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नागरिक अस्पताल में अव्यवस्था : ओपीडी में 1500 से ज्यादा मरीज रहे परेशान
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सिरसा नागरिक अस्पताल में फ्रीज में रखे सैंपल।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। नागरिक अस्पताल से हटाए गए 71 अनुबंधित कर्मचारियों के बाद काम प्रभावित होने लगा है। दो दिन से कोरोना सैंपल की जांच का काम ठप हो गया है। इतना ही नहीं दवा वितरण में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं कर पाया। ऐसे में अस्पताल की ओपीडी में आने वाले 1500 मरीज और उनके परिजन परेशान हैं। दूसरी ओर रिलीव किए गए अनुबंधित कर्मचारी भी धरने पर बैठे रहे। अस्पताल प्रशासन ने समाधान के लिए सोमवार तक का समय दिया है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर कोरोना के कारण अस्थायी तौर पर भर्ती किए गए कर्मचारियों को रिलीव कर दिया गया है। अब उक्त कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई तथा आक्रोशित कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल में धरना शुरू कर दिया। अनुबंधित कर्मचारी इंद्रजीत ने बताया कि शुक्रवार को सीएमओ, पीएमओ व एनएचएम प्रभारी से हुई बैठक के बाद अनुबंधित कर्मचारियों को सोमवार तक वापस कार्य पर रखने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद भी शनिवार को अनुबंधित कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना जारी रखा।
कोरोना जांच ठप : वीआईपी सैंपल ही जांचे
सिविल अस्पताल में अनुबंधित कर्मचारियों को रिलीव करने के बाद सबसे अधिक परेशानी का सामना आरटीपीसीआर लैब में कोरोना सैंपल जांच के दौरान करना पड़ा। आरटीपीसीआर लैब में करीब 15 लैब टेक्नीशियन अनुबंध पर नियुक्त थे, जिन्हें रिलीव कर दिया गया। पहले जहां रोजाना 600-700 सैंपल की जांच होती थी, वहीं शनिवार को नाम मात्र 250 सैंपल की जांच हो सकी। इस दौरान भी विदेश जाने के लिए व ऑपरेशन करवाने पहुंचाने मरीजों के सैंपल की ही जांच की गई। इसके अलावा खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीजों के सैंपल जांच का काम ठप रहा। दो दिन के दौरान 1200 से 1500 सैंपल अटक गए हैं।
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दवा वितरण : एक ही कतार में महिला, पुरुष और बुजुर्ग
नागरिक अस्पताल में दवा वितरण के लिए डिस्पेंसरी है। यहां महिला, पुरुष और बुजुर्गों-दिव्यांगजन के लिए तीन अलग-अलग खिड़की की व्यवस्था है। लेकिन शनिवार को यहां व्यवस्था गड़बड़ाई हुई नजर आई। केवल एक ही खिड़की खुली थी क्योंकि अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था नागरिक अस्पताल प्रशासन नहीं कर पाया। ऐसे में दवा वितरण खिड़की पर मरीजों की लंबी लाइन रही।
रजिस्ट्रेशन खिड़की पर भी रही मारामारी
अस्पताल के पंजीकरण खिड़की पर भी मरीजों की भीड़ रही। कर्मचारियों की कमी के कारण पर्ची कटने में काफी समय लगा। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को लंबा इंतजार करना पड़ा। हालांकि ओपीडी में डॉक्टर उपलब्ध थे लेकिन खून जांच कार्य कुछ प्रभावित हुआ है। हालांकि एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी की जांच का काम प्रभावित नहीं हुुुआ क्योंकि यहां नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं।
अनुबंधित कर्मचारियों को वापस लगाने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया गया है। सिविल अस्पताल में जहां पर कर्मचारियों की कमी के चलते अव्यवस्थाएं है वहां पर जल्द ही स्टाफ को लगाया जाएगा। मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-मनीष बांसल, सिविल सर्जन, सिरसा।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर कोरोना के कारण अस्थायी तौर पर भर्ती किए गए कर्मचारियों को रिलीव कर दिया गया है। अब उक्त कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई तथा आक्रोशित कर्मचारियों ने सिविल अस्पताल में धरना शुरू कर दिया। अनुबंधित कर्मचारी इंद्रजीत ने बताया कि शुक्रवार को सीएमओ, पीएमओ व एनएचएम प्रभारी से हुई बैठक के बाद अनुबंधित कर्मचारियों को सोमवार तक वापस कार्य पर रखने का आश्वासन दिया गया। आश्वासन मिलने के बाद भी शनिवार को अनुबंधित कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर धरना जारी रखा।
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कोरोना जांच ठप : वीआईपी सैंपल ही जांचे
सिविल अस्पताल में अनुबंधित कर्मचारियों को रिलीव करने के बाद सबसे अधिक परेशानी का सामना आरटीपीसीआर लैब में कोरोना सैंपल जांच के दौरान करना पड़ा। आरटीपीसीआर लैब में करीब 15 लैब टेक्नीशियन अनुबंध पर नियुक्त थे, जिन्हें रिलीव कर दिया गया। पहले जहां रोजाना 600-700 सैंपल की जांच होती थी, वहीं शनिवार को नाम मात्र 250 सैंपल की जांच हो सकी। इस दौरान भी विदेश जाने के लिए व ऑपरेशन करवाने पहुंचाने मरीजों के सैंपल की ही जांच की गई। इसके अलावा खांसी, जुकाम व बुखार से पीड़ित मरीजों के सैंपल जांच का काम ठप रहा। दो दिन के दौरान 1200 से 1500 सैंपल अटक गए हैं।
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दवा वितरण : एक ही कतार में महिला, पुरुष और बुजुर्ग
नागरिक अस्पताल में दवा वितरण के लिए डिस्पेंसरी है। यहां महिला, पुरुष और बुजुर्गों-दिव्यांगजन के लिए तीन अलग-अलग खिड़की की व्यवस्था है। लेकिन शनिवार को यहां व्यवस्था गड़बड़ाई हुई नजर आई। केवल एक ही खिड़की खुली थी क्योंकि अतिरिक्त कर्मचारियों की व्यवस्था नागरिक अस्पताल प्रशासन नहीं कर पाया। ऐसे में दवा वितरण खिड़की पर मरीजों की लंबी लाइन रही।
रजिस्ट्रेशन खिड़की पर भी रही मारामारी
अस्पताल के पंजीकरण खिड़की पर भी मरीजों की भीड़ रही। कर्मचारियों की कमी के कारण पर्ची कटने में काफी समय लगा। ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को लंबा इंतजार करना पड़ा। हालांकि ओपीडी में डॉक्टर उपलब्ध थे लेकिन खून जांच कार्य कुछ प्रभावित हुआ है। हालांकि एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी की जांच का काम प्रभावित नहीं हुुुआ क्योंकि यहां नियमित कर्मचारी कार्यरत हैं।
अनुबंधित कर्मचारियों को वापस लगाने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया गया है। सिविल अस्पताल में जहां पर कर्मचारियों की कमी के चलते अव्यवस्थाएं है वहां पर जल्द ही स्टाफ को लगाया जाएगा। मरीजों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
-मनीष बांसल, सिविल सर्जन, सिरसा।

सिरसा नागरिक अस्पताल में ईलाज के लिए आए मरीज दाखिला पर्ची के लिए लाइन में लगे हुए।- फोटो : Sirsa

सिरसा नागरिक अस्पताल में धरने पर बैठे स्वास्थ्य कर्मचारी।- फोटो : Sirsa