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जलघर के किनारे बने नाले में नहा रहे बच्चों का पैर फिसला, डूबने से दोनों की मौत

Wed, 05 Jun 2019 01:52 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 05 Jun 2019 01:52 AM IST
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जलघर के किनारे बने नाले में नहा रहे बच्चों का पैर फिसला, डूबने से दोनों की मौत
ऐलनाबाद। नोहर रोड पर मंगलवार सुबह जनस्वास्थ्य विभाग के जलघर में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गई। हादसा करीब 11 बजकर 40 मिनट पर हुआ। दोनों बच्चों जलघर के साथ बने नाले में नहा रहे थे। इस नाले में नहर से पानी आता हैं और जलघर में गिरता है। नहाते समय पैर फिसलने से दो बच्चे जलघर की डिग्गी में गिर गए और दो बच्चों की डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे नजदीकी हुडा कॉलोनी में बनी झुग्गी झोपड़ी में रह रहे परिवारों के है। मृतकों की पहचान दस वर्षीय रमन व 11 वर्षीय लक्की के रुप में हुई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने 45 मिनट की कोशिश के बाद दोनों को पानी से बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया । पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिरसा भेज दिया है । जानकारी के अनुसार ऐलनाबाद के नोहर रोड पर जनस्वास्थ्य विभाग के बने जलघर में सुबह करीब साढ़े 11 बजे झुग्गी वालों के कुछ बच्चे जलघर की डिग्गी के पास बने नाले में नहाने के लिए गए थे। नाले में काई के चलते रमन व लक्की का पैर फिसल गया ओर दोनों जलघर की डिग्गी में जा गिरे। दोनों बच्चे डूब रहे थे। वहां मौजूद दूसरे बच्चे डर के मारे घरों की ओर भाग गए। एक बच्चे ने करीब 4 एकड़ दूर नंदीशाला में बच्चों के डूबने की सूचना दी। नंदीशाला प्रधान रूपराम ने तुरंत फायर ब्रिगेड व प्रशासन को सूचना दी। जिसके बाद फायर ब्रिगेड के कर्मचारी दो गाड़ियों सहित मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी साधु राम, नायब तहसीलदार भी पुलिस कर्मचारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंच गए। फायर मैन सुरेंद्र कुमार व मुकेश कुमार ट्यूब बांधकर डिग्गी में उतरे। मगर बच्चे नहीं मिले। इतने में वहां पहुंचे 60 वर्षीय गंगाराम थाना प्रभारी से अनुमति लेकर पानी में उतर गए। वह तैरना जानते थे उन्होंने कुछ ही मिनटों में दोनों बच्चों को ढूंढ़ निकाला । जिसके बाद फायर कर्मचारियों के सहयोग से उन्हें डिग्गी से बाहर निकाला गया। वहां उपस्थित लोगों ने 60 वर्षीय गंगाराम की प्रशंसा की । तुंरत दोनों नवजात के शरीर में से पानी निकालकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया । यहां डाक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया ।
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नाले पर नहीं लगाई थी जाली
इस घटना ने दो परिवारों के चिरागों को सदा के लिए बुझा दिया। मगर कोई भी घटना की जिम्मेदारी नहीं ले रहा । डिग्गी को नहर से जोड़ने वाले नाले के मुहाने पर किसी प्रकार की लोहे की जाली नहीं लगी हुई है । मौके पर जनस्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। घटना के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा । डिग्गी के साथ-साथ नाले में जमा काई से पता चलता है कि विभाग को सफाई से कोई मतलब नहीं । डिग्गी में उतरे फायर कर्मचारियों ने बताया कि नीचे पूरी दलदल बनी हुई है, उन्हें रेस्कयू करने में बेहद परेशानी आई। स्थानीय प्रशासन के पास गोताखोर नहीं है, यहीं कारण है कि रेस्क्यू करने में काफी देरी हो गई ।
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कोट्स
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जलघर के चारों ओर बनी ऊंची दीवार फांदकर अकसर बस्ती के लोग यहां नहाने आ जाते हैं । इस बारे वह कई बार अभिभावकों को आगाह कर चुके हैं। विभाग के कर्मचारी खाना खाने के लिए घर गए थे ऐसे में पीछे से यह घटना घटित हो गई ।
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- सुरेंद्र भाटिया, जेई, जन स्वास्थय विभाग
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सूचना मिलते ही वे पुलिस कर्मियों सहित मौके पर पहुंचे। कोशिश के बावजूद दोनों बच्चों को नहीं बचाया जा सका । इतेफाकिया कार्रवाई करने के बाद दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिरसा भेज दिया गया है ।
- साधू राम, थाना प्रभारी ऐलनाबाद
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