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रजिस्ट्री मार्क किए जाने की एवज में तहसीलदार पर लगाया रिश्वत मांगने के आरोप
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डबवाली। डबवाली तहसील कार्यालय में तहसीलदार द्वारा रजिस्ट्री मार्क किए जाने को लेकर नंबरदार की मार्फत एक किसान से कथित तौर पर 2500 रुपये रिश्वत लेने आरोप लगाया है। इस दौरान किसान यूनियन सदस्यों व किसान ने ई-दिशा केंद्र के बाहर नारेबाजी करनी शुरू कर दी।
किसान गुरचेत सिंह निवासी देसूजोधा ने बताया कि उन्होंने किसान सूबा सिंह, हरदम सिंह से 14 कनाल जमीन 16 लाख 70 हजार में खरीदी थी। जिसकी रजिस्ट्री उसकी पत्नी यादविंद्र कौर व गांववासी उसके पड़ोसी किसान हरजिंद्र सिंह की पत्नी परमजीत कौर के नाम करानी थी। इसके लिए किसान को जमीन खरीदने के बदले 9 जनवरी को 14 लाख 60 हजार की राशि चेक के माध्यम से दी गई थी तथा रजिस्ट्री वाले दिन सोमवार को किसान सुबा सिंह को 2 लाख 10 हजार रुपये का चैक दिया गया। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री कराने के लिए वह नंबरदार साधु सिंह के साथ आए थे, इसके लिए फाइल तहसीलदार राजेंद्र कुमार के समक्ष मार्किंग के लिए प्रस्तुत की तो वे बैंक स्टेटमेंट की डिमांड करने लगे जबकि नियमानुसार ऐसा कोई जरूरी नहीं है । किसान का कहना है कि उन्होंने बैंक स्टेटमैंट फाइल में लगाकर वापस फाइल मार्क के लिए पहुंचे तो तहसीलदार राजेंद्र कुमार पैनकार्ड की ऑब्जेक्शन लगाने लगा।
आरोप है कि नंबरदार ने कथित तौर पर तहसीलदार के कहे अनुसार 2500 रुपये मांगे। उन्होंने नंबरदार को 2500 रुपये दिए, उसके बाद तहसीलदार ने बिना किसी ऑब्जेक्शन के फाइल मार्क कर दी। किसान गुरचेत ने इस बारे किसान यूनियन सदस्यों से बात की तो किसान यूनियन सदस्य एकजुट होकर ई दिशा केंद्र पहुंचे और नारेबाजी करके प्रदर्शन किया।
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मेरे उपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। मैंने कोई पैसे नहीं लिए हैं। रजिस्ट्री क्लर्क से मैंने पूछा था उसने बताया कि मैंने भी नहीं मांगे। अगर हमारे नाम से किसी ने पैसे मांगे हैं तो उसकी जांच करवाई जाएगी। रजिस्ट्री करवा दी गई है।
राजेंद्र कुमार, तहसीलदार डबवाली।
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किसान गुरचेत सिंह निवासी देसूजोधा ने बताया कि उन्होंने किसान सूबा सिंह, हरदम सिंह से 14 कनाल जमीन 16 लाख 70 हजार में खरीदी थी। जिसकी रजिस्ट्री उसकी पत्नी यादविंद्र कौर व गांववासी उसके पड़ोसी किसान हरजिंद्र सिंह की पत्नी परमजीत कौर के नाम करानी थी। इसके लिए किसान को जमीन खरीदने के बदले 9 जनवरी को 14 लाख 60 हजार की राशि चेक के माध्यम से दी गई थी तथा रजिस्ट्री वाले दिन सोमवार को किसान सुबा सिंह को 2 लाख 10 हजार रुपये का चैक दिया गया। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री कराने के लिए वह नंबरदार साधु सिंह के साथ आए थे, इसके लिए फाइल तहसीलदार राजेंद्र कुमार के समक्ष मार्किंग के लिए प्रस्तुत की तो वे बैंक स्टेटमेंट की डिमांड करने लगे जबकि नियमानुसार ऐसा कोई जरूरी नहीं है । किसान का कहना है कि उन्होंने बैंक स्टेटमैंट फाइल में लगाकर वापस फाइल मार्क के लिए पहुंचे तो तहसीलदार राजेंद्र कुमार पैनकार्ड की ऑब्जेक्शन लगाने लगा।
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आरोप है कि नंबरदार ने कथित तौर पर तहसीलदार के कहे अनुसार 2500 रुपये मांगे। उन्होंने नंबरदार को 2500 रुपये दिए, उसके बाद तहसीलदार ने बिना किसी ऑब्जेक्शन के फाइल मार्क कर दी। किसान गुरचेत ने इस बारे किसान यूनियन सदस्यों से बात की तो किसान यूनियन सदस्य एकजुट होकर ई दिशा केंद्र पहुंचे और नारेबाजी करके प्रदर्शन किया।
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मेरे उपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। मैंने कोई पैसे नहीं लिए हैं। रजिस्ट्री क्लर्क से मैंने पूछा था उसने बताया कि मैंने भी नहीं मांगे। अगर हमारे नाम से किसी ने पैसे मांगे हैं तो उसकी जांच करवाई जाएगी। रजिस्ट्री करवा दी गई है।
राजेंद्र कुमार, तहसीलदार डबवाली।