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एनजीटी के आदेश पर बदलाव, अब सामान्य के साथ इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी उठाएगी नप
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डोर-टू-डोर कचरा उठान के लिए नगर परिषद की वैन।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल यानी एनएजीटी के नियमों की अवहेलना पर नगर परिषद कर्मचारियों को अधिकारियों की नाराजगी का सामना करना पड़ा। अब नगर परिषद ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए एनजीडी की गाइडलाइन और नियमों को एक-एक कर लागू करना शुरू कर दिया है। पहले चरण में डोर-टू-डोर कूड़ा उठान काम में जुटी वैन में सामान्य कचरे के साथ-साथ इलेक्टॉनिक कूड़ा और खतरनाक कूड़ा (खून से सने पैड, सेनेटरी पैड, पट्टी, रुई) भी उठाया जाएगा। इसके लिए वैन में दो अतिरिक्त बॉक्स की सुविधा उपलब्ध करवा दी गई है।
जिले में एनजीटी के नियमों के पालन की जांच करने के लिए अधिकारियों की टीम ने दो दिन पहले निरीक्षण किया। इस दौरान जहां एक ओर जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली वहीं दूसरी ओर कचरा प्वाइंट और कूड़ा निस्तारण प्लांट का भी निरीक्षण किया। सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों की टीम ने नियमों का पालन करने में लापरवाही दिखने पर नाराजगी भी जाहिर की और निर्देश भी दिए। नगर परिषद अधिकारियों ने अब व्यवस्था में सुधार शुरू कर दिया।
जानिये.... ये है नई व्यवस्था, कूड़ा वैन में ये मिलेगी नई सुविधा
नगर परिषद की ओर से डोर-टू-डोर कचरा एकत्र करने के लिए वैन की व्यवस्था की गई है। ये शहर में नि:शुल्क कूड़ा एकत्रीकरण का कार्य करती हैं। पहले वैन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डालने की व्यवस्था है। लेकिन अब दो अतिरिक्त डिब्बे भी लगा दिए गए हैं। एक ई-वेस्ट यानी इलेक्ट्रॉनिक कचरा और दूसरा बॉक्स हैजरडस वेस्ट यानी खतरनाक कचरा के लिए है। एक डिब्बे में बिजली के टूटे-फूटे उपकरण, बिजली की तार, टूटे रेडियो, टेलीविजन, खराब कंप्यूटर का सामान सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक का सामान डाला जाएगा। इसके अलावा दूसरे हैजरडस बॉक्स में खतरनाक यानी सेनेटरी पैड, चोट से उतरी खून से सनी पट्टियां, रूई और अन्य कचरा शामिल किया जाएगा। इनके निस्तारण का तरीका भी अलग रहेगा।
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शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर, जरूरत से आधे सफाई कर्मचारियों के हवाले सफाई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की सफाई व्यवस्था की के लिए जरूरत से आधे कर्मचारियों से नगर परिषद की ओर से काम लिया जा रहा है। वर्ष 2011 के नियमों के अनुसार 400 व्यक्तियों पर 1 सफाई कर्मचारी नियुक्त किया जाना प्रस्तावित था। उस समय शहर की आबादी करीब दो लाख थी। वर्ष 2022 में शहर की अनुमानित आबादी ढाई लाख से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में नियम के अनुसार करीब 500 कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था संभालने के लिए होने चाहिए। परंतु अभी शहर में 31 वार्डों में करीब 212 सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें से भी 60 से ज्यादा कर्मचारी सरकारी अधिकारियों के कार्यालयों व घरों में लगाए गए हैं। जिसके चलते कर्मचारियों की संख्या और भी कम हो जाती है। शहर में मुख्य डाकघर के नजदीक, रानियां रोड, डबवाली रोड, पुरानी कचहरी मार्ग, भादरा बाजार, परशुराम चौक स्थित अनेक स्थानों पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
10 साल बाद बढ़ी आबादी, पर नहीं बढ़ी सफाई कर्मचारियों की संख्या
नगर परिषद के पास जितने सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है, उससे भी कम संख्या में सफाई कर्मचारियों के हवाले शहर की सफाई व्यवस्था है। इस कारण समय पर सफाई नहीं हो रही है। शहर के आबादी बढ़ने के साथ ही सफाई कर्मचारियों की संख्या को नहीं बढ़ाया गया है।
सफाई कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार से अनुमति मिलने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शहर की आबादी के अनुसार शहर में करीब 500 सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है।
- जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद सिरसा।
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जिले में एनजीटी के नियमों के पालन की जांच करने के लिए अधिकारियों की टीम ने दो दिन पहले निरीक्षण किया। इस दौरान जहां एक ओर जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली वहीं दूसरी ओर कचरा प्वाइंट और कूड़ा निस्तारण प्लांट का भी निरीक्षण किया। सूत्र बताते हैं कि अधिकारियों की टीम ने नियमों का पालन करने में लापरवाही दिखने पर नाराजगी भी जाहिर की और निर्देश भी दिए। नगर परिषद अधिकारियों ने अब व्यवस्था में सुधार शुरू कर दिया।
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जानिये.... ये है नई व्यवस्था, कूड़ा वैन में ये मिलेगी नई सुविधा
नगर परिषद की ओर से डोर-टू-डोर कचरा एकत्र करने के लिए वैन की व्यवस्था की गई है। ये शहर में नि:शुल्क कूड़ा एकत्रीकरण का कार्य करती हैं। पहले वैन में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग डालने की व्यवस्था है। लेकिन अब दो अतिरिक्त डिब्बे भी लगा दिए गए हैं। एक ई-वेस्ट यानी इलेक्ट्रॉनिक कचरा और दूसरा बॉक्स हैजरडस वेस्ट यानी खतरनाक कचरा के लिए है। एक डिब्बे में बिजली के टूटे-फूटे उपकरण, बिजली की तार, टूटे रेडियो, टेलीविजन, खराब कंप्यूटर का सामान सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक का सामान डाला जाएगा। इसके अलावा दूसरे हैजरडस बॉक्स में खतरनाक यानी सेनेटरी पैड, चोट से उतरी खून से सनी पट्टियां, रूई और अन्य कचरा शामिल किया जाएगा। इनके निस्तारण का तरीका भी अलग रहेगा।
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शहर में जगह-जगह लगे कचरे के ढेर, जरूरत से आधे सफाई कर्मचारियों के हवाले सफाई व्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की सफाई व्यवस्था की के लिए जरूरत से आधे कर्मचारियों से नगर परिषद की ओर से काम लिया जा रहा है। वर्ष 2011 के नियमों के अनुसार 400 व्यक्तियों पर 1 सफाई कर्मचारी नियुक्त किया जाना प्रस्तावित था। उस समय शहर की आबादी करीब दो लाख थी। वर्ष 2022 में शहर की अनुमानित आबादी ढाई लाख से ज्यादा हो चुकी है। ऐसे में नियम के अनुसार करीब 500 कर्मचारी शहर की सफाई व्यवस्था संभालने के लिए होने चाहिए। परंतु अभी शहर में 31 वार्डों में करीब 212 सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें से भी 60 से ज्यादा कर्मचारी सरकारी अधिकारियों के कार्यालयों व घरों में लगाए गए हैं। जिसके चलते कर्मचारियों की संख्या और भी कम हो जाती है। शहर में मुख्य डाकघर के नजदीक, रानियां रोड, डबवाली रोड, पुरानी कचहरी मार्ग, भादरा बाजार, परशुराम चौक स्थित अनेक स्थानों पर जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
10 साल बाद बढ़ी आबादी, पर नहीं बढ़ी सफाई कर्मचारियों की संख्या
नगर परिषद के पास जितने सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है, उससे भी कम संख्या में सफाई कर्मचारियों के हवाले शहर की सफाई व्यवस्था है। इस कारण समय पर सफाई नहीं हो रही है। शहर के आबादी बढ़ने के साथ ही सफाई कर्मचारियों की संख्या को नहीं बढ़ाया गया है।
सफाई कर्मचारियों की संख्या को बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार से अनुमति मिलने के बाद यह प्रक्रिया शुरू की जाएगी। शहर की आबादी के अनुसार शहर में करीब 500 सफाई कर्मचारियों की आवश्यकता है।
- जयवीर सिंह, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद सिरसा।