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शुरू होने से पूर्व ही बस अड्डे की इमारत में आ गई दरारें
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ओढां बस अड्डे की इमारत में आई दरार। संवाद
- फोटो : Sirsa
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ओढां। बस अड्डे की इमारत अभी शुरू भी नहीं हुई कि उसमें लीपापोती साफ नजर आ रही है। बस स्टैंड की इमारत में दरारें आ गई हैं। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य में लीपापोती की गई है। इस कार्य की जांच होनी चाहिए। वहीं इस मामले में पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारी ने यह कहकर इतिश्री कर दी कि चार वर्ष से बिल्डिंग खाली पड़ी है। दरारें तो आएगी ही।
ग्रामीण पलविंदर सिंह, बारू सिंह, रिंकू सिंह, जग्गा सिंह व हरप्रीत सिंह ने बताया कि बस अड्डे के निर्माण में लीपापोती की गई है। इसका प्रमाण इमारत में आई दरारों के रूप में स्पष्ट देखा जा सकता है। इमारत अभी जनता को समर्पित भी नहीं हुई, लेकिन लीपापोती अभी से ही दिखाई देने लगी है। उन्होंने बताया कि इमारत के पिलरों में दरारें आ चुकी है। फर्श का पत्थर उखड़ चुका, खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं तथा शौचालय व वॉश बेसिन की सीटें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस कार्य में अधिकारियों की लापरवाही साफ नजर आ रही है। बस अड्डे की इमारत करीब साढ़े चार वर्षों से शुरू होने की बाट जोह रही है, लेकिन इस ओर कोई अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहा। बस अड्डे के बाहर गंदे पानी का भराव हो गया है। इसकी निकासी का भी कोई प्रबंध नहीं है। ओढां में 29 मई को मुख्यमंत्री की रैली की सूचना के बाद रोडवेज के जीएम व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों ने बस अड्डे का निरीक्षण भी किया था। ग्रामीणों ने कहा कि 29 मई को रैली के दौरान वे सीएम मनोहर लाल से इस लीपापोती व अनदेखी को लेकर शिकायत करेंगे।
यह बोले अधिकारी
इस बारे जब पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के एक्सईएन कमलदीप राणा से बात की गई तो उन्होंने तर्क दिया कि चार वर्ष से बिल्डिंग खाली पड़ी है, दरारें तो आएंगी ही। अगर इसके उद्घाटन का कोई कार्यक्रम बनता है तो इसकी फिर से मरम्मत करवा देंगे। उन्होंने लीपापोती के पूछे गए सवाल पर कोई संतुष्टि जनक जवाब नहीं दिया।
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ग्रामीण पलविंदर सिंह, बारू सिंह, रिंकू सिंह, जग्गा सिंह व हरप्रीत सिंह ने बताया कि बस अड्डे के निर्माण में लीपापोती की गई है। इसका प्रमाण इमारत में आई दरारों के रूप में स्पष्ट देखा जा सकता है। इमारत अभी जनता को समर्पित भी नहीं हुई, लेकिन लीपापोती अभी से ही दिखाई देने लगी है। उन्होंने बताया कि इमारत के पिलरों में दरारें आ चुकी है। फर्श का पत्थर उखड़ चुका, खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं तथा शौचालय व वॉश बेसिन की सीटें भी क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इस कार्य में अधिकारियों की लापरवाही साफ नजर आ रही है। बस अड्डे की इमारत करीब साढ़े चार वर्षों से शुरू होने की बाट जोह रही है, लेकिन इस ओर कोई अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहा। बस अड्डे के बाहर गंदे पानी का भराव हो गया है। इसकी निकासी का भी कोई प्रबंध नहीं है। ओढां में 29 मई को मुख्यमंत्री की रैली की सूचना के बाद रोडवेज के जीएम व पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिकारियों ने बस अड्डे का निरीक्षण भी किया था। ग्रामीणों ने कहा कि 29 मई को रैली के दौरान वे सीएम मनोहर लाल से इस लीपापोती व अनदेखी को लेकर शिकायत करेंगे।
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यह बोले अधिकारी
इस बारे जब पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के एक्सईएन कमलदीप राणा से बात की गई तो उन्होंने तर्क दिया कि चार वर्ष से बिल्डिंग खाली पड़ी है, दरारें तो आएंगी ही। अगर इसके उद्घाटन का कोई कार्यक्रम बनता है तो इसकी फिर से मरम्मत करवा देंगे। उन्होंने लीपापोती के पूछे गए सवाल पर कोई संतुष्टि जनक जवाब नहीं दिया।
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