जामिया विश्वविद्यालय में छात्रों पर हुए लाठी चार्ज व नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में सोमवार को विभिन्न छात्र संगठनों ने अपना रोष प्रकट किया। राजकीय नेशनल कॉलेज के समक्ष एनएसयूआई व सीडीएलयू में एफएसआई ने केंद्र सरकार व दिल्ली पुलिस का पुतला फूंका। सुबह 11 बजे राजकीय नेशनल कॉलेज के बाहर भी एनएसयूओई छात्र संगठन ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर विरोध जताया। छात्र संगठन ने नेशनल कॉलेज के बाहर भी केंद्र सरकार का पुतला फूंका। विद्यार्थियों के ऊपर हुए लाठी चार्ज को लेकर सभी संगठनों में प्रशासन के प्रति गुस्सा नजर आ रहा है।
एनएसयूओई छात्र संगठन के प्रदेश सचिव एवं सिरसा प्रभारी अमरजीत डांगरा, सिरसा हलका अध्यक्ष अमित सहारण व छात्र नेता दीपक गुर्जर के नेतृत्व में उपस्थित विद्यार्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संगठन नेताओं ने कहा कि छात्रों की बर्बरतापूर्वक पिटाई पर पीएम क्यों चुप्पी साधे बैठे हैं। वह केवल चुनावी प्रचार में ही व्यस्त हैं। जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने जामिया विश्वविद्यालय में पढ़ रहे छात्रों पर लाठीचार्ज किया वह निंदनीय है। वहीं एसएफआई के अध्यक्ष हरजीत सिंह गदराना ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस का दाखिल होना ही गलत कदम था। पुलिस ने निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज किया। लेकिन केंद्र सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। नौजवान भारत सभा के सदस्य कुलविंद्र सिंह ने बताया कि नौजवानों पर आए दिन बर्बरतापूर्वक हमले हो रहे हैं। जेएनयू, हैदराबाद, वाराणसी, इलाहाबाद, अलीगढ़ के बाद जामिया इसका जीता जगता उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज आलम यह है कि अगर छात्र अपने हित की आवाज उठाता है, तो उस पर लाठीचार्ज करवा दिया जाता है। इस मौके पर प्रवीन बुडाणिया, राज वाल्मीकि, हरजिंदर सिंह, सुरेंद्र शिंदा, महक भारती, रत्न सुथरा, प्रवीन नैन, अमन सोनी, रवि गुर्जर, अशोक पचार, सोनू लूथरा, अनुज गुर्जर व जेपी सैनी मौजूद थे।

विरोध प्रदर्शन करते विद्यार्थी।- फोटो : Sirsa