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सीडीएलयू के 17 खिलाड़ियों को न खेल किट और न ही खर्चा भत्ता
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रजिस्ट्रार के पास पहुंचे खिलाड़ी।
- फोटो : Sirsa
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चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की सॉफ्टबाल टीम शनिवार सुबह 8 जनवरी से 12 जनवरी तक चलने वाली ऑल इंडिया सॉफ्टबाल प्रतियोगिता खेलने के लिए आंध्रप्रदेश के लिए रवाना हो रही है लेकिन टीम के पास न तो खेल किट हैं और न ही प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए खर्चा भत्ता। ऐसे में खिलाड़ी रवाना होने से पहले प्रतियोगिता में जाने के लिए किट व खर्च भत्ता मांगने के लिए विश्वविद्यालय पहुंचे। साथ ही बीए के विद्यार्थियों ने मांग किया कि प्रतियोगिता के बीच में ही परीक्षा है तो ऐसे में परीक्षा की तिथि बदली जाए। खर्च भत्ता न मिलने के कारण 17 विद्यार्थियों व दो स्टॉफ सदस्यों को अपनी जेब से ही दस हजार रुपयों की टिकट खरीदनी पड़ेगी।
सॉफ्टबाल के खिलाड़ी रोकी, विक्रम, गगनदीप, रवि, ईश्वर व सोनू ने बताया कि विश्वविद्यालय की सॉफ्टबाल टीम नेशनल प्रतियोगिता के लिए आंध्रप्रदेश के लिए रवाना हो रही है। लेकिन खिलाड़ियों को अभी तक ना तो किट मिली ना ही उन्हें खर्च भत्ता मिला। जिसकी मांग के लिए वे शुक्रवार एक बजे वीसी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांग स्पोर्ट्स सचिव अशोक कुमार के सामने रखी तो उन्होंने कहा कि मेरे पास इसका चार्ज नहीं है। जिसके चलते में खर्च भत्ता नहीं दे सकता। चार्ज मिलते ही राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। प्रतियोगिता के दौरान आने वाला खर्च न मिलने के कारण खिलाड़ी वीसी के न रहने के कारण उनसे नहीं मिल पाए। पीए होरीलाल शर्मा ने खिलाड़ियों से बात करी तो खिलाड़ियों ने बताया कि वह नेशनल खेलने के लिए आंध्रप्रदेश जा रहे हैं, उन्हें न ही तो खर्च मिला है ना ही किट। कुछ खिलाड़ियों के पेपर भी प्रतियोगिता के दौरान हैं। जिसके चलते वह परीक्षा नहीं दे पाएंगे। ऐसे में परीक्षा की तिथि को बदला जाए। पीए होरीलाल शर्मा ने कहा कि एक पत्र लिखकर दो देखते हैं, क्या हो सकता है। विद्यार्थियों ने परीक्षा नियंत्रक के नाम प्रतियोगिता परीक्षा तिथि के बीच में आने को लेकर पत्र सौंपा। जिसके बाद खिलाड़ी रजिस्ट्रार से दोबार 3 बजे मिले तो उन्होंने कहा कि सॉफ्टबॉल के खिलाड़ियों की फाइल स्पोर्ट्स सेक्रेटरी अशोक कुमार को भेज दी है उन्हें चार्ज भी दे दिया है। जल्द ही खर्च भत्ता दे दिया जाएगा।
तत्कालीन वीसी, कार्यकारी रजिस्ट्रार व स्पोर्ट्स कौंसिल के बीच नहीं बना तालमेल
सीडीएलयू ने 2016,17 व 17,18 वर्ष की खेल किट व ट्रैक सूट खरीदे हुए हैं। करीब 16 लाख रुपये की लागत आई है। लेकिन अभी तक सीडीएलयू ने इसे खिलाड़ियों को नहीं बांटा। कुछ समय पहले कॉलेजों ने खिलाड़ियों की सूची भी विश्वविद्यालय को भेज दी थी। मार्च 2019 में खेल किट व ट्रैक की एंट्री भी स्टोर में हो चुकी थी। क्योंकि स्पोर्ट्स कौंसिल व तत्कालीन कार्यकारी रजिस्ट्रार राजकुमार सिवाच के बीच तालमेल नहीं बना। तत्कालीन कार्यकारी रजिस्ट्रार ने स्पोर्ट्स कौंसिल की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए थे। तब कनवीनियर व इसके सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पास करके इस्तीफे वीसी विजय कायत को सौंप दिए थे। तब वीसी विजय कायत ने नई एडहॉक कमेटी बनाई गई, जिसके कनवीनयर राजकुमार सिवाच बनाए गए। तब आदेश किए गए कि 19 दिसंबर 2019 से पहले सभी खिलाड़ियों को किट बांटी जाए। इसके लिए बाकायदा वीडियोग्राफी करने के निर्देश थे। कॉलेजों ने खिलाड़ियों की सूची भी भेज दी थी। लेकिन सीडीएलयू की स्पोर्ट्स कौंसिल व न ही एडहॉक कमेटी व कोच हंसराज ने खिलाड़ियों को किट नहीं बांटी। खेल किट व खेल भत्तों को लेकर पहले भी सीडीएलयू के खिलाड़ी अपना विरोध जता चुके हैं।
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खिलाड़ियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके लिए फाइल चला दी गई है। खिलाड़ियों को भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।
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सॉफ्टबाल के खिलाड़ी रोकी, विक्रम, गगनदीप, रवि, ईश्वर व सोनू ने बताया कि विश्वविद्यालय की सॉफ्टबाल टीम नेशनल प्रतियोगिता के लिए आंध्रप्रदेश के लिए रवाना हो रही है। लेकिन खिलाड़ियों को अभी तक ना तो किट मिली ना ही उन्हें खर्च भत्ता मिला। जिसकी मांग के लिए वे शुक्रवार एक बजे वीसी कार्यालय पहुंचे और अपनी मांग स्पोर्ट्स सचिव अशोक कुमार के सामने रखी तो उन्होंने कहा कि मेरे पास इसका चार्ज नहीं है। जिसके चलते में खर्च भत्ता नहीं दे सकता। चार्ज मिलते ही राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। प्रतियोगिता के दौरान आने वाला खर्च न मिलने के कारण खिलाड़ी वीसी के न रहने के कारण उनसे नहीं मिल पाए। पीए होरीलाल शर्मा ने खिलाड़ियों से बात करी तो खिलाड़ियों ने बताया कि वह नेशनल खेलने के लिए आंध्रप्रदेश जा रहे हैं, उन्हें न ही तो खर्च मिला है ना ही किट। कुछ खिलाड़ियों के पेपर भी प्रतियोगिता के दौरान हैं। जिसके चलते वह परीक्षा नहीं दे पाएंगे। ऐसे में परीक्षा की तिथि को बदला जाए। पीए होरीलाल शर्मा ने कहा कि एक पत्र लिखकर दो देखते हैं, क्या हो सकता है। विद्यार्थियों ने परीक्षा नियंत्रक के नाम प्रतियोगिता परीक्षा तिथि के बीच में आने को लेकर पत्र सौंपा। जिसके बाद खिलाड़ी रजिस्ट्रार से दोबार 3 बजे मिले तो उन्होंने कहा कि सॉफ्टबॉल के खिलाड़ियों की फाइल स्पोर्ट्स सेक्रेटरी अशोक कुमार को भेज दी है उन्हें चार्ज भी दे दिया है। जल्द ही खर्च भत्ता दे दिया जाएगा।
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तत्कालीन वीसी, कार्यकारी रजिस्ट्रार व स्पोर्ट्स कौंसिल के बीच नहीं बना तालमेल
सीडीएलयू ने 2016,17 व 17,18 वर्ष की खेल किट व ट्रैक सूट खरीदे हुए हैं। करीब 16 लाख रुपये की लागत आई है। लेकिन अभी तक सीडीएलयू ने इसे खिलाड़ियों को नहीं बांटा। कुछ समय पहले कॉलेजों ने खिलाड़ियों की सूची भी विश्वविद्यालय को भेज दी थी। मार्च 2019 में खेल किट व ट्रैक की एंट्री भी स्टोर में हो चुकी थी। क्योंकि स्पोर्ट्स कौंसिल व तत्कालीन कार्यकारी रजिस्ट्रार राजकुमार सिवाच के बीच तालमेल नहीं बना। तत्कालीन कार्यकारी रजिस्ट्रार ने स्पोर्ट्स कौंसिल की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाए थे। तब कनवीनियर व इसके सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पास करके इस्तीफे वीसी विजय कायत को सौंप दिए थे। तब वीसी विजय कायत ने नई एडहॉक कमेटी बनाई गई, जिसके कनवीनयर राजकुमार सिवाच बनाए गए। तब आदेश किए गए कि 19 दिसंबर 2019 से पहले सभी खिलाड़ियों को किट बांटी जाए। इसके लिए बाकायदा वीडियोग्राफी करने के निर्देश थे। कॉलेजों ने खिलाड़ियों की सूची भी भेज दी थी। लेकिन सीडीएलयू की स्पोर्ट्स कौंसिल व न ही एडहॉक कमेटी व कोच हंसराज ने खिलाड़ियों को किट नहीं बांटी। खेल किट व खेल भत्तों को लेकर पहले भी सीडीएलयू के खिलाड़ी अपना विरोध जता चुके हैं।
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खिलाड़ियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इसके लिए फाइल चला दी गई है। खिलाड़ियों को भविष्य में ऐसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
-राकेश वधवा, रजिस्ट्रार, सीडीएलयू सिरसा।