{"_id":"5bd379acbdec22694a53c304","slug":"201540585900-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहेली बना हत्या के बाद सुसाइड मामला:","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पहेली बना हत्या के बाद सुसाइड मामला:
Updated Sat, 27 Oct 2018 02:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिता के खिलाफ पुत्र की हत्या का केस दर्ज, अग्रोहा थाने में भी दर्ज हैं चार केस
सिरसा। पुत्र को गोली मारकर खुद आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने मृतक विक्रम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। विक्रम ने पुत्र देव की हत्या करने के बाद खुद आत्महत्या क्यों की। इसका कारण जानने लिए शुक्रवार दिनभर पुलिस जुटी रही। पुलिस ने रिश्तेदारों व दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन घटना का कोई ठोस कारण सामने नहीं आया। पुलिस ने विक्रम का रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि उसके खिलाफ अग्रोहा पुलिस थाने में चार केस दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर ये बात सामने आई है कि विक्रम आपराधिक प्रवृति का था। शुक्रवार दोपहर मृतक देव व विक्रम के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किया।
सिविल अस्पताल शव लेने के लिए पहुंचे मृतक विक्रम के बहनोई देवीलाल ने बताया कि विक्रम आर्थिक रूप से इतना संपन्न था कि वह व्यापार में घाटा लगने के कारण इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकता। देवीलाल ने बताया कि विक्रम वीरवार सुबह सवा आठ बजे नाश्ता करके घर से अपनी गाड़ी में सवार होकर अपने गांव कालीरावण जाने के लिए निकाला था। उसने अपनी पत्नी सुनीता व ससुर महावीर को भी ये कहा कि वह अपने गांव जा रहा है। इसके बाद वह जमाल पहुंचा। यहां विक्रम की आढ़त की दुकान है। यहां उसने कुछ लोगों के साथ बैठक हुक्का पीया। इसके बाद वह सिरसा की तरफ रवाना हो गया।
मां से छुपाकर रखी बात
देव व विक्रम की मौत होने की बात रिश्तेदारों ने देव की मां सुनीता व ससुर महावीर से शुक्रवार शाम तक छुपाकर रखी। विक्रम के बहनोई देवीलाल ने बताया कि सुनीता व महावीर बाप-बेटे की मौत हो जाने का सदमा सहन नहीं कर सकते, इसलिए परिवार ने उन्हें घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। देव शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने सुनीता से कहा कि वो अपने पापा के साथ घूमने चला गया है।
विज्ञापन
घर में नहीं था घरेलू कलह
घटना के कारण को पहले घरेलू कलह के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन घरवालों से बातचीत में इस प्रकार की कोई बात सामने नहीं आ रही। घरवालों का कहना है कि विक्रम का न तो उसका पत्नी सुनीता से कोई विवाद हुआ और न ही परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ। घरवाले भी घटना को लेकर हैरान है। उन्हें भी समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसी क्या बात हुई कि विक्रम को अपने पुत्र देव की गोली मारकर हत्या करनी पड़ी और बाद में खुद को गोली मार ली। विक्रम अपने पुत्र देव से काफी प्यार करता था। घरवाले चाहते हैं कि इस दर्दनाक घटना के राज से पर्दा उठना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
ये है पूरा मामला
वीरवार सुबह फेफाना निवासी विक्रम अपने पुत्र देव को स्कूल से लेने सिरसा आया था। इसके वह सिरसा से फेफाना की ओर रवाना हुआ। दोपहर करीब ढाई बजे धिंगतानियां रोड पर विक्रम ने गाड़ी रोकी। उसने पिस्टल से देव के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और बाद में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। देव की सांसे चलत देख पुलिस ने उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। यहां कुछ देर बाद देव की मौत हो गई।
स्कूल में शुक्रवार को बिना बैंड के हुई प्रार्थना सभा
जिस निजी स्कूल में देव पढ़ता था, उसमें शुक्रवार को सुबह प्रार्थना सभा में बैंड की धुनें नहीं बजाई गई। सभा सामान्य ही रखी। देव का सात से आठ सहपाठियों से याराना था। लेकिन उन्हें भी देव के मर्डर की सूचना नहीं दी। पूरी कक्षा में ही शुक्रवार को देव के न आने के कारण मालूम नहीं थे। देव पढ़ाई में औसतन था।
कोट्स
मृतक के बहनोई देवीलाल की शिकायत पर मृतक विक्रम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। घटना के कारण का पता लगाने में पुलिस गहनता से जुटी है। मृतक के परिजनों को भी असल कारणों का नहीं पता। उनका कहना है कि विक्रम का किसी से कोई विवाद नहीं था। घर में भी कोई ऐसी बात नहीं हुई। विक्रम का रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि उसके खिलाफ अग्रोहा थाने में चार केस दर्ज है। केसों का ब्योरा अग्रोहा पुलिस के मांगा गया है।
जगदीश जोशी, प्रभारी सदर थाना सिरसा।
विज्ञापन
सिरसा। पुत्र को गोली मारकर खुद आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने मृतक विक्रम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। विक्रम ने पुत्र देव की हत्या करने के बाद खुद आत्महत्या क्यों की। इसका कारण जानने लिए शुक्रवार दिनभर पुलिस जुटी रही। पुलिस ने रिश्तेदारों व दोस्तों से पूछताछ की, लेकिन घटना का कोई ठोस कारण सामने नहीं आया। पुलिस ने विक्रम का रिकॉर्ड खंगाला तो पता चला कि उसके खिलाफ अग्रोहा पुलिस थाने में चार केस दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर ये बात सामने आई है कि विक्रम आपराधिक प्रवृति का था। शुक्रवार दोपहर मृतक देव व विक्रम के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा किया।
सिविल अस्पताल शव लेने के लिए पहुंचे मृतक विक्रम के बहनोई देवीलाल ने बताया कि विक्रम आर्थिक रूप से इतना संपन्न था कि वह व्यापार में घाटा लगने के कारण इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकता। देवीलाल ने बताया कि विक्रम वीरवार सुबह सवा आठ बजे नाश्ता करके घर से अपनी गाड़ी में सवार होकर अपने गांव कालीरावण जाने के लिए निकाला था। उसने अपनी पत्नी सुनीता व ससुर महावीर को भी ये कहा कि वह अपने गांव जा रहा है। इसके बाद वह जमाल पहुंचा। यहां विक्रम की आढ़त की दुकान है। यहां उसने कुछ लोगों के साथ बैठक हुक्का पीया। इसके बाद वह सिरसा की तरफ रवाना हो गया।
विज्ञापन
मां से छुपाकर रखी बात
देव व विक्रम की मौत होने की बात रिश्तेदारों ने देव की मां सुनीता व ससुर महावीर से शुक्रवार शाम तक छुपाकर रखी। विक्रम के बहनोई देवीलाल ने बताया कि सुनीता व महावीर बाप-बेटे की मौत हो जाने का सदमा सहन नहीं कर सकते, इसलिए परिवार ने उन्हें घटना के बारे में कुछ नहीं बताया। देव शाम तक घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने सुनीता से कहा कि वो अपने पापा के साथ घूमने चला गया है।
विज्ञापन
घर में नहीं था घरेलू कलह
घटना के कारण को पहले घरेलू कलह के तौर पर देखा जा रहा था, लेकिन घरवालों से बातचीत में इस प्रकार की कोई बात सामने नहीं आ रही। घरवालों का कहना है कि विक्रम का न तो उसका पत्नी सुनीता से कोई विवाद हुआ और न ही परिवार के किसी अन्य सदस्य के साथ। घरवाले भी घटना को लेकर हैरान है। उन्हें भी समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसी क्या बात हुई कि विक्रम को अपने पुत्र देव की गोली मारकर हत्या करनी पड़ी और बाद में खुद को गोली मार ली। विक्रम अपने पुत्र देव से काफी प्यार करता था। घरवाले चाहते हैं कि इस दर्दनाक घटना के राज से पर्दा उठना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
ये है पूरा मामला
वीरवार सुबह फेफाना निवासी विक्रम अपने पुत्र देव को स्कूल से लेने सिरसा आया था। इसके वह सिरसा से फेफाना की ओर रवाना हुआ। दोपहर करीब ढाई बजे धिंगतानियां रोड पर विक्रम ने गाड़ी रोकी। उसने पिस्टल से देव के सिर में गोली मारकर उसकी हत्या कर दी और बाद में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। देव की सांसे चलत देख पुलिस ने उसे तुरंत उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। यहां कुछ देर बाद देव की मौत हो गई।
स्कूल में शुक्रवार को बिना बैंड के हुई प्रार्थना सभा
जिस निजी स्कूल में देव पढ़ता था, उसमें शुक्रवार को सुबह प्रार्थना सभा में बैंड की धुनें नहीं बजाई गई। सभा सामान्य ही रखी। देव का सात से आठ सहपाठियों से याराना था। लेकिन उन्हें भी देव के मर्डर की सूचना नहीं दी। पूरी कक्षा में ही शुक्रवार को देव के न आने के कारण मालूम नहीं थे। देव पढ़ाई में औसतन था।
कोट्स
मृतक के बहनोई देवीलाल की शिकायत पर मृतक विक्रम के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। घटना के कारण का पता लगाने में पुलिस गहनता से जुटी है। मृतक के परिजनों को भी असल कारणों का नहीं पता। उनका कहना है कि विक्रम का किसी से कोई विवाद नहीं था। घर में भी कोई ऐसी बात नहीं हुई। विक्रम का रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि उसके खिलाफ अग्रोहा थाने में चार केस दर्ज है। केसों का ब्योरा अग्रोहा पुलिस के मांगा गया है।
जगदीश जोशी, प्रभारी सदर थाना सिरसा।