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Sirsa News: दिशा सूचक, रैंप व सुरक्षा ग्रिलिंग से दिव्यांग-अनुकूल होगा कोर्ट परिसर
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सिरसा। कोर्ट कॉम्पलेक्स के भीतर दिव्यांगजनों और बुजुर्गों को बिना किसी परेशानी के आवाजाही और न्यायिक कार्यों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए दिशा-सूचक बोर्ड, हर स्तर पर रैंप, विशेष टाइलिंग सिस्टम और सुरक्षा ग्रिलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सुगम्य भारत अभियान के तहत प्रस्तावित इन व्यवस्थाओं को लागू करने के लिए प्रशासन की ओर से एक करोड़ 80 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया है।
वर्तमान में कोर्ट परिसर में दिव्यांगों के लिए मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। नए नियमों के आधार पर अब कोर्ट परिसर की संरचना को अपडेट किया जाएगा, ताकि अलग-अलग श्रेणी के दिव्यांगों को सुविधा मिल सके। इसके साथ ही बुजुर्गों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है।
अधिकारियों के अनुसार, समय के साथ आधुनिक तकनीक वाली ऐसी टाइलें विकसित हो चुकी हैं, जिन पर चलते ही दिव्यांगों को फर्श का आभास हो जाता है। अभी नॉर्मल और ग्रेनाइट फर्श होने के कारण फिसलने, गिरने और घायल होने का खतरा बना रहता है। नई टाइलिंग व्यवस्था से यह जोखिम काफी हद तक कम होगा।
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यह होगी व्यवस्था
- कोर्ट परिसर में दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे।
- सुरक्षा के लिए विशेष ग्रिलिंग की जाएगी।
- दिव्यांगों की सुविधा के लिए हर स्तर पर रैंप बनाए जाएंगे।
- दिव्यांगों के अनुरूप विशेष टाइलिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
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दिशा सूचक होते हैं बेहद जरूरी
दिव्यांगों को कहां अपना वाहन पार्क करना है। कहां और किस कोर्ट में जज बैठे है। इसकी जानकारी उन्हें मिलेगी। सीढ़ियां किस दिशा में है और रैंप किस दिशा में है। हर जगह पर दिव्यांग की सुविधा के अनुरूप दिशा सूचक लगेंगे। इससे दिव्यांग के साथ-साथ आम आदमी को भी फायदा होगा।
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दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएगी। कोर्ट परिसर में मांग के अनुरूप यह कार्य किया जा रहा है। इस पर एक करोड़ 80 लाख रुपये का खर्च आएगा।
- कमलदीप सिंह राणा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।
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वर्तमान में कोर्ट परिसर में दिव्यांगों के लिए मूलभूत सुविधाएं पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। नए नियमों के आधार पर अब कोर्ट परिसर की संरचना को अपडेट किया जाएगा, ताकि अलग-अलग श्रेणी के दिव्यांगों को सुविधा मिल सके। इसके साथ ही बुजुर्गों की जरूरतों को भी ध्यान में रखा गया है।
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अधिकारियों के अनुसार, समय के साथ आधुनिक तकनीक वाली ऐसी टाइलें विकसित हो चुकी हैं, जिन पर चलते ही दिव्यांगों को फर्श का आभास हो जाता है। अभी नॉर्मल और ग्रेनाइट फर्श होने के कारण फिसलने, गिरने और घायल होने का खतरा बना रहता है। नई टाइलिंग व्यवस्था से यह जोखिम काफी हद तक कम होगा।
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यह होगी व्यवस्था
- कोर्ट परिसर में दिशा सूचक बोर्ड लगाए जाएंगे।
- सुरक्षा के लिए विशेष ग्रिलिंग की जाएगी।
- दिव्यांगों की सुविधा के लिए हर स्तर पर रैंप बनाए जाएंगे।
- दिव्यांगों के अनुरूप विशेष टाइलिंग सिस्टम लगाया जाएगा।
दिशा सूचक होते हैं बेहद जरूरी
दिव्यांगों को कहां अपना वाहन पार्क करना है। कहां और किस कोर्ट में जज बैठे है। इसकी जानकारी उन्हें मिलेगी। सीढ़ियां किस दिशा में है और रैंप किस दिशा में है। हर जगह पर दिव्यांग की सुविधा के अनुरूप दिशा सूचक लगेंगे। इससे दिव्यांग के साथ-साथ आम आदमी को भी फायदा होगा।
दिव्यांगों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएगी। कोर्ट परिसर में मांग के अनुरूप यह कार्य किया जा रहा है। इस पर एक करोड़ 80 लाख रुपये का खर्च आएगा।
- कमलदीप सिंह राणा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।