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Sirsa News: सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर सीएम फ्लाइंग ने किया निरीक्षण
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सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर सीएम फ्लाइंग की टीम निरीक्षण करती हुई।
- फोटो : Sirsa
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डबवाली (सिरसा)। शहर की सीमा से सटे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट पर सीएम फ्लाइंग ने छापा मारकर कार्रवाई की। इस छापे के दौरान प्लांट पर भारी अनियमितताएं पाई गई। जिसमें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के पानी को बिना शुद्ध किए ही साथ लगते गांव शेरगढ़ के खेतों में सप्लाई किया जा रहा था, जिससे गंदगी के आलम की भरमार हो रही है।
मिली जानकारी के अनुसार निरीक्षण टीम में सीएम फ्लाइंग से एसआई राजेश कुमार व एसडीई विशाल ज्याणी, जेई जगतार सिंह, एसटीपी कांट्रेक्टर के प्रतिनिधि शंभू तथा जेई देवशी पारीक बीएंडआर डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने एसटीपी प्लांट पर पहुंचकर प्लांट्स में चल रहे संयंत्रों की जानकारी जुटाई, जिसमें काफी खामियां टीम को देखने में मिली।
टीम के अधिकारियों द्वारा प्लांट में लगे यंत्रों की जानकारी जुटाने शुरू की तो उसमें लगे इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन की 5 पंपसेट में से दो, एमपीएस की पांच पंपसेट में से 4 पंप सेट मौके पर मौजूद नहीं थे। वहीं, मौके पर मौजूद ठेकेदार के प्रतिनिधि ने बताया कि यह पंप सेट मरम्मत करवाने के लिए भेजे गए हैं। इंटरमीडिएट पंपिंग सिस्टम व मेन पंपिंग स्टेशन की चार पंपसेट मौके पर चालू हालत में है। जिनमें से फ्लाइंग टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान केवल एक ही चालू हालत में पाया गया। निरीक्षण टीम के अनुसार डबवाली शहर से सीवर का पानी एसटीपी से साफ हुए बगैर सीधा खेतों में सप्लाई हो रहा है, जिससे ठेकेदार की लापरवाही साफ झलकती नजर आ रही है।
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इसी दौरान ठेकेदार के कर्मचारी द्वारा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट चला कर दिखाया गया, जोकि सुचारु रूप से काम नहीं कर रहा था। जबकि प्लांट का क्लोरिनेशन सिस्टम सही रूप से चल रहा है। एसटीपी में लगे तीनों पंप सेट चालू हालत में है, लेकिन मौके पर तीनों ही बंद पड़े हैं। एसटीपी में बनी लैब सही चल रही थी व इसका ओएमडी सिस्टम भी सही रूप से कार्य कर रहा था। एसटीपी का रखरखाव व चलाने का कार्य बालाजी कंपनी रोहतक के पास है।
निरीक्षण के दौरान मिलीं कई खामियां
निरीक्षण के दौरान जेई है देवशी पारीक ने अपने निरीक्षण रिपोर्ट में बताया कि एसटीपी प्लांट में एक इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन व एक मेन पंपिंग स्टेशन है। इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन में एक मोटर 80 एचपी कि व दो मोटर 50 एचपी की व दो मोटर 3एचपी की लगी हुई थी। निरीक्षण के दौरान सिर्फ एक मोटर 80 एचपी, एक मोटर 50 एचपी, एक मोटर 30 एचपी की मोटर लगी मिली, जिसमें से एक मोटर 50 एचपी, एक मोटर 3एचपी की मरम्मत के लिए भेजी हुई थी। जिसकी किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रार में एंट्री नहीं की गई। मेन पंपिंग स्टेशन में एक 80 एचपी व दो मोटर 50 एचपी व दो मोटर 30 एचपी की लगी हुई थी पर निरीक्षण के दौरान सिर्फ 180 एचपी की मोटर ही लगी हुई पाई गई। बाकी 50 एचपी की दो मोटर व 30एचपी की दो मोटर मरम्मत के लिए भेजी गई थी, जिसकी भी रजिस्टर में किसी भी प्रकार की कोई एंट्री नहीं पाई गई। प्लांट में 70 एचपी के चार ब्लोअर लगे हुए थे। जिसमें से मौके पर सिर्फ दो ही सुचारु रूप से चल रहे थे। एसटीपी में 630 किलोवाट का एक मेन ट्रांसफार्मर लगा हुआ है व 320 किलोवाट के 2 डीजी सेट लगे हुए हैं। निरीक्षण के दौरान बिजली होने के कारण डीजी सेट ऑपरेशन में नहीं थे। प्लांट के बिल्कुल अंतिम छोर पर क्लीन वाटर टैंक बना हुआ है। उसमें 30 एचपी की तीन मोटरें लगी हुई थी। ऑपरेशन में मोटर लगी हुई है, जो कि टैंक, वाटर लेवल कम होने के कारण ऑपरेशन में नहीं थी
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मिली जानकारी के अनुसार निरीक्षण टीम में सीएम फ्लाइंग से एसआई राजेश कुमार व एसडीई विशाल ज्याणी, जेई जगतार सिंह, एसटीपी कांट्रेक्टर के प्रतिनिधि शंभू तथा जेई देवशी पारीक बीएंडआर डिपार्टमेंट की संयुक्त टीम ने एसटीपी प्लांट पर पहुंचकर प्लांट्स में चल रहे संयंत्रों की जानकारी जुटाई, जिसमें काफी खामियां टीम को देखने में मिली।
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टीम के अधिकारियों द्वारा प्लांट में लगे यंत्रों की जानकारी जुटाने शुरू की तो उसमें लगे इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन की 5 पंपसेट में से दो, एमपीएस की पांच पंपसेट में से 4 पंप सेट मौके पर मौजूद नहीं थे। वहीं, मौके पर मौजूद ठेकेदार के प्रतिनिधि ने बताया कि यह पंप सेट मरम्मत करवाने के लिए भेजे गए हैं। इंटरमीडिएट पंपिंग सिस्टम व मेन पंपिंग स्टेशन की चार पंपसेट मौके पर चालू हालत में है। जिनमें से फ्लाइंग टीम द्वारा निरीक्षण के दौरान केवल एक ही चालू हालत में पाया गया। निरीक्षण टीम के अनुसार डबवाली शहर से सीवर का पानी एसटीपी से साफ हुए बगैर सीधा खेतों में सप्लाई हो रहा है, जिससे ठेकेदार की लापरवाही साफ झलकती नजर आ रही है।
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इसी दौरान ठेकेदार के कर्मचारी द्वारा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट चला कर दिखाया गया, जोकि सुचारु रूप से काम नहीं कर रहा था। जबकि प्लांट का क्लोरिनेशन सिस्टम सही रूप से चल रहा है। एसटीपी में लगे तीनों पंप सेट चालू हालत में है, लेकिन मौके पर तीनों ही बंद पड़े हैं। एसटीपी में बनी लैब सही चल रही थी व इसका ओएमडी सिस्टम भी सही रूप से कार्य कर रहा था। एसटीपी का रखरखाव व चलाने का कार्य बालाजी कंपनी रोहतक के पास है।
निरीक्षण के दौरान मिलीं कई खामियां
निरीक्षण के दौरान जेई है देवशी पारीक ने अपने निरीक्षण रिपोर्ट में बताया कि एसटीपी प्लांट में एक इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन व एक मेन पंपिंग स्टेशन है। इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन में एक मोटर 80 एचपी कि व दो मोटर 50 एचपी की व दो मोटर 3एचपी की लगी हुई थी। निरीक्षण के दौरान सिर्फ एक मोटर 80 एचपी, एक मोटर 50 एचपी, एक मोटर 30 एचपी की मोटर लगी मिली, जिसमें से एक मोटर 50 एचपी, एक मोटर 3एचपी की मरम्मत के लिए भेजी हुई थी। जिसकी किसी भी प्रकार की रजिस्ट्रार में एंट्री नहीं की गई। मेन पंपिंग स्टेशन में एक 80 एचपी व दो मोटर 50 एचपी व दो मोटर 30 एचपी की लगी हुई थी पर निरीक्षण के दौरान सिर्फ 180 एचपी की मोटर ही लगी हुई पाई गई। बाकी 50 एचपी की दो मोटर व 30एचपी की दो मोटर मरम्मत के लिए भेजी गई थी, जिसकी भी रजिस्टर में किसी भी प्रकार की कोई एंट्री नहीं पाई गई। प्लांट में 70 एचपी के चार ब्लोअर लगे हुए थे। जिसमें से मौके पर सिर्फ दो ही सुचारु रूप से चल रहे थे। एसटीपी में 630 किलोवाट का एक मेन ट्रांसफार्मर लगा हुआ है व 320 किलोवाट के 2 डीजी सेट लगे हुए हैं। निरीक्षण के दौरान बिजली होने के कारण डीजी सेट ऑपरेशन में नहीं थे। प्लांट के बिल्कुल अंतिम छोर पर क्लीन वाटर टैंक बना हुआ है। उसमें 30 एचपी की तीन मोटरें लगी हुई थी। ऑपरेशन में मोटर लगी हुई है, जो कि टैंक, वाटर लेवल कम होने के कारण ऑपरेशन में नहीं थी