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विभाग पर माइनर में बल्ले लगाकर पानी रोकने का आरोप, उपायुक्त से मिले किसान
Updated Tue, 23 Oct 2018 01:29 AM IST
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सिंचाई विभाग पर माइनर में बल्ले लगाकर पानी रोकने का आरोप
ओढां। क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई विभाग पर ओढां माइनर में पानी रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत उपायुक्त से कर लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उपायुक्त को दी शिकायत में किसान विजय कुमार, जगतार सिंह, मिट्ठू सिंह, करनैल सिंह, निधान सिंह, लक्खा सिंह, श्रवण कुमार व जोतराम ने बताया कि उनका रकबा ओढां माइनर के नीचे पड़ता है। अपनी पानी की बारी के दौरान जब वे माइनर पर पहुंचे तो टेल पर पानी नहीं था। उन्होंने बताया कि जब किसान माइनर टूटने की शंका के चलते पीछे संभालने गए तो गदराना के निकट पुल पर लकड़ी के बल्ले लगाकर पानी रोका हुआ था। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों बाद माइनर में पानी आया है और इस समय खेतों में बिजाई का समय चला रहा है। ऐसे में नहर का पानी अविरुद्ध होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों ने बताया कि 3 दिन पूर्व ओढां माइनर टूट गई थी। जिसके चलते विभाग के जेई ने गदराना के निकट माइनर में लकड़ी के बल्ले लगवाकर पानी का बहाव कम करवाया था। माइनर का टूटा हिस्सा तो कुछ ही घंटे बाद पाट दिया था। लेकिन बेलदारों ने 3 दिन बीतने के बाद भी माइनर में लगाए गए लकड़ी के बल्ले नहीं निकाले। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही की वजह से उन्हें सिंचाई से वंचित रहना पड़ा। किसानों ने बताया कि उपायुक्त ने उन्हें आश्वस्त किया है कि संबंधित विभाग एसई को कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
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कोट्स
बीते शनिवार को ओढां माइनर गदराना के पास टूट गई थी। जिसे बांधने के लिए पुल के निकट लकड़ी के बल्ले लगाकर पानी का बहाव कम किया गया था। कार्य खत्म होने के बाद लकड़ी के बल्ले हटाकर पानी छोड़ दिया गया था। इसमें विभाग की कोई लापरवाही नहीं है। किसानों की टेल पर पानी न पहुंचने की जो समस्या है उसका कारण ये है कि बीते दिन पंजाब क्षेत्र से मुख्य हैड से पानी कम किया गया था। किसानों को ये गलतफहमी को गई कि गदराना के निकट माइनर में शनिवार को लगाई गई बलियां नहीं निकाली गई। विभाग को बेवजह पानी रोकने से कोई फायदा नहीं है।
-रघुवीर सिंह, जेई ,सिंचाई विभाग
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ओढां। क्षेत्र के किसानों ने सिंचाई विभाग पर ओढां माइनर में पानी रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसकी शिकायत उपायुक्त से कर लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उपायुक्त को दी शिकायत में किसान विजय कुमार, जगतार सिंह, मिट्ठू सिंह, करनैल सिंह, निधान सिंह, लक्खा सिंह, श्रवण कुमार व जोतराम ने बताया कि उनका रकबा ओढां माइनर के नीचे पड़ता है। अपनी पानी की बारी के दौरान जब वे माइनर पर पहुंचे तो टेल पर पानी नहीं था। उन्होंने बताया कि जब किसान माइनर टूटने की शंका के चलते पीछे संभालने गए तो गदराना के निकट पुल पर लकड़ी के बल्ले लगाकर पानी रोका हुआ था। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों बाद माइनर में पानी आया है और इस समय खेतों में बिजाई का समय चला रहा है। ऐसे में नहर का पानी अविरुद्ध होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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किसानों ने बताया कि 3 दिन पूर्व ओढां माइनर टूट गई थी। जिसके चलते विभाग के जेई ने गदराना के निकट माइनर में लकड़ी के बल्ले लगवाकर पानी का बहाव कम करवाया था। माइनर का टूटा हिस्सा तो कुछ ही घंटे बाद पाट दिया था। लेकिन बेलदारों ने 3 दिन बीतने के बाद भी माइनर में लगाए गए लकड़ी के बल्ले नहीं निकाले। किसानों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग की लापरवाही की वजह से उन्हें सिंचाई से वंचित रहना पड़ा। किसानों ने बताया कि उपायुक्त ने उन्हें आश्वस्त किया है कि संबंधित विभाग एसई को कार्रवाई के लिए कहा जाएगा।
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बीते शनिवार को ओढां माइनर गदराना के पास टूट गई थी। जिसे बांधने के लिए पुल के निकट लकड़ी के बल्ले लगाकर पानी का बहाव कम किया गया था। कार्य खत्म होने के बाद लकड़ी के बल्ले हटाकर पानी छोड़ दिया गया था। इसमें विभाग की कोई लापरवाही नहीं है। किसानों की टेल पर पानी न पहुंचने की जो समस्या है उसका कारण ये है कि बीते दिन पंजाब क्षेत्र से मुख्य हैड से पानी कम किया गया था। किसानों को ये गलतफहमी को गई कि गदराना के निकट माइनर में शनिवार को लगाई गई बलियां नहीं निकाली गई। विभाग को बेवजह पानी रोकने से कोई फायदा नहीं है।
-रघुवीर सिंह, जेई ,सिंचाई विभाग