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Sirsa News: कंपनी के अधिकारियों पर 20 लाख रुपये की ठगी और सात लाख कमीशन डकारने का आरोप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 May 2025 11:00 PM IST
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Company officials accused of cheating of Rs 20 lakh and embezzling Rs 7 lakh commission
सिरसा। शहर के बी ब्लॉक निवासी एक व्यक्ति ने टीमवे कंपनी के एमडी वेंकटेश यशवंत करसुले व नेशनल प्रमोटर राजेश कुमार पर कारोबार में 20 लाख रुपये की ठगी व सात लाख रुपये कमीशन के न देने का आरोप लगाया है। शहर थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ अभियोग दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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पुलिस को दी शिकायत में बी ब्लॉक 30 निवासी विशाल सचदेवा ने बताया कि 24 जुलाई 2024 को वह मौजदीन निवासी दोस्त शंकर से मिला तो फतेहाबाद जिले के खाता खेड़ी निवासी कुलवंत ने टीमवे कंपनी का प्लान बताया और कहा कि बहुत पैसे आ रहे हैं। इसके बाद उसने व शंकर ने कंपनी में काम शुरू कर दिया।
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विशाल का कहना है कि उसने कंपनी के खाते में पांच हजार रुपये की राशि ट्रांसफर कर दी। कुलवंत ने उसकी माता आशा के नाम पर आईडी बना दी। उसी समय उसने पांच हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। कुलवंत ने एक आईडी उसकी पत्नी सुनीता देवी के नाम पर बनाकर एक हजार रुपये डाल दिए। कुछ समय बाद कुलवंत ने अपने सीनियर जींद के बड़ौदा के राजेश कुमार से फोन पर बात कराई और कहा कि इस कंपनी की मोबाइल फ्रेंचाइजी ले लो।
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इसमें उसे पांच प्रतिशत कमीशन मिलेगा और तीन हजार रुपये 11 माह तक प्रति माह मिलेंगे। इसके बाद उसने 1.25 लाख रुपये दिए और मोबाइल फ्रेंचाइजी खुल गई। विशाल ने बताया कि राजेश कुमार ने पूरे एरिया की डिस्ट्रिक्ट फ्रेंचाइजी लेने का दबाव बनाया और कहा कि हरियाणा-पंजाब में सप्लाई पर 10 प्रतिशत कमीशन मिलेगा।
विशाल ने अपने साले तरुण भारत गुलाटी और अपने पिता ओमप्रकाश से से उधार लेकर कुल 22 लाख कंपनी के खाते में डाल दिए। इसके बाद कुलवंत बोला कि 25 लाख रुपये जमा होने के बाद फ्रेंचाइजी कोड ओपन होगा। राजेश व कुलवंत ने उसे कहा कि आपकी तरफ से हम तीन लाख रुपये दे देते हैं। इसके बाद शाम तक फ्रेंचाइजी ओपन हो गई।


25 लाख में से पांच लाख के बिल मिले
बाद में कुलवंत और राजेश ने माल सप्लाई के लिए व्हाट्सएप से डिटेल भेजी। प्रोडक्ट पूरे आने के बजाए कम आए। उसे 25 लाख में से पांच लाख बिलिंग में कम मिले। 10 के बजाय 9 प्रतिशत कमीशन मिला और ट्रांसपोर्ट चार्ज का जिक्र नहीं था, फिर भी उसे भरना पड़ा। विशाल ने राजेश से फोन पर बात की तो उसकी पुणे-महाराष्ट्र के एमडी वेंकेटेश यशवंत से बात कराई और उन्होंने कहा कि आप अच्छा काम कर रहे तो पुणे आने का न्योता दिया।



एक माह तक कमीशन नहीं आया
विशाल ने बताया कि 9 अक्तूबर को पुणे में एमडी से मुलाकात की। उसने कहा कि कमीशन व ट्रांसपोर्ट खर्च कम करवा देंगे, लेकिन पर एक माह तक कमीशन नहीं आया। बाद में एमडी ने बिलकुल मना कर दिया। अब उसे पता चला कि राजेश कुमार अपने भांजे के नाम पर अलग कंपनी बना रहे हैं। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है। जांच अधिकारी चरणजीत सिंह का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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