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Sirsa News: खेड़ी माइनर में दरार, 10 एकड़ फसल जलमग्न, दो घंटे बाद पटरी को बांधा
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टूटी नहर के बांध को बांधते हुए किसान।
चोपटा। गांव कुम्हारिया और खेड़ी के बीच खेतों में खेड़ी माइनर नहर में दरार आ गई। किसान जगदीश के खेत से होकर गुजर रही नहर सोमवार को अचानक टूट गई। इससे किसानों की करीब 10 एकड़ फसल जलमग्न हो गई। ग्वार, मूंगफली और नरमे की फसलों को नुकसान हुआ है। हालांकि, करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी की सहायता से नहर की पटरी को बांध दिया गया।
फिलहाल सिंचाई जल की आपूर्ति फिर से बहाल कर दी गई है। किसान सत्यनारायण, मंजीत और राज कुमार ने बताया कि जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआ। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत सिंचाई विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर मनजीत बेनीवाल मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
जेसीबी की मदद से भरी दरार
नहर में दरार की स्थिति को देखते हुए जेई मनजीत बेनीवाल, बेलदार कपिल कुमार और अमित कुमार ने मौके पर ही कार्य शुरू करवाया। जेसीबी मशीन की सहायता से नहर की दरार को भरने का कार्य शुरू किया गया, जो करीब दो घंटे की मेहनत के बाद पूरा हुआ। किसानों ने बताया कि खेड़ी माइनर नहर का यह हिस्सा नहर का अंतिम छोर है। इससे इसकी चौड़ाई कम है और पानी का दबाव भी कम होता है। इसी कारण नहर में आई दरार को समय रहते ठीक किया जा सका।
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-- -- -- -- -- कुम्हारिया और गांव खेड़ी के बीच खेतों में खेड़ी माइनर नहर टूटने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग की ओर से मौके पर जाकर नहर की दरार को पाटने का काम शुरू कर दिया गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जेसीबी की सहायता से नहर के लीकेज को रोक दिया गया। फिलहाल सिंचाई जल की आपूर्ति फिर से बहाल कर दी गई है। - मनजीत बेनीवाल, जेई, सिंचाई विभाग।
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फिलहाल सिंचाई जल की आपूर्ति फिर से बहाल कर दी गई है। किसान सत्यनारायण, मंजीत और राज कुमार ने बताया कि जैसे ही खेतों में पानी भरना शुरू हुआ। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत सिंचाई विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर मनजीत बेनीवाल मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
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जेसीबी की मदद से भरी दरार
नहर में दरार की स्थिति को देखते हुए जेई मनजीत बेनीवाल, बेलदार कपिल कुमार और अमित कुमार ने मौके पर ही कार्य शुरू करवाया। जेसीबी मशीन की सहायता से नहर की दरार को भरने का कार्य शुरू किया गया, जो करीब दो घंटे की मेहनत के बाद पूरा हुआ। किसानों ने बताया कि खेड़ी माइनर नहर का यह हिस्सा नहर का अंतिम छोर है। इससे इसकी चौड़ाई कम है और पानी का दबाव भी कम होता है। इसी कारण नहर में आई दरार को समय रहते ठीक किया जा सका।
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