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गैर इरादतन हत्या मामले में दोषियों को चार-चार साल कैद
Updated Fri, 22 Dec 2017 01:37 AM IST
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गैर इरादतन हत्या मामले में दोषियों को चार-चार साल कैद
सिरसा। गांव कमाल में चौकीदार की हत्या करने के मामले में अदालत ने दोषियों को चार-चार साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत दोषियों को हत्या की बजाए गैर इरारतन हत्या का दोषी पाया है।
मामले के अनुसार गांव कमाल निवासी गुरजंट सिंह गांव के प्राइमरी स्कूल में चौकीदार था। सात अप्रैल 2015 की शाम को स्कूल की जिम में कुलदीप सिंह और सुखचरण सिंह कसरत कर रहे थे। गुरजंट ने उन्हें कहा कि जिम बंद करने का टाइम हो गया है। इसी बात को लेकर दोनों का गुरजंट सिंह से विवाद हो गया। इस दौरान कुलदीप सिंह और सुखचरण सिंह ने उस पर डंडे से हमला कर दिया। घायल गुरजंट सिंह को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी अमरजीत कौर के बयानों पर कुलदीप सिंह और सुखचरण सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एडीजे आरपी सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान दोनों हत्यारोपी हत्या की बजाए गैर इरादतन हत्या के दोषी पाए गए। वीरवार को अदालत ने कुलदीप और सुखचरण सिंह को चार-चार साल कैद की सजा सुना दी।
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सिरसा। गांव कमाल में चौकीदार की हत्या करने के मामले में अदालत ने दोषियों को चार-चार साल कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत दोषियों को हत्या की बजाए गैर इरारतन हत्या का दोषी पाया है।
मामले के अनुसार गांव कमाल निवासी गुरजंट सिंह गांव के प्राइमरी स्कूल में चौकीदार था। सात अप्रैल 2015 की शाम को स्कूल की जिम में कुलदीप सिंह और सुखचरण सिंह कसरत कर रहे थे। गुरजंट ने उन्हें कहा कि जिम बंद करने का टाइम हो गया है। इसी बात को लेकर दोनों का गुरजंट सिंह से विवाद हो गया। इस दौरान कुलदीप सिंह और सुखचरण सिंह ने उस पर डंडे से हमला कर दिया। घायल गुरजंट सिंह को उपचार के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया। यहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक की पत्नी अमरजीत कौर के बयानों पर कुलदीप सिंह और सुखचरण सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एडीजे आरपी सिंह की अदालत में इस मामले की सुनवाई के दौरान दोनों हत्यारोपी हत्या की बजाए गैर इरादतन हत्या के दोषी पाए गए। वीरवार को अदालत ने कुलदीप और सुखचरण सिंह को चार-चार साल कैद की सजा सुना दी।
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