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Sirsa News: सिरसा में हुई हिंसा के मामले में सभी आरोपियों को कोर्ट ने किया बरी
Mon, 25 Sep 2023 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 25 Sep 2023 11:21 PM IST
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सिरसा। नवंबर 2012 में गुरुद्वारा चिल्ला साहिब के पास हुई हिंसा के मामले में न्यायालय ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हिंसा के दौरान सिरसा में 13 दिनों तक कर्फ्यू लगा रहा था। शहर थाना पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट तहसीलदार ओमप्रकाश बिश्नोई की शिकायत पर पांच नामजद व 2 हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
न्यायालय में 9 साल 7 माह 29 दिन इस मामले की सुनवाई हुई। निपटारा करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सलोनी गुप्ता ने आरोपियों को बरी कर दिया। न्यायाधीश ने फैसले मेंं कहा है कि अभियोजन पक्ष की जांच में काफी कमियां हैं। धारा 295 ए में अभियोजन पक्ष ने सरकार के किसी भी मंजूरी आदेश को रिकॉर्ड में नहीं रखा। इसके अलावा आरोपियों की कोई परीक्षण पहचान परेड आयोजित नहीं की गई। अभियोजन पक्ष अपराध साबित करने में विफल रहा है।
यह था मामला
मामले के अनुसार 24 नवंबर 2012 को सिविल हॉस्पिटल रोड पर डेरा सच्चा सौदा की कार्यकारिणी ने धार्मिक कार्यक्रम किया था। पुलिस को दी शिकायत में तहसीलदार ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया था कि प्रशासन की अनुमति के बिना आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 2 हजार लोग एकत्रित हुए। डेरा सच्चा सौदा कमेटी के सदस्योंं ने उक्त लोगोंं को भड़काना शुरू कर दिया। इसके बाद माइक लेकर डेरे के अनुयायियोंं ने सिख समुदाय के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने इनको रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहींं माने। दोपहर तीन बजे डेरा की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने अनुयायियों से गुरुद्वारा चिल्ला साहिब की ओर बढ़ने का आग्रह किया कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साथ हुए बुरे व्यवहार का बदला लें। इसके बाद 2 हजार अनुयायी हाथों में लाठी, डंडे, पत्थर व तेजधार हथियार उठाकर गुरुद्वारा चिल्ला साहिब के पास पहुंच गए।
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गुरुद्वारे के पास पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में पुलिस फोर्स तैनात थी। पुलिस फोर्स ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस फोर्स पर पथराव कर दिया और बोलेरो गाड़ी को आग लगा दी। इसके बाद सिख समुदाय से संबंधित लोगों ने बंदूक से गोलियां चलाईं और गुरुद्वारा साहिब का गेट बंद करवा दिया। डेरा समर्थकों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने गुरबचन सिंह निवासी हुडा कॉलोनी सिरसा,रमनदीप निवासी फरीदकोट पंजाब,लखविंदर सिंह निवासी बिरूवाला सिरसा, सुरेंद्र निवासी बिरूवाला व लखबीर सिंह निवासी बिरूवाला को नामजद व 2 हजार अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया।
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न्यायालय में 9 साल 7 माह 29 दिन इस मामले की सुनवाई हुई। निपटारा करते हुए प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी सलोनी गुप्ता ने आरोपियों को बरी कर दिया। न्यायाधीश ने फैसले मेंं कहा है कि अभियोजन पक्ष की जांच में काफी कमियां हैं। धारा 295 ए में अभियोजन पक्ष ने सरकार के किसी भी मंजूरी आदेश को रिकॉर्ड में नहीं रखा। इसके अलावा आरोपियों की कोई परीक्षण पहचान परेड आयोजित नहीं की गई। अभियोजन पक्ष अपराध साबित करने में विफल रहा है।
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यह था मामला
मामले के अनुसार 24 नवंबर 2012 को सिविल हॉस्पिटल रोड पर डेरा सच्चा सौदा की कार्यकारिणी ने धार्मिक कार्यक्रम किया था। पुलिस को दी शिकायत में तहसीलदार ओमप्रकाश बिश्नोई ने बताया था कि प्रशासन की अनुमति के बिना आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 2 हजार लोग एकत्रित हुए। डेरा सच्चा सौदा कमेटी के सदस्योंं ने उक्त लोगोंं को भड़काना शुरू कर दिया। इसके बाद माइक लेकर डेरे के अनुयायियोंं ने सिख समुदाय के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने इनको रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहींं माने। दोपहर तीन बजे डेरा की कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने अनुयायियों से गुरुद्वारा चिल्ला साहिब की ओर बढ़ने का आग्रह किया कि डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साथ हुए बुरे व्यवहार का बदला लें। इसके बाद 2 हजार अनुयायी हाथों में लाठी, डंडे, पत्थर व तेजधार हथियार उठाकर गुरुद्वारा चिल्ला साहिब के पास पहुंच गए।
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गुरुद्वारे के पास पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में पुलिस फोर्स तैनात थी। पुलिस फोर्स ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस फोर्स पर पथराव कर दिया और बोलेरो गाड़ी को आग लगा दी। इसके बाद सिख समुदाय से संबंधित लोगों ने बंदूक से गोलियां चलाईं और गुरुद्वारा साहिब का गेट बंद करवा दिया। डेरा समर्थकों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। तहसीलदार की शिकायत पर पुलिस ने गुरबचन सिंह निवासी हुडा कॉलोनी सिरसा,रमनदीप निवासी फरीदकोट पंजाब,लखविंदर सिंह निवासी बिरूवाला सिरसा, सुरेंद्र निवासी बिरूवाला व लखबीर सिंह निवासी बिरूवाला को नामजद व 2 हजार अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया।