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पोते की चाहत अधूरी रहने पर चार वर्षीय मासूम को गर्म चिमटे से दागने वाली दादी दोषी करार===
Updated Fri, 20 Apr 2018 01:24 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
पोते की चाहत पूरी न होने पर चार वर्षीय पोती को यातनाएं देने वाली दादी को वीरवार शाम अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषी करार दे दिया। अब अदालत शनिवार 21 अप्रैल को दोषी को सजा का फैसला सुनाएगी। विशेष अदालत के न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने बाल कल्याण समिति के सदस्यों की गवाही को आधार मानते हुए आरोपी दादी कमला देवी को दोषी करार दिया है। फैसला सुनते ही कटघरे में खड़ी दादी की आंखों से आंसू टपकने लगे।
मामले के अनुसार 17 जुलाई 2017 को जिला बाल कल्याण समिति को गुप्त सूचना मिली गांव मौजूखेड़ा में एक चार वर्षीय बच्ची को उसके परिजनों ने अमानवीय यातनाएं दी हैं और बच्ची को चारपाई से बांधकर रखा हुआ है। सूचना मिलने के बाद बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता कथूरिया और अंजना डूडी बच्ची के घर पहुंची तो घर में रस्सी से बंधी बच्ची मिली, लेकिन परिजन लापता मिले। बच्ची के पूरे शरीर को गर्म चिमटे से दागा हुआ था। उसके गुप्तांग पर भी गर्म चिमटे से दागे जाने के निशान मिले। मासूम बच्ची की हालत देखकर बाल कल्याण समिति के सदस्यों ने बच्ची को सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया और घटना की जानकारी प्रशासन और डिंग थाना पुलिस को दी। दो दिन बाद बच्ची को होश आया तो बाल कल्याण समिति और डिंग थाना पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। बच्ची ने अपने बयानों में बताया कि उसकी दादी कमला देवी ने उसे ये यातनाएं दी हैं। डिंग थाना पुलिस ने बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता कथूरिया की शिकायत पर आरोपी महिला कमला देवी के खिलाफ जान से मारने की कोशिश और जेजे एक्ट के तहत अभियोग दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया।
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नौ माह में किया निपटारा
दिल दहला देने वाले इस कांड की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार की अदालत में चली। अदालत ने दादी कमला देवी को जमानत न देते हुए इस मामले की सुनवाई की और मात्र नौ महीने में इस मामले का निपटारा करके आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने कमला देवी को जान से मारने की कोशिश और जेजे एक्ट के तहत दोषी माना है।
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