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हर रोज अतिक्रमण हटाने के दावे फेल, सुबह खुला दिखता है बाजार तो शाम को नहीं होती पैदल निकलने की भी जगह
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सुबह आठ बजे शहर का सुनसान नजर आता रोड़ी बाजार।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। नगर परिषद की ओर से हर रोज बाजार से अतिक्रमण हटाने के किए दावे फेल होते हुए नजर आ रहे हैं। दुकानदारों ने बीच रास्ते में सामान रखा अतिक्रमण किया हुआ है। दुकान का आधा सामान तो आपको रोड पर रखा दिखाई देगा। बाजार की स्थिति यह है कि सुबह 9 बजे तक बाजार पूरी तरह से खाली दिखाई देता है। दुकानों के खुलते ही बाजार की जगह कम होना शुरू हो जाती है। दोपहर दो बजे बाजारों में जमकर भीड़ होती है। शाम पांच बजे के बाद पैदल निकलते तक की जगह नहीं मिलती। जिसका मुख्य कारण दुकानदारों और रेहड़ी चालकों की तरफ से किया गया अतिक्रमण है।
बीते सोमवार को उपायुक्त अनीश यादव ने बाजारों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था बनाने और अतिक्रमण की स्थिति पर नकेल कसने के निर्देश दिए थेे। जिसके बाद नगर परिषद अधिकारी हरकत में आए और लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की तैयारी कर ली। लेकिन यह अभियान केवल एक दिन ही चल पाया और इसके बाद अधिकारी बाजार में निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। अभियान चलाने के दौरान नगर परिषद की ओर से 20 दुकानदारों के चालान भी किए गए थे। लेकिन इसके बाद स्थिति जैसे की तैसे बनी हुई है। दुुकानदार अपनी मर्जी से बाजार में फट्टे लगाकर सामान बेचते हुए नजर आते हैं। जिसके कारण यहां पर जाम की स्थिति बन रही है।
यह रहती है बाजार में दिनभर की स्थिति
सुबह 8 बजे: इस समय करीब कुछ दुकानें ही खुली हुई दिखाई देती है। इस दौरान बाजार से जिस तरह चाहे बड़े वाहनों को निकाला जा सकता है। बाजार खुला खुला दिखाई देता है।
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सुबह 10 बजे: इस समय बाजार की अधिकतर दुकानें खुली मिलती है। इन दुकानों के बाहर मोटरसाइकिल खड़े होने से दुकानों के दोनों तरफ की जगह कम हो जाती है। इस दौरान भी आवाजाही सामान्य रहती है। हालांकि कई रेहड़ी चालक और दुकानदारों की ओर से फट्टे लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाती है।
दोपहर 2 बजे: बाजार भरा हुआ दिखाई देता है। दुकानों के बाहर ग्राहकों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है। कई दुकानदार रोड के बिलकुल साथ फट्टे पर कपड़े, जूते और अन्य सामान बेचते हुए दिखाई देते हैं। इस दौरान आवाजाही काफी प्रभावित रहती है। वहीं कई दुकानदारों की ओर से दुकान का आधा सामान बाहर रखकर आधे रोड पर कब्जा कर लिया जाता है।
शाम 4 बजे: अतिक्रमण और भीड़ बढ़ने के कारण आवाजाही प्रभावित होनी शुरू हो जाती है। जिसके कारण दो पहिये वाहन चालकों के गुजरना भी मुश्किल हो जाता है और बार-बार जाम लगना शुरू हो जाता है।
शाम 5 बजे के बाद: बाजार से पैदल निकलने तक ही जगह नहीं होती। साथ लगती गलियों में जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। जिसके कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस बाजारों में बनती है जाम की स्थिति
शहर के मोहंता मार्केट, सदर बाजार, हिसारिया बाजार, रोड़ी बाजार, फैशन कैंप वाली गली में शाम के समय जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। रेहड़ी चालकों की संख्या बढ़ने के कारण आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हो जाती है। कई संचालक बीच रास्ते में रेहड़ी खड़ी कर सामान बेचते हुए नजर आते हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से उन रेहड़ी चालकों को स्थायी जगह नहीं दी गई है। जिसके कारण रेहड़ी चालक जिस भी स्थान पर चाहे रेहड़ी लगा खड़े हो जाते हैं।
केवल एक दिन ही चल पाया था अतिक्रमण हटाओ अभियान
उपायुक्त के निर्देशों के बाद केवल एक दिन ही शहर में अभियान चल पाया था। अभियान के दौरान नगर परिषद की ओर से 20 दुकानदारों के चालान किए गए थे और कई का सामान भी जब्त किया गया था। लेकिन नगर परिषद कर्मचारियों के वापस जाते ही स्थिति जैसे की तैसे होना शुरू हो जाती है। दुकानदार टीम को देख फट्टे और मेज बंद कर सामान दुकान में रख देते हैं। लेकिन टीम के गुजरने के बाद स्थिति वैसे ही हो जाती है।
शहर में अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। नगर परिषद की ओर से सामान जब्त किया जाए और हर रोज अभियान चलाया जाए तो ही स्थिति का समाधान हो सकता है। रेहड़ी चालकों के लिए स्थायी प्वाइंट बनाए जाने का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
-इंस्पेक्टर बहादुर सिंह, यातायात थाना प्रभारी, सिरसा
अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है लेकिन दुकानदार फिर से सामान दुकान के बाहर रख देते हैं। सोमवार से लगातार अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। जिन भी दुकानदारों की ओर से चालान की राशि जमा नहीं करवाई जाती उन्हें कोर्ट में भेेजा जाएगा।
-राजकुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद सिरसा
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बीते सोमवार को उपायुक्त अनीश यादव ने बाजारों का निरीक्षण कर सफाई व्यवस्था बनाने और अतिक्रमण की स्थिति पर नकेल कसने के निर्देश दिए थेे। जिसके बाद नगर परिषद अधिकारी हरकत में आए और लगातार अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाने की तैयारी कर ली। लेकिन यह अभियान केवल एक दिन ही चल पाया और इसके बाद अधिकारी बाजार में निरीक्षण करने तक नहीं पहुंचे। अभियान चलाने के दौरान नगर परिषद की ओर से 20 दुकानदारों के चालान भी किए गए थे। लेकिन इसके बाद स्थिति जैसे की तैसे बनी हुई है। दुुकानदार अपनी मर्जी से बाजार में फट्टे लगाकर सामान बेचते हुए नजर आते हैं। जिसके कारण यहां पर जाम की स्थिति बन रही है।
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यह रहती है बाजार में दिनभर की स्थिति
सुबह 8 बजे: इस समय करीब कुछ दुकानें ही खुली हुई दिखाई देती है। इस दौरान बाजार से जिस तरह चाहे बड़े वाहनों को निकाला जा सकता है। बाजार खुला खुला दिखाई देता है।
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सुबह 10 बजे: इस समय बाजार की अधिकतर दुकानें खुली मिलती है। इन दुकानों के बाहर मोटरसाइकिल खड़े होने से दुकानों के दोनों तरफ की जगह कम हो जाती है। इस दौरान भी आवाजाही सामान्य रहती है। हालांकि कई रेहड़ी चालक और दुकानदारों की ओर से फट्टे लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाती है।
दोपहर 2 बजे: बाजार भरा हुआ दिखाई देता है। दुकानों के बाहर ग्राहकों की भीड़ लगना शुरू हो जाती है। कई दुकानदार रोड के बिलकुल साथ फट्टे पर कपड़े, जूते और अन्य सामान बेचते हुए दिखाई देते हैं। इस दौरान आवाजाही काफी प्रभावित रहती है। वहीं कई दुकानदारों की ओर से दुकान का आधा सामान बाहर रखकर आधे रोड पर कब्जा कर लिया जाता है।
शाम 4 बजे: अतिक्रमण और भीड़ बढ़ने के कारण आवाजाही प्रभावित होनी शुरू हो जाती है। जिसके कारण दो पहिये वाहन चालकों के गुजरना भी मुश्किल हो जाता है और बार-बार जाम लगना शुरू हो जाता है।
शाम 5 बजे के बाद: बाजार से पैदल निकलने तक ही जगह नहीं होती। साथ लगती गलियों में जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। जिसके कारण वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस बाजारों में बनती है जाम की स्थिति
शहर के मोहंता मार्केट, सदर बाजार, हिसारिया बाजार, रोड़ी बाजार, फैशन कैंप वाली गली में शाम के समय जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। रेहड़ी चालकों की संख्या बढ़ने के कारण आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हो जाती है। कई संचालक बीच रास्ते में रेहड़ी खड़ी कर सामान बेचते हुए नजर आते हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से उन रेहड़ी चालकों को स्थायी जगह नहीं दी गई है। जिसके कारण रेहड़ी चालक जिस भी स्थान पर चाहे रेहड़ी लगा खड़े हो जाते हैं।
केवल एक दिन ही चल पाया था अतिक्रमण हटाओ अभियान
उपायुक्त के निर्देशों के बाद केवल एक दिन ही शहर में अभियान चल पाया था। अभियान के दौरान नगर परिषद की ओर से 20 दुकानदारों के चालान किए गए थे और कई का सामान भी जब्त किया गया था। लेकिन नगर परिषद कर्मचारियों के वापस जाते ही स्थिति जैसे की तैसे होना शुरू हो जाती है। दुकानदार टीम को देख फट्टे और मेज बंद कर सामान दुकान में रख देते हैं। लेकिन टीम के गुजरने के बाद स्थिति वैसे ही हो जाती है।
शहर में अतिक्रमण हटाने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। नगर परिषद की ओर से सामान जब्त किया जाए और हर रोज अभियान चलाया जाए तो ही स्थिति का समाधान हो सकता है। रेहड़ी चालकों के लिए स्थायी प्वाइंट बनाए जाने का कार्य भी पूरा नहीं हो पाया है।
-इंस्पेक्टर बहादुर सिंह, यातायात थाना प्रभारी, सिरसा
अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है लेकिन दुकानदार फिर से सामान दुकान के बाहर रख देते हैं। सोमवार से लगातार अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा। जिन भी दुकानदारों की ओर से चालान की राशि जमा नहीं करवाई जाती उन्हें कोर्ट में भेेजा जाएगा।
-राजकुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद सिरसा

शाम चार बजे रोड़ी बाजार में दुकान के बाहर रखकर सामान बेचते दुकानदार और लगी ग्राहकों की भीड़ । - फोटो : Sirsa

सुबह 11 बजे रोड़ी बाजार का दृश्य।- फोटो : Sirsa