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Sirsa News: इलाज के दौरान बारहवीं की छात्रा की मौत, निजी अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का केस
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अस्पताल में पुलिस को मामले की शिकायत दर्ज करवाते हुए मृतक के परिजन।
सिरसा। शहर के डबवाली रोड पर स्थित निजी अस्पताल में दो दिनों से इलाज के दौरान 17 वर्षीय रेनू की मौत हो गई। किशोरी के परिजनों ने अस्पताल के डाॅक्टर पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाया।
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यह था पूरा मामला
गांव कर्मशाना से आए परिजनों ने शुक्रवार को अपनी 17 साल की रेनू को इलाज के लिए शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था। वहां इलाज के दौरान शनिवार दोपहर बाद इस किशोरी की मौत हो गई। परिजनों ने मौत की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन पर डाल दी। परिजनों ने बताया कि वीरवार को किशोरी को तेज बुखार के इलाज के लिए अस्पताल में लाए थे।
दो दिनों तक अस्पताल में किशोरी का इलाज चलता रहा। अस्पताल के स्टाफ व डॉक्टर से भी इसके इलाज के लिए लगातार बातचीत होती रही। वह कहते रहे कि किशोरी जल्दी ठीक हो जाएगी लेकिन शनिवार सुबह से ही इलाज में आए खर्च के रुपयों के लिए अस्पताल प्रशासन का रवैया कुछ ठीक नहीं लग रहा था।
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डाॅक्टर किशोरी की हालत काफी गंभीर बताने लगे। रुपयों के लिए कई बार दबाव बनाया गया। कुछ देर बाद इलाज के सारे रुपये अस्पताल के कैश काउंटर पर जमा करवाए गए। इसके बाद किशोरी की हालत गंभीर बताकर रेफर करने लगे। थोड़ी देर में किशोरी को मृत घोषित कर दिया गया।
मृतक किशोरी के चाचा ने अस्पताल के डाॅक्टर पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर ने समय रहते किशोरी का इलाज सही नहीं किया। इस कारण उसकी मौत हुई है। पुलिस को पूरी घटना के बारे में बता दिया है। पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी गई है।
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दो दिन पहले हमारे पास इलाज के लिए परिजन किशोरी को लाए थे। परिजनों को पहले ही बताया था कि मरीज की हालत काफी गंभीर है। उसे मिरगी के दौरे भी आते थे। इसका इलाज सिरसा और जयपुर के कई अस्पतालों से भी चल रहा था। बीमारी के कारण इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। लापरवाही जैसे आरोप सही नहीं हैं। - डाॅ. अभिषेक सिंह, चिकित्सक, निजी अस्पताल
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यह था पूरा मामला
गांव कर्मशाना से आए परिजनों ने शुक्रवार को अपनी 17 साल की रेनू को इलाज के लिए शहर के निजी अस्पताल में भर्ती करवाया था। वहां इलाज के दौरान शनिवार दोपहर बाद इस किशोरी की मौत हो गई। परिजनों ने मौत की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन पर डाल दी। परिजनों ने बताया कि वीरवार को किशोरी को तेज बुखार के इलाज के लिए अस्पताल में लाए थे।
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दो दिनों तक अस्पताल में किशोरी का इलाज चलता रहा। अस्पताल के स्टाफ व डॉक्टर से भी इसके इलाज के लिए लगातार बातचीत होती रही। वह कहते रहे कि किशोरी जल्दी ठीक हो जाएगी लेकिन शनिवार सुबह से ही इलाज में आए खर्च के रुपयों के लिए अस्पताल प्रशासन का रवैया कुछ ठीक नहीं लग रहा था।
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डाॅक्टर किशोरी की हालत काफी गंभीर बताने लगे। रुपयों के लिए कई बार दबाव बनाया गया। कुछ देर बाद इलाज के सारे रुपये अस्पताल के कैश काउंटर पर जमा करवाए गए। इसके बाद किशोरी की हालत गंभीर बताकर रेफर करने लगे। थोड़ी देर में किशोरी को मृत घोषित कर दिया गया।
मृतक किशोरी के चाचा ने अस्पताल के डाॅक्टर पर इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर ने समय रहते किशोरी का इलाज सही नहीं किया। इस कारण उसकी मौत हुई है। पुलिस को पूरी घटना के बारे में बता दिया है। पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी गई है।
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दो दिन पहले हमारे पास इलाज के लिए परिजन किशोरी को लाए थे। परिजनों को पहले ही बताया था कि मरीज की हालत काफी गंभीर है। उसे मिरगी के दौरे भी आते थे। इसका इलाज सिरसा और जयपुर के कई अस्पतालों से भी चल रहा था। बीमारी के कारण इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। लापरवाही जैसे आरोप सही नहीं हैं। - डाॅ. अभिषेक सिंह, चिकित्सक, निजी अस्पताल