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ऐलनाबाद उपचुनाव में खुलकर प्रचार कर सकेंगे ओपी चौटाला
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जेबीटी भर्ती घोटाले में सजा पूरी होने के बाद पहली बार ओपी चौटाला के नेतृत्व में इनेलो ऐलनाबाद उपचुनाव में उतरेगी। जेल नियम अब उनके चुनाव प्रचार में बाधा नहीं बनेंगे। ऐलनाबाद उपचुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। इसके अलावा इनेेलो आगामी 25 सितंबर को बड़ी रैली करके अपना शक्ति प्रदर्शन कर सकती है।
बता दें कि किसान आंदोलन के चलते ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने इस साल 27 जनवरी में अपना इस्तीफा दे दिया था। उपचुनाव 6 महीने के अंदर करवाना जरूरी है। सजा पूरी होने के बाद पूर्व सीएम ओपी चौटाला पहली बार पार्टी के लिए खुलकर चुनाव प्रचार करेंगे और इस चुनाव को लेकर अब पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं। यदि इनेलो को ऐलनाबाद उपचुनाव में दोबारा जीत मिलती है तो यह पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगी।
संगठन को मजबूत करेंगे और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएंगे चौटाला
इनेलो 25 सितंबर को चौ. देवीलाल की जयंती मना सकती है। उन्हें श्रद्घांजलि देने के लिए रैली की जा सकती है। कोविड के कारण वर्ष 2020 में इनेलो ने रैली का आयोजन न करके केवल जिला स्तर पर ही श्रद्धांजलि सभा की थी। अब ओपी चौटाला की रिहाई के बाद इनेेलो 25 सितंबर को बड़ी रैली करके अपना शक्ति प्रदर्शन कर सकती है। इनेलो की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जसवीर जस्सा का कहना है कि बड़े चौटाला साहब जेल नियमों के अनुसार खुलकर प्रचार नहीं कर पाते थे, परंतु अब वह पार्टी के खुलकर प्रचार करेंगे। संगठन को मजबूत करेंगे और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएंगे।
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वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में इनेलो जीत सकी थी एक ही सीट
इनेलो से जजपा के बनने के बाद वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में इनेलो 90 में से केवल सिरसा जिले की ऐलनाबाद विधानसभा सीट ही जीत पाई थी। इनेलो के सिरसा जिला प्रधान कश्मीर सिंह करीवाला ने बताया कि बुधवार को जैसे ही कार्यकर्ताओं को उनकी रिहाई की सूचना मिली तो कार्यकर्ता खुद ब खुद ही पार्टी कार्यालय पहुंचने शुरू हो गए। ओपी चौटाला पार्टी के वर्कर को जितना सम्मान देते थे, शायद ही कोई दूसरी पार्टी देती हो। संगठन को मजबूत करने का जो अनुभव उन्हें है शायद ही किसी और नेता को होगा।
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बता दें कि किसान आंदोलन के चलते ऐलनाबाद के विधायक अभय सिंह चौटाला ने इस साल 27 जनवरी में अपना इस्तीफा दे दिया था। उपचुनाव 6 महीने के अंदर करवाना जरूरी है। सजा पूरी होने के बाद पूर्व सीएम ओपी चौटाला पहली बार पार्टी के लिए खुलकर चुनाव प्रचार करेंगे और इस चुनाव को लेकर अब पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं। यदि इनेलो को ऐलनाबाद उपचुनाव में दोबारा जीत मिलती है तो यह पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने का काम करेगी।
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संगठन को मजबूत करेंगे और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएंगे चौटाला
इनेलो 25 सितंबर को चौ. देवीलाल की जयंती मना सकती है। उन्हें श्रद्घांजलि देने के लिए रैली की जा सकती है। कोविड के कारण वर्ष 2020 में इनेलो ने रैली का आयोजन न करके केवल जिला स्तर पर ही श्रद्धांजलि सभा की थी। अब ओपी चौटाला की रिहाई के बाद इनेेलो 25 सितंबर को बड़ी रैली करके अपना शक्ति प्रदर्शन कर सकती है। इनेलो की प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य जसवीर जस्सा का कहना है कि बड़े चौटाला साहब जेल नियमों के अनुसार खुलकर प्रचार नहीं कर पाते थे, परंतु अब वह पार्टी के खुलकर प्रचार करेंगे। संगठन को मजबूत करेंगे और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएंगे।
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वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में इनेलो जीत सकी थी एक ही सीट
इनेलो से जजपा के बनने के बाद वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में इनेलो 90 में से केवल सिरसा जिले की ऐलनाबाद विधानसभा सीट ही जीत पाई थी। इनेलो के सिरसा जिला प्रधान कश्मीर सिंह करीवाला ने बताया कि बुधवार को जैसे ही कार्यकर्ताओं को उनकी रिहाई की सूचना मिली तो कार्यकर्ता खुद ब खुद ही पार्टी कार्यालय पहुंचने शुरू हो गए। ओपी चौटाला पार्टी के वर्कर को जितना सम्मान देते थे, शायद ही कोई दूसरी पार्टी देती हो। संगठन को मजबूत करने का जो अनुभव उन्हें है शायद ही किसी और नेता को होगा।