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जिला सिविल अस्पताल में अव्यवस्था, डॉक्टर के इंतजार में भटकते मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 Aug 2021 11:24 PM IST
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Chaos in District Civil Hospital, patients wandering in wait for doctor
नागरिक अस्पताल में अपनी बारी के इंतजार में परेशान होकर फर्श पर लेटने को मजबूर मरीज। संवाद - फोटो : Sirsa
सिरसा। कोरोना काल के दौरान जिले के स्वास्थ्य सेवाओं में जरूरी इजाफा हुआ है, लेकिन सिविल अस्पताल में अव्यवस्था का आलम है। नागरिक अस्पताल प्रशासन ही कोरोना गाइडलाइन की धज्जियां उड़ा रहा है। अस्पताल में न तो मास्क का इस्तेमाल हो रहा है और न ही सामाजिक दूरी का पालन। वहीं मरीज डॉक्टर के इंतजार में इधर उधर भटक रहे हैं। यहां मरीजों के बैठने के लिए कोई बंदोबस्त नहीं है। इसके चलते मरीज ओपीडी में फर्श पर लेटने को मजबूर है।
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कोरोना संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए सबसे जरूरी है कि हर व्यक्ति मास्क का इस्तेमाल करे। मेडिकल स्टाफ के लिए तो सबसे जरूरी है। लेकिन अस्पताल की ओपीडी में तैनात एक-दो डॉक्टरों को छोड़कर अन्य कोई भी डॉक्टर, नर्स, मेडिकल स्टाफ सहित अन्य कर्मचारियों ने मास्क का इस्तेमाल करना बंद कर दिया है। अस्पताल की ओपीडी भी भीड़ होती है और भीड़ में कोरोना संक्रमण का सबसे ज्यादा खतरा है। ऐसे में यहां भी लापरवाही बरती जा रही है। इस ओर अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
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इलाज के लिए भटकते मरीज, फर्श पर इंतजार करने को बेबस
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से ज्यादा मरीज जिलाभर से इलाज करवाने के लिए आते हैं। यहां 20 से ज्यादा सामान्य और विशेषज्ञ डॉक्टर ओपीडी में बैठते हैं। लेकिन अस्पताल की ओपीडी में नियमित रूप से डॉक्टरों के ना बैठने से मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था ना होने के कारण मरीजों को फर्श पर मजबूरन लेटकर डॉक्टरों का इंतजार करना पड़ा। गांव रंधावा से आए मोहन लाल, पन्नीवाल मोटा से आए राम प्यारे, बाजेका से आई महिला बिमला देवी, चत्तरगढ़पट्टी की निवासी सुलोचना ने बताया कि यहां ओपीडी में डॉक्टर एक बार आए थे, लेकिन बीच में छोड़कर चले गए। करीब एक घंटे बाद आए, इतने समय में गर्मी से हालत खराब होने लगी है। इसके अलावा यहां बैठने की भी पर्याप्त जगह नहीं है, इसलिए जमीन पर ही लेटकर इंतजार करना पड़ा।
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ये रहीं अव्यवस्थाएं
- ओपीडी रजिस्ट्रेशन खिड़की पर भीड़ रही, कोरोना गाइडलाइन के अनुसार दो गज की दूरी और मास्क नियमों की धज्जियां उड़ीं।
- ओपीडी रजिस्ट्रेशन खिड़की के पास ही कोरोना के सैंपल लेने के लिए व्यवस्था की गई है लेकिन सैंपल लेने वाले कर्मचारी ने ही मास्क का इस्तेमाल करना जरूरी नहीं समझा।

- ओपीडी में फिजिशियन के कमरे के बाहर भीड़ ज्यादा होने के कारण मरीजों को फर्श पर ही लेटकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा।
- दोपहर करीब 12 बजे के बाद लैबोरेट्री कर्मचारी ब्लड और अन्य सैंपल लेना बंद कर देते हैं।
- अल्ट्रासाउंड रूम के बाहर भी महिला मरीजों को जमीन पर ही बैठना पड़ा क्योंकि यहां बैठने के लिए कुर्सियों की व्यवस्था नहीं है।
मुझे जानकारी नहीं है : कार्यकारी सिविल सर्जन
ओपीडी में समस्याओं को लेकर मुझे जानकारी नहीं है क्योंकि चिकित्सा अधीक्षक देखते हैं। यदि किसी प्रकार की शिकायत आएगी तो उसका समाधान किया जाएगा।
- डॉ. रोहताश, कार्यकारी सिविल सर्जन, सिरसा।

अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन के लिए बिना डिस्टेंस के कतार में लगे मरीज और उनके परिजन। संवाद

अस्पताल में ओपीडी रजिस्ट्रेशन के लिए बिना डिस्टेंस के कतार में लगे मरीज और उनके परिजन। संवाद- फोटो : Sirsa

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