शव का पोस्टमार्टम किया गया और वीडियोग्राफी भी की गई। शुरुआती जांच के बाद रानियां पुलिस ने करीवाला पुलिस चौकी प्रभारी ताराचंद, सहायक उप निरीक्षक महेन्द्र सिंह व सिपाही अशोक कुमार और तीन अन्य स्टाफ सदस्यों के खिलाफ हत्या और शव ठिकाने लगाने का केस दर्ज कर लिया। हत्या का केस दर्ज होने के उपरांत पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने आरोपी पुलिस कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। मृतक के परिजन शुक्रवार सुबह से ही पुलिस चौकी में धरने पर बैठे है। रात्रि के समय भी ग्रामीण धरने पर डटे रहे। मृतक के परिजनों ने अभी तक शव भी नहीं लिया है। मृतक का शव सिरसा के नागरिक अस्पताल के शवगृह में पड़ा है। ग्रामीण हत्यारोपी पुलिस कर्मचारियों की गिरफ्तारी के बाद ही शव का दाह संस्कार करने की मांग पर अड़े हुए हैं।
गांवों में जबरदस्त तनाव
उक्त घटना के बाद से गांव बाहिया व करीवाला में जबरदस्त तनाव बना हुआ है। धरने पर बैठे ग्रामीणों को अन्य गांवों के लोगों का भी समर्थन मिलने लगा है। गांव गोरीवाला के सरपंच आदराम, आशाखेड़ा के सरपंच जलंधरा व लखुवाना के सरपंच रामप्रताप सहित पीड़ित परिवार की बिरादरी कुम्हार जाति का भी समर्थन मिल रहा है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन मौके पर डटा हुआ है और उच्च अधिकारी भी पल पल की खबर ले रहे हैं। सिरसा के उप पुलिस अधीक्षक विजय कक्कड़, ऐलनाबाद के उप पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार भारी पुलिस बल के साथ शुक्रवार से ही मौके पर तैनात है। रानियां के तहसीलदार राजेन्द्र प्रसाद, नायब तहसीलदार सोमनाथ व गुप्तचर विभाग के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
मुख्यमंत्री का घेराव करने की चेतावनी
रविवार को घटना स्थल से 20 किलोमीटर की दूरी पर ऐलनाबाद में मुख्यमंत्री मनोहर लाल रैली करेंगे। पीड़ित परिवार ने प्रशासन को चेतावनी दे रखी है कि अगर हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मुख्यमंत्री के ऐलनाबाद आगमन पर काले झंडे दिखा रोष जताया जाएगा और मुख्यमंत्री का घेराव भी किया जाएगा। ग्रामीणों के कड़े रुख को देखते हुए प्रशासन के हाथ-पांव फूले हुए हैं। पिछले 36 घंटे से प्रशासन दिन रात मौके पर डटा हुआ है। पीड़ित परिवार के साथ प्रशासनिक अधिकारियों की कई बैठकें हो चुकी हैं, मगर ग्रामीण शव का दाह संस्कार करने पर राजी नहीं हुए हैं। जब तक शव का दाह संस्कार नहीं होता प्रशासन की सांस अटकी रहेगी।